Source :- LIVE HINDUSTAN
बांग्लेदाश में बच्चों की जान सांसत में है। वहां लंबे समय से खसरे के प्रकोप में मासूमों की जान जा रही है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में ही खसरा संक्रमण के 972 मामले सामने आए हैं। इस दौरान चार बच्चों की भी मौत हो चुकी है।
पूर्वी पड़ोसी देश बांग्लादेश में मासूमों पर आफत आई हुई है। वहां जानलेवा खसरे (Measles) का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। आलम यह है कि अब तक पूरे बांग्लादेश में 656 बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि देश भर में संदिग्ध मामलों की संख्या बढ़कर 86,923 हो चुकी है। पिछले 24 घंटों में ही खसरा संक्रमण के 972 मामले सामने आए हैं। इस दौरान चार बच्चों की भी मौत हो चुकी है। इससे देश भऱ में कुल मरने वालों की संख्या 656 हो गई है।
ढाका ट्रिब्युन की खबर के मुताबिक, सोमवार (15 जून) की सुबह 8:00 बजे तक पिछले 24 घंटों में देश में खसरे और खसरे जैसे लक्षणों के कारण चार और बच्चों की मौत हो गई, जिससे मरने वालों की कुल संख्या 656 हो गई है। बांग्लादेश के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) ने नई मौतों में से एक को खसरे से हुई पक्की मौत और तीन अन्य को संदिग्ध मामला माना है। इसके अलावा लैब में पुष्ट हुई खसरे से मौतों की संख्या 93 ही बताई जा रही है।
71,467 मरीज अस्पताल में भर्ती
DGHS के आंकड़ों के अनुसार, 15 मार्च से देश भर में खसरे के संदिग्ध लक्षणों वाले कुल 71,467 मरीज़ों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से 67,878 ठीक हो चुके हैं। इस बीच, खसरे के 64 नए कन्फर्म मामले दर्ज किए गए, जिससे लैब में पुष्टि हुए संक्रमणों की कुल संख्या 10,387 हो गई।
खसरा महामारी नहीं
बता दें कि खसरा अपने आप में कोई एक ‘महामारी’ (Pandemic) नहीं है, बल्कि यह एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है जो दुनिया भर के कई हिस्सों में समय-समय पर स्थानीय प्रकोप के रूप में फैलती है। यह मुख्य रूप से बच्चों को प्रभावित करती है और टीके (MMR) की मदद से इसे पूरी तरह से रोका जा सकता है। यह दुनिया की सबसे तेजी से फैलने वाली बीमारियों में से एक है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से वायरस हवा में और सतहों पर दो घंटे तक जीवित रह सकता है।
क्या हैं इसके लक्षण?
इस बीमारी के लक्षणों में बच्चे को तेज बुखार, लगातार नाक बहना, लगातार खांसी रहना, लाल आंखें (कंजंक्टिवाइटिस) और पूरे शरीर पर लाल चकत्ते (रैशेज) होना शामिल हैं। इससे बचाव के लिए एमएमआर (MMR) का टीका सबसे प्रभावी और सुरक्षित उपाय है। हाल के वर्षों में दुनिया के कई देशों में इसके मामलों में अचानक उछाल देखा गया है। इसकी मुख्य वजह बच्चों का टीकाकरण न होना है।
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