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नेपाल को भारत का ‘चाय वाला’ सबक, पड़ोसी देश में दर्जनों फैक्ट्रियां बंद; क्या वजह?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

नेपाल में चाय उत्पादकों की परेशानियां बढ़ गई हैं। भारत के चाय बोर्ड ने चाय की गुणवत्ता को लेकर जांच के नियम बढ़ा दिए हैं। इसकी वजह से कई टन चाय जांच केंद्रों पर है, जबकि उससे भी ज्यादा नेपाल की फैक्ट्रियों में पड़ी हुई है। इसकी  वजह से दर्जनों पड़ोसी देश में दर्जनों फैक्ट्रियों को बंद करना पड़ा है।

भारत और पड़ोसी देश नेपाल के रिश्ते पिछले काफी समय से उतार-चढ़ाव वाले रहे हैं। हाल ही में जेन जी क्रांति के बाद सत्ता में आई बालेन शाह सरकार ने भी भारत के साथ रिश्तों पर ज्यादा गर्मजोशी नहीं दिखाई। अब भारत के टी बोर्ड ने ऐसा फैसला लिया है, जिससे नेपाल की दर्जनों चाय फैक्ट्रियां ठप पड़ गई हैं। नेपाली मीडिया के मुताबिक इन फैक्ट्रियों ने उत्पादन बंद कर दिया है और सरकार से भारत से बात करके मुद्दा सुलझाने की अपील की है।

दरअसल यह पूरा मामला भारतीय टी बोर्ड द्वारा देश में आने वाली चाय के क्वालिटी टेस्ट के नियमों को और भी ज्यादा सख्त करने से जुड़ा हुआ है। बोर्ड का कहना है कि वह सुनिश्चित करना चाहता है कि भारत में जो भी चाय आए वह गुणवत्ता के मानकों पर खरी उतरे। इसकी वजह से भारत आने वाली कई टन चाय अभी क्वालिटी सेंटर्स पर फंसी हुई है। दूसरी तरफ नेपाल के छापा और अन्य इलाकों की फैक्ट्रियों में भी बड़े स्तर पर माल पड़ा हुआ है। इसकी वजह से इनका काम बंद कर दिया गया है। क्योंकि इन फैक्ट्रियों के माल का सबसे बड़ा खरीददार भारत ही है, जब भारत में माल जाना बंद हो गया है तो फिर यहां संकट बढ़ गया है।

भारतीय टी बोर्ड का बयान

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय टी बोर्ड के उपाध्यक्ष सी. मुरुगन ने कहा, “हमने भारत में आने वाली सभी चाय की 100 प्रतिशत जांच के आदेश दिए हैं। इसमें नेपाल की चाय भी शामिल है।” उन्होंने बताया कि यह कदम भारतीय ग्राहकों की सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। यह नियम केवल विदेशी चाय पर ही नहीं बल्कि भारतीय चाय पर भी लागू होगा।

नेपाल में चाय उत्पादक क्या बोले?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नेपाल हर साल करीब 5 अरब नेपाली रुपए की चाय भारत को निर्यात करता है। अब जबकि भारत में चाय को लेकर नियम सख्त कर दिए हैं, तो नेपाल की चाय फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों और कच्चे माल का उत्पादन करने वाले किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। फैक्ट्रियों में बड़ी मात्रा में माल पड़ा हुआ है, जो कि लोगों की परेशानी बड़ा रहा है। नेपाल टी प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन का कहना है कि भारत की तरफ से बनाए गए इन नए नियमों की वजह से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन करके नेपाली टी प्रोड्यूसर्स ने बालेन सरकार से इस मुद्दे पर भारत सरकार से बात करने की अपील की है। इतना ही नहीं उन्होंने भारतीय बाजार के विकल्प के रूप में पाकिस्तान और बांग्लादेश से बातचीत करने की पहल करने के लिए भी कहा है।

नेपाल सरकार ने भी इस मुद्दे पर अपना बयान जारी किया है। नेपाल की कृषि मंत्री गीता चौधरी ने कहा कि सरकार इस मुद्दे को सुलझाने के लिए कूटनीतिक और तकनीकी स्तर पर चर्चा कर रही है। चाय निर्यातकों की यह परेशानी जल्दी ही सुलझा ली जाएगी।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN