Source :- LIVE HINDUSTAN
andhi barish bijali chamak rhi to kya sawdhani rakhen: आंधी, बारिश और बिजली की गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश हो रही है। लेकिन ये बारिश आफत ना बन जाए इसलिए कुछ सावधानी जरूरी है। जैसे ऐसे खराब मौसम में खुले आसमान के नीचे कौन सी सावधानी और बचाव करें, जानें….
आंधी-बारिश के मौसम में कभी भी बिजली गिरने का खतरा रहता है। कर्नाटक में एक आईटी इंजीनियर जिसने नौकरी छोड़कर खेती के काम से जुड़े बिजनेस को शुरु किया था। उसकी मौत खेत में आम के पेड़ के नीचे बिजली गिरने से हो गई। दरअसल, काफी सारे लोगों को इस बात की जानकारी नहीं होती कि जब बिजली चमक रही हो और बारिश होने वाली हो तो ऐसे समय में खुद को बिजली के कहर से बचाने के लिए क्या करना चाहिए। कंक्रीट से बने मकान और छत तो आपको बिजली गिरने से बचा सकते हैं। लेकिन जब आप किसी खुले मैदान में हो और आसमान से बिजली गिरने का खतरा बन रहा हो, तेज बारिश और आंधी आ रही हो उस वक्त ये 4 सावधानी जरूर रखें और जानें 3 ऐसे काम जो बचा सकते हैं जान।
पेड़ के नीचे या आसपास ना खड़े हों
खुले आसमान के नीचे अगर दूर-दूर तक कोई कंक्रीट की छत नही है तो बिजली चमकने या बारिश होने पर पेड़ के आसपास भी ना जाएं। पेड के नीचे खड़े होने की गलती बिल्कुल भी ना करें। सबसे ज्यादा बिजली गिरने का खतरा पेड़ों पर होता है। ऐसे में ये बिजली आपके ऊपर या आसपास गिर सकती है।
छाता खोलकर ना खड़े हो जाएं
जब तेज बारिश और आंधी के साथ बिजली गरज-चमक रही हो तो उस वक्त घर की छत पर, सड़क पर कहीं भी खुले आकाश के नीचे छाता खोलकर ना खड़े हों। दरअसल, छाते में लोहे और स्टील के रॉड लगे होते हैं जो बिजली के सुचालक हैं। ऐसे में बिजली गिरने का पूरा डर बना रहता है।
मोबाइल फोन से रखें दूरी
बारिश में फोन भीग जाएगा इस बात की परवाह तो सबको होती है। लेकिन खराब मौसम में मोबाइल फोन का यूज भूलकर भी ना करें। मोबाइल के इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल्स बिजली गिरने के खतरे को और बढ़ा देते हैं।
खुली छत पर भी ना खड़े
खुले मैदान के साथ ही अपने खुली छत पर भी ऐसे खराब मौसम में नहीं खड़े होना चाहिए।
बारिश-आंधी और बिजली चमके तो क्या करना चाहिए
अगर आप किसी खुले मैदान, खेत जैसी जगह पर हैं जहां किसी तरह का घर वगैरह नहीं है तो आपको ये 3 काम जरूर करने चाहिए।
- सबसे पहले एक दूसरे से कम से कम 100 फीट की दूरी बना लें। दो लोगों को एक साथ में नहीं रहना चाहिए।
- जमीन पर उकड़ू यानी मलासन की मुद्रा में बैठकर कानों को बंद कर लेना चाहिए।
- िपैरों में चप्पल या सैंडल जरूर पहनना चाहिए। पैर का संपंर्क सीधे जमीने से ना हो।
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