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रिलायंस AGM 2026 में Jio ने AI को लेकर कई बड़े ऐलान किए हैं। MyJio अब AI-Powered पर्सनल एडवाइजर बनेगा, Jio Calls में AI वॉइस असिस्टेंट मिलेगा और जामनगर में AI डाटा सेंटर तैयार किया जाएगा।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की AGM 2026 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सबसे बड़ा हाइलाइट्स में से एक रहा। कंपनी ने साफ कर दिया कि वह केवल AI बेस्ड ऐप्स या सेवाएं लॉन्च करने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि भारत का पूरा AI इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। रिलायंस चेयरमैन मुकेश अंबानी और रिलायंस जियो इन्फोकॉम के चेयरमैन आकाश अंबानी ने कई बड़े ऐलान किए, जिनका मकसद AI को आम भारतीयों के लिए अफॉर्डेबल बनाना है।
आकाश अंबानी ने कहा कि रिलायंस का मकसद AI को उसी तरह लोकतांत्रिक बनाना है, जैसा जियो ने इंटरनेट डाटा के साथ किया था। कंपनी का मानना है कि AI भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी बनने जा रही है और इसका फायदा केवल बड़ी कंपनियों तक लिमिटेड नहीं रहना चाहिए। रिलायंस का विजन है कि AI हर भारतीय, हर बिजनेस और हर इंडस्ट्री तक पहुंचे।
MyJio अब बनेगा AI-Powered पर्सनल एडवाइजर
AGM में आकाश अंबानी ने घोषणा की कि MyJio ऐप अब सिर्फ रिचार्ज और अकाउंट मैनेजमेंट का प्लेटफॉर्म नहीं रहेगा। इसे AI-powered Personal Advisor में बदला जाएगा। नई AI कैपेबिलिटीज के साथ MyJio यूजर की जरूरतों और यूजेस के पैटर्न को समझकर व्यक्तिगत सुझाव देगा। यह सही प्लान चुनने, डाटा यूजेस को अच्छे से मैनेज करने, OTT सेवाओं के सजेशंस देने और अलग-अलग डिजिटल सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाने में मदद कर सकेगा।
भविष्य में यह एक डिजिटल AI कंसीयर्ज की तरह काम कर सकता है, जो यूजर की जरूरतों को पहले से समझकर सजेशंस दे।
Jio Calls में मिलेगा AI वॉइस असिस्टेंट
आकाश अंबानी ने यह भी बताया कि Jio अपने कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म्स में जेनरेटिव AI को शामिल कर रहा है। इसके तहत Jio Calls में AI वॉइस असिस्टेंट को इंटीग्रेट किया जाएगा। यह AI असिस्टेंट कॉलिंग एक्सपीरियंस को ज्यादा स्मार्ट और मिनिमल बना सकता है। कस्टमर सर्विस, वॉइस इंटरैक्शन और भारतीय भाषाओं में बातचीत को बेहतर बनाने पर खास जोर दिया जा रहा है। इससे AI सीधे करोड़ों मोबाइल यूजर्स की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन सकता है।
जामनगर में भारत का AI बैकबोन
AGM की सबसे बड़ी घोषणाओं में से एक जामनगर AI इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट रही। आकाश अंबानी ने बताया कि रिलायंस इंटेलिजेंस गुजरात के जामनगर में भारत का ‘Sovereign AI Backbone’ तैयार कर रही है। यह बड़ा AI इंफ्रास्ट्रक्चर रिलायंस की अपनी सोलर ऊर्जा से ऑपरेट होगा। कंपनी के मुताबिक, इसका पहला 120 मेगावाट चरण 2026 के आखिर तक चालू हो जाएगा। इसमें अगली पीढ़ी की कंप्यूटिंग क्षमता होगी, जो 2 लाख से ज्यादा NVIDIA H100-equivalent GPUs के बराबर बताई गई है।
प्रोजेक्ट का उद्देश्य भारत को AI कंप्यूटिंग के मामले में आत्मनिर्भर बनाना और विदेशी इंफ्रास्ट्रक्चर पर मौजूदा निर्भरता को कम करना है।
कुल मिलाकर AGM 2026 में यह साफ हो गया कि रिलायंस की AI स्ट्रेटजी कई स्तरों पर काम कर रही है। एक तरफ कंपनी जामनगर में विशाल AI डाटा सेंटर और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही है। दूसरी तरफ AI वॉइस असिस्टेंट और MyJio AI एडवाइजर जैसे कंज्यूमर-सेंट्रिक प्रोडक्ट डिवेलप किए जा रहे हैं। साथ ही भारतीय भाषाओं के लिए AI मॉडल और स्थानीय जरूरतों से जुड़ी सेवाओं पर भी काम चल रहा है।
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