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97 साल बाद कारोबार बढ़ाने की तैयारी में यह बैंक, ₹50 के पार पहुंचा शेयर

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Source :- LIVE HINDUSTAN

शेयर बाजार में उछाल के बीच शुक्रवार को साउथ इंडियन बैंक के शेयर को भी खरीदने की होड़ सी मच गई। इस डिमांड की वजह से बैंक के शेयर 50 रुपये के स्तर को पार कर गए और बीएसई पर 50.66 रुपये इसके 52 हफ्ते का हाई हो गया। शेयर की क्लोजिंग ग्रीन जोन में ही 49.95 रुपये पर हुई। बहरहाल, शेयर में यह तेजी ऐसे समय में आई है जब बैंक ने अपने कारोबार विस्तार की योजना के बारे में बताया है।

क्या है बैंक का प्लान?

दरअसल, करीब 97 साल तक मुख्य रूप से केरल में काम करने के बाद साउथ इंडियन बैंक अब अपनी क्षेत्रीय सीमाओं से बाहर निकलने की तैयारी कर रहा है। बैंक के चेयरमैन जोस कट्टूर ने एक इंटरव्यू में कहा, “हम केरल-बेस्ड बैंक रहे हैं लेकिन अब हम दूसरे इलाकों में भी कदम रखेंगे। पश्चिमी इलाके में हमारी मौजूदगी बढ़ी है और हम महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली जैसे इलाकों में इकॉनमी को बढ़ते हुए देख रहे हैं इसलिए हम इन इलाकों में भी अपना कारोबार फैलाएंगे।” दक्षिण भारत में भी कट्टूर चाहते हैं कि बैंक की मौजूदगी बढ़े और वह कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में अपनी शाखाएं खोले। मार्च में नियुक्त किए गए कट्टूर ने तीन दशकों से ज्यादा समय तक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) में काम किया है और जुलाई 2024 से साउथ इंडियन बैंक के बोर्ड में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर शामिल हैं। साउथ इंडियन बैंक नए बिज़नेस सेगमेंट में भी उतरने की योजना बना रहा है। कट्टूर ने कहा कि बैंक क्रेडिट कार्ड और वेल्थ मैनेजमेंट डिवीजन लॉन्च करेगा। हालांकि अभी उसके पास को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड हैं लेकिन योजना खुद के क्रेडिट कार्ड लाने की भी है।

हाल के वर्षों में बैंक की वित्तीय स्थिति में भी सुधार देखने को मिला है। 30 जून तक बैंक का ग्रॉस एनपीए कुल लोन का 1.38% था, जो एक साल पहले 3.15% था। वित्त वर्ष 2025-26 में बैंक का मुनाफा बढ़कर 1,455 करोड़ रुपये हो गया जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह 1,303 करोड़ रुपये और 2023-24 में 1,070 करोड़ रुपये था।

बैंक की कितनी शाखाएं?

बैंक का मुख्यालय केरल के त्रिशूर में है और फिलहाल उसकी 953 शाखाओं में से करीब 53% केरल में हैं। बैंक के कुल 1.04 लाख करोड़ रुपये के लोन बुक में अकेले केरल की हिस्सेदारी करीब 29% है, जबकि अन्य दक्षिण भारतीय राज्यों की हिस्सेदारी 33% है। बाकी कारोबार देश के दूसरे हिस्सों से आता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN