Source :- LIVE HINDUSTAN
Jio IPO: अगर मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के आईपीओ का इंतजार कर रहे थे तो ये खबर आपके काम की हो सकती है। दरअसल, कंपनी के निदेशक मंडल ने प्रस्तावित आईपीओ के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) को मंजूरी दे दी है। DRHP को अब सेबी, बीएसई और एनएसई के पास मंजूरी के लिए दाखिल किया जाएगा।
27 करोड़ शेयरों का फ्रेश इश्यू
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने आईपीओ को बोर्ड से मिली मंजूरी के बारे में स्टॉक एक्सचेंज को भी जानकारी दी है। कंपनी ने बताया, ”जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ के तहत 27 करोड़ इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू लाएगी। प्रत्येक शेयर का फेस वैल्यू 10 रुपये होगा। शेयरों की अंतिम कीमत बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया के जरिए तय की जाएगी।”
क्या है फ्रेश इश्यू का मतलब?
यह आईपीओ पूरी तरह से फ्रेश इश्यू के रूप में प्रस्तावित है। इसका मतलब है कि इस आईपीओ से जुटाई गई रकम सीधे कंपनी के पास जाएगी। इसके उलट, किसी आईपीओ में मौजूदा प्रमोटर या निवेशक अपने शेयर बेचते हैं तो उसे ऑफर फॉर सेल (OFS) कहा जाता है। बहरहाल, आईपीओ में जियो को फ्रेश शेयरों की बिक्री कर बड़ी मात्रा में फंड जुटाने का मौका मिलेगा। इस फंड का उपयोग कंपनी अपने कारोबार के विस्तार, 5G नेटवर्क, डिजिटल सेवाओं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर और अन्य रणनीतिक परियोजनाओं में कर सकती है।
निवेशकों के लिए कितना जरूरी?
आईपीओ पर दांव लगाने वाले निवेशकों को कंपनी से जुड़े हर पहलू पर गौर करना चाहिए। यह देखना अहम है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज फ्रेश शेयर से जुटाई गई पूंजी का कहां इस्तेमाल करती है। इसका सही इस्तेमाल होने से कंपनी की कमाई बढ़ेगी तो लंबे समय में निवेशकों को इसका फायदा भी मिल सकता है। बहरहाल, जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस का इंतजार है। इसमें कंपनी अपनी आईपीओ और फ्यूचर की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दे सकती है।
मुकेश अंबानी ने क्या कहा?
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कंपनी की 49वीं वार्षिक आम बैठक में कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स के निदेशक मंडल की मंजूरी के बाद दस्तावेज शुक्रवार को सेबी के समक्ष दाखिल किए जाएंगे। इस आईपीओ प्रक्रिया का नेतृत्व उनके बच्चे आकाश, ईशा और अनंत कर रहे हैं, जो जियो के अगले चरण के ग्रोथ का नेतृत्व करेंगे।
विश्लेषकों का अनुमान है कि जियो का आईपीओ अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू हो सकता है। इसका वैल्युएशन 130–180 अरब अमेरिकी डॉलर तक आंका गया है। इस आईपीओ के लगभग चार अरब अमेरिकी डॉलर के आसपास होने की अटकलें हैं, हालांकि कंपनी ने अभी इसका आकार स्पष्ट नहीं किया है। बता दें कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (जेपीएल) की 66.43 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
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