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बॉलीवुड एक्टर राजेंद्र कुमार एक शादी में शामिल होने गए थे। इस शादी में उन्होंने एक ऐसा गाना सुन लिया जिसके बाद वो अपने आंसू नहीं रोक पाए। उन्होंने रोते हुए गाना गाने वाले से पूछा कि ये गाना आखिर किस फिल्म का है?

60 के दशक में हिंदी सिनेमा ने कई यादगार फिल्में दी। राजेंद्र कुमार, राजेश खन्ना जैसे एक्टर्स ने इस दशक पर अपनी फिल्मों से राज किया। वहीं इस दौर में म्यूजिक भी बदल रहा था। कई शानदार गाने बने। म्यूजिक के साथ कंपोजर ने कई तरह का एक्सपेरिमेंट किया। इसी दौरान में एक ऐसा गाना भी बना जो अमर हो गया। इस गाने को तीन दिग्गज कलाकार साहिर लुधियानवी, रवि और मोहम्मद रफी ने यादगार बनाया था। गाने के बोल जब एक्टर राजेंद्र कुमार ने किसी शादी में सुने तो रो पड़े। रोते हुए उन्होंने पूछा कि ये गाना इस फिल्म का है।

फिल्म नील कमल का वो गाना

ये बात 60 के दशक के जाते हुए कुछ सालों की है। उस समय बलराज साहनी, राजकुमार और मनोज कुमार स्टारर फिल्म नील कमल बन रही थी। इस फिल्म के लिए एक गाना चाहिए था। म्यूजिक कंपोजर रवि ने फिल्म का म्यूजिक तैयार किया और उस खास गाने के लिए साहिर लुधियानवी से गीत लिखवाए। इस गाने को आवाज दी थी मोहम्मद रफी ने और गाना था ‘बाबुल की दुआएं लेती जा’। गाने को रिकॉर्ड करने की एक अलग कहानी है। उसके बारे में हम आगे बात करेंगे।

रोने लगे थे राजेंद्र कुमार

रवि ने मोहम्मद रफी के साथ ये गाना रिकॉर्ड कर लिया था। फिल्म नील कमल के लिए ये गाना रिकॉर्ड किया गया था। लेकिन फिल्म की रिलीज से पहले गीतकार राजेंद्र कृष्णन की बेटी की शादी आ गई। इस शादी में इंडस्ट्री से तमाम बड़े लोग शामिल हुए। एक्टर राजेंद्र कुमार भी मौजूद थे। इसी दौरान राजेंद्र कृष्णन ने अपनी बेटी की शादी में गाना गाने के लिए म्यूजिक कंपोजर से रवि से रिक्वेस्ट की। रवि ने इस रिक्वेस्ट को मान लिया लेकिन एक शर्त रखी की वो इस गाने को विदाई के वक्त ही गाएंगे। विदाई की रस्म शुरू हुई। और रवि ने अपने हाथ में माइक लिया। उन्होंने पूरी शिद्दत और भावों के साथ अपनी ही धुनों पर बना गाना ‘बाबुल की दुआएं लेती जा’ सुनाया। माहौल इमोशनल हो चुका था। सभी ने आंसुओं के साथ बेटी की विदाई की गई। लेकिन तभी एक्टर राजेंद्र कुमार कंपोजर रवि के साथ पहुंचे और रोते हुए पूछा कि ये किस फिल्म का गाना है। फिल्म उस समय रिलीज नहीं हुई थी तो रवि ने इस गाने के बारे में जानकारी दी।

रफी साहब की आवाज भी हुई भारी

फिल्म नील कमल के गाने को गाते समय मोहम्मद रफी भी रो पड़े थे। दरअसल, कुछ समय पहले ही रफी साहब ने अपनी बेटी की मंगनी की थी। और जब वो विदाई गीत गा रहे थे तो उन्हें अपनी बेटी की याद आ गई। और उनकी आवाज भारी हो गई। लेकिन म्यूजिक कंपोजर रवि ने अपने गाने में पिता के इस दर्द को रहने दिया। गाने में एक जगह रफी साहब की भारी आवाज भी सुनाई देती है।

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