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केंद्र सरकार मिलिट्री ड्रोन खरीदने के लिए अपना अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर दे सकती है। यह ऑर्डर 20000 करोड़ रुपये से ज्यादा का हो सकता है। ड्रोन कंपनियों के शेयर गुरुवार को 11% तक उछल गए हैं।
ड्रोन बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में गुरुवार को तूफानी तेजी आई। इन कंपनियों के शेयरों में यह तेजी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के बाद आई है। रॉयटर्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत सरकार मिलिट्री ड्रोन खरीदने का अपना अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर दे सकती है। यह ऑर्डर 2 अरब डॉलर (20000 करोड़ रुपये) से ज्यादा का हो सकता है। ड्रोन बनाने वाली घरेलू कंपनियों को इस ऑर्डर से सबसे बड़ा फायदा हो सकता है।
11% से ज्यादा उछल गए जेन टेक्नोलॉजीज के शेयर
ड्रोन कंपनी जेन टेक्नोलॉजीज (ZEN Technologies) के शेयर गुरुवार को रॉकेट सा उड़ गए। जेन टेक्नोलॉजीज के शेयर गुरुवार को BSE में इंट्राडे के दौरान 11 पर्सेंट से अधिक के उछाल के साथ 1886.10 रुपये पर पहुंच गए। कारोबार के आखिर में कंपनी के शेयर 7 पर्सेंट से ज्यादा की तेजी के साथ 1809.80 रुपये पर बंद हुए हैं। इस साल अब तक जेन टेक्नोलॉजीज के शेयरों में 33 पर्सेंट से अधिक का उछाल आया है। ड्रोन कंपनी के शेयरों का 52 हफ्ते का हाई लेवल 2268.15 रुपये है। वहीं, कंपनी के शेयरों का 52 हफ्ते का निचला स्तर 1224 रुपये है।
आइडियाफोर्ज के शेयरों पर लगा अपर सर्किट
ड्रोन कंपनी आइडियाफोर्ज टेक्नोलॉजी के शेयरों में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। आइडियाफोर्ज टेक्नोलॉजी(ideaForge Technology) के शेयर गुरुवार को 5 पर्सेंट के अपर सर्किट के साथ 898.60 रुपये पर बंद हुए। ड्रोन कंपनी के शेयरों ने गुरुवार को अपना 52 हफ्ते का नया हाई भी बनाया है। पिछले 6 महीने में आइडियाफोर्ज टेक्नोलॉजी के शेयर 98 पर्सेंट से अधिक उछल गए हैं। वहीं, इस साल अब तक कंपनी के शेयरों में 94 पर्सेंट की तेजी देखने को मिली है। आइडियाफोर्ज टेक्नोलॉजी के शेयरों का 52 हफ्ते का निचला स्तर 367.95 रुपये है।
20000 करोड़ रुपये से ज्यादा की हो सकती है ड्रोन खरीद
ड्रोन फेडरेशन इंडिया के प्रेसिडेंट स्मित शाह ने रॉयटर्स को बताया कि अगले चरण में ड्रोन खरीद 20,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की हो सकती है। इंडस्ट्री बॉडी 550 से अधिक कंपनियों का प्रतिनिधित्व करती है और पॉलिसी, इकोसिस्टम डिवेलपमेंट पर सरकार के साथ मिलकर काम करती है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रेक्योरमेंट प्लान एडवांस्ड स्टेज में है और इसे फास्ट ट्रैक एक्विजिशन रूट के जरिए पूरा किया जा सकता है। डिलीवरीज अगले 18 से 24 महीने में पूरी हो सकती हैं। डिफेंस मिनिस्ट्री ने इस पूरे मामले को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। भारत में ड्रोन और इनके कंपोनेंट्स बनाने वाली 600 से ज्यादा कंपनियां हैं, जिनमें 100 से ज्यादा डिफेंस एप्लीकेशंस पर फोकस करती हैं।
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