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Methi Water Benefits: मेथी दाने का पानी पीने की सलाह तो कई जगह से आपको मिल जाती होगी। लेकिन क्या कोई ये बताता है कि दिन के कौन से वक्त मेथी वाटर पीना सही होता है। कुछ कहते हैं कि सुबह पियो, कोई बोलता है शाम को पिओ। ऐसे में जानना जरूरी है कौन से वक्त पीने से होगा सटीक फायदा।

डॉक्टर के पास जब हम दवा लेने जाते हैं तो हर दवा का टाइम डिसाइड होता है। जिसे ठीक समय पर ही खाया जाता है। लेकिन जब लोग घरेलू उपचार या आयुर्वेदिक नुस्खे आजमा रहे होते हैं तो इस रूल को फॉलो नहीं करते। जबकि इन घरेलू नुस्खों पर भी सेम रूल अप्लाई करता है। आपकी दवा खाने की टाइमिंग अलग-अलग समस्या पर असर करती है। जैसे मेथी सीड्स, इसको सुबह या शाम दोनों वक्त लिया जा सकता है। लेकिन दोनों समय पीने से शरीर की अलग-अलग बीमारियों और समस्याओं में आराम मिलता है। ये हम नहीं सेलिब्रेटीज की न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह बता रहीं। उन्होंने फैंस के साथ जानकारी शेयर की है और बताया है कि सुबह और रात को मेथी दाना वाटर पीने के अलग-अलग फायदे होते हैं। इसलिए किसी भी वक्त पीकर सही फायदा नहीं लिया जा सकता है।

सुबह के समय मेथी दाना वाटर पीने से क्या होगा?

न्यूट्रिशनिस्ट ने बताया कि सुबह खाली पेट अगर मेथी सीड्स वाटर पिया जाए तो इससे इन बीमारियों में आराम मिलता है।

1- ब्लड शुगर कंट्रोल

2- इंसुलिन रेजिस्टेंस

3- शुगर क्रेविंग्स

4- और, पीसीओएस की समस्या

खाली पेट मेथी दाने का पानी पीने से इन चार समस्याओं में आराम मिलता है। लगातार एक से दो महीने पीने पर आपको इफेक्टिव रिजल्ट्स नजर आएंगे। वैसे आप चाहें तो मेथी दाने के पानी के साथ भीगे हुए दानें भी खा सकती हैं। मेथी सीड्स वाटर मॉर्निंग में आपके ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल कर इंसुलिन रेजिस्टेंस भी ठीक करता है, मीठे की क्रेविंग भी खत्म होती है। वहीं पीसीओस में भी मेथी सीड्स वाटर फायदा पहुंचाता है।

रात को मेथी दाना खाने से क्या होगा?

वहीं अगर आप खाना खाने यानि डिनर के बाद मेथी सीड्स वाटर को पीते हैं तो ये शरीर पर दूसरी बीमारियों पर असर दिखाता है। रात को मेथी दाने का पानी डाइजेशन पर ज्यादा तेजी से असर दिखाता है। जिस किसी को भी ब्लोटिंग, कब्ज या फिर कमजोर डाइजेशन की शिकायत रहती है उसको रात को सोने से पहले या फिर डिनर के फौरन बाद एक से डेढ़ चम्मच भीगे हुए मेथी के दाने चबाकर खाने चाहिए। भीगे मेथी के दाने में नेचुरल फाइबर होता है और साथ ही ये काफी लुब्रिकेंट भी होता है। इसी वजह से तेजी से कब्ज पर असर दिखाता है। साथ ही डाइजेशन को भी बढ़ाने में मदद करता है।

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