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अमेरिका के अटलांटा फेडरल कोर्ट की जज सुनवाई के दौरान ही चैंबर में अपने प्रेमी पुलिसवाले के साथ संबंध बनाने लगती थीं। इस वजह से कोर्ट में मौजूद लोग काफी असहज महसूस करते थे। जांच में सबूत सामने आने के बाद जज पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं।

अमेरिका के अटलांटा से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक कोर्ट में सुनवाई के दौरान ही जज एक पुलिस अधिकारी के साथ इंटिमेट हो जाती थी। इस दौरान उन्हें इतना भी होश नहीं रहता की बगल में ही कोर्ट में सुनवाई चल रही है और वहां बड़ी संख्या में लोग भी मौजूद हैं। चैंबर से आने वाली आवाजें लोगों को असहज कर देती थीं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक फेडरल जज एलियानोर रोस और एक टॉप के पुलिस अधिकारी के बीच लंबे समय से संबंध थे। दोनों पहले से शादीशुदा भी थे।

मामले के जानकार लोगों के मुताबिक केली कोलियर अटलांटा पुलिस में टॉप के अधिकारी हैं। वहीं रोस की नियुक्ति पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के शासनकाल में हुई थी। 55 साल के कोलियर इस समय अटलांटा पुलिस डिपार्टमेंट में कम्युनिटी सर्विस डिवीजन के कमांडर के तौर पर तैनात हैं। जज और पुलिस अधिकारी की हरकतें सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने उनके खिलाफ जांच शुरू कर दी है।

जूडिशल कमेटी में दी गई शिकायत में बताया गया कि सुनवाई के दौरान भी जज रोस और कोलियर दोनों अकेले होते थे और उनकी वजह से बाहर बैठे लोग असहज हो जाते थे। शुक्रवार शाम को कोलियर को इस बारे में एक नोटिस दिया गया है। हालांकि उनके कार्यालय की तरफ से जवाब दिया गया कि इस समय वह बाहर हैं। कोर्ट से मिले दस्तावेजों के मुताबिक रोस पिछले दो साल से अटलांटा कोर्ट में नियुक्त हैं और नियमित तौर पर आपराधिक मामलों की सुनवाई करते हैं। वहीं वह खुद विवाहेतर संबंधों की आरोपी पाई गई हैं।

जांच कमेटी ने कहा है कि कोलियर 1998 से ही अटलांटा में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कोलियर एनालिटिक्स, कंप्यूटर टेक्नॉलजी और प्रबंधन से जुड़ी रणनीति तैयार करने के लिए जाने जाते हैं। वहीं रोस को 2014 में जॉर्जिया में उत्तरी जिले की कोर्ट में जज बनाया गाय था। उनका नाम पहले राजनीतिक कार्यक्रमों में जाने को लेकर भी सामने आया था। हालांकि उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार कर दिाय था।

जज रोस ने जॉर्जिया स्टेट कोर्ट के जज ब्रायन रॉस से शादी की थी। शुरुआत में तो जज ने सारे आरोपों को खारि कर दिया। हालांकि जांच कमेटी ने उनके खिलाफ सबूत इकट्ठे कर लिए गए तो जज साहिबा पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए गए। उन्हें फेडरल कोर्ट मेंचीफ जज बनने और न्यायिक समितियों में शामिल होने से भी प्रतिबंधित कर दिया गया। इसके अलावा जज को आदेश दिया गया है कि वह कम से कम 6 क्लर्कों को लिखित में माफीनामा दें।

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