Source :- LIVE HINDUSTAN
जीएमआर एयरपोर्ट्स लिमिटेड वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में घाटे से उबरकर 400.49 करोड़ रुपये के मुनाफे में आ गई है। कंपनी को वित्त वर्ष 2024-25 की समान तिमाही में 252.66 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
GMR airports share price: एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की प्रमुख कंपनी – जीएमआर एयरपोर्ट्स लिमिटेड (जीएएल) ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस तिमाही में कंपनी घाटे से उबरकर 400.49 करोड़ रुपये के मुनाफे में आ गई है। इस माहौल के बीच कंपनी के शेयर को लेकर एक्सपर्ट बुलिश नजर आ रहे हैं।
शेयर का परफॉर्मेंस
जीएमआर एयरपोर्ट्स लिमिटेड के शेयर की बात करें तो यह शुक्रवार को 100 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। इस शेयर को लेकर ब्रोकरेज एलारा कैपिटल ने बाय रेटिंग दी है। इसके साथ ही ₹140 का टारगेट प्राइस दिया है। वर्तमान कीमत से शेयर 40 पर्सेंट से अधिक बढ़ सकता है। बता दें कि दिसंबर 2025 में शेयर 110.30 रुपये पर था। यह शेयर के 52 हफ्ते का हाई है। दिसंबर 2025 में शेयर ने इस स्तर को पार किया।
कैसे रहे तिमाही नतीजे
जीएमआर एयरपोर्ट्स लिमिटेड वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में घाटे से उबरकर 400.49 करोड़ रुपये के मुनाफे में आ गई है। कंपनी को वित्त वर्ष 2024-25 की समान तिमाही में 252.66 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
जीएमआर एयरपोर्ट्स लिमिटेड ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी की कुल आय बढ़कर 4,042.90 करोड़ रुपये हो गई, जो 2024-25 की समान तिमाही में 2,976.76 करोड़ रुपये थी। दिल्ली, हैदराबाद और अन्य शहरों में हवाई अड्डों का संचालन करने वाली इस कंपनी ने पूरे वित्त 2025-26 में 472 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। कंपनी ने बताया कि पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में उसकी कुल आय बढ़कर 15,200.75 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में 10,835.89 करोड़ रुपये थी।
ब्रोकरेज ने क्या कहा?
ब्रोकरेज रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली एयरपोर्ट (DIAL) कंपनी की कमाई का सबसे बड़ा आधार बना हुआ है। टैरिफ संशोधन और ड्यूटी-फ्री, कार्गो और रिटेल बिजनेस की मजबूत ग्रोथ से दिल्ली एयरपोर्ट की आय और EBITDA में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। हैदराबाद एयरपोर्ट ने भी स्थिर प्रदर्शन किया जबकि गोवा के मोपा एयरपोर्ट ने यात्री संख्या बढ़ने के साथ सकारात्मक EBITDA दर्ज किया।
ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाले महीनों में कंपनी के लिए कई बड़े ट्रिगर मौजूद हैं। हैदराबाद एयरपोर्ट पर टैरिफ रिविजन और दिल्ली-हैदराबाद एयरपोर्ट पर कमर्शियल रियल एस्टेट से कमाई बढ़ने की संभावना है।
कंपनी अब अपने भारी निवेश वाले चरण के आखिरी दौर में है। FY26 में कंपनी का नेट डेट यानी कर्ज करीब ₹34,000 करोड़ रहा लेकिन अगले 24 महीनों में यह बहुत कम हो सकता है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY26 से FY29 के बीच कंपनी का EBITDA औसतन 17 फीसदी सालाना की दर से बढ़ सकता है।
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