Source :- LIVE HINDUSTAN

भारतीय शेयर बाजार में पिछले सप्ताह कमजोरी का माहौल देखने को मिला, जिसका असर देश की सबसे बड़ी कंपनियों पर भी साफ दिखाई दिया। BSE सेंसेक्स की टॉप-10 कंपनियों में से 7 कंपनियों के मार्केट कैप में कुल मिलाकर करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये की भारी गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट में सबसे बड़ा नुकसान देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज को हुआ। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

BSE सेंसेक्स 532.40 अंक नीचे गिरा

बीते सप्ताह के दौरान BSE सेंसेक्स 532.40 अंक यानी 0.71 प्रतिशत गिर गया, जबकि NSE निफ्टी में 181.05 अंकों यानी 0.76 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। बाजार में बिकवाली और निवेशकों की सतर्कता का असर बड़ी कंपनियों के शेयरों पर भी देखने को मिला।

किसे हुआ सबसे ज्यादा नुकसान?

सबसे ज्यादा नुकसान रिलायंस इंडस्ट्रीज को हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 39,718 करोड़ रुपये घटकर 17.47 लाख करोड़ रुपये रह गया। इसके बाद आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी टीसीएस (TCS) को झटका लगा, जिसका बाजार मूल्यांकन 20,134 करोड़ रुपये कम होकर 7.95 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

टेलीकॉम सेक्टर की प्रमुख कंपनी भारती एयरटेल का मार्केट कैप भी 18,736 करोड़ रुपये घट गया और यह 10.96 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। वहीं इंफ्रास्ट्रक्चर दिग्गज लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का बाजार मूल्य 16,880 करोड़ रुपये घटकर 5.43 लाख करोड़ रुपये रह गया।

सरकारी बीमा कंपनी LIC को भी बड़ा नुकसान हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 14,610 करोड़ रुपये कम होकर 5.05 लाख करोड़ रुपये रह गया। इसके अलावा बजाज फाइनेंस का मूल्यांकन 9,681 करोड़ रुपये घटकर 5.53 लाख करोड़ रुपये और हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप 5,909 करोड़ रुपये घटकर 4.98 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

किन कंपनियों का मार्केट कैप बढ़ा?

हालांकि, इस दौरान कुछ कंपनियों ने निवेशकों को राहत भी दी। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI का बाजार पूंजीकरण 12,692 करोड़ रुपये बढ़कर 9.02 लाख करोड़ रुपये हो गया। निजी क्षेत्र के दिग्गज ICICI बैंक का मार्केट कैप 4,484 करोड़ रुपये बढ़कर 9.05 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं HDFC बैंक का मूल्यांकन भी 4,101 करोड़ रुपये बढ़कर 11.50 लाख करोड़ रुपये हो गया।

मार्केट कैप के आधार पर देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज बनी हुई है। इसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, एलआईसी और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान है।

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और बाजार में मुनाफावसूली के चलते बड़ी कंपनियों के शेयर दबाव में रहे। हालांकि, बैंकिंग सेक्टर में निवेशकों का भरोसा बना हुआ है, जिसकी वजह से HDFC बैंक, ICICI बैंक और SBI जैसे शेयरों ने मजबूती दिखाई। आने वाले हफ्तों में निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम, ब्याज दरों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी, जो बाजार की अगली दिशा तय कर सकते हैं।

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