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चीन से मंगाया जाता था ये प्रोडक्ट, सरकार की सख्ती के बाद 20% उछला ₹165 वाला शेयर

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Source :- LIVE HINDUSTAN

NOCIL share price: रबर केमिकल्स बनाने वाली देश की प्रमुख कंपनी NOCIL के शेयर सोमवार को डिमांड में थे। इंट्रा-डे के दौरान शेयर करीब 20 फीसदी उछलकर 190.25 रुपये पर पहुंच गया और बाजार के टॉप गेनर्स में शामिल रहा। शेयर की पिछली क्लोजिंग 165 रुपये पर रही थी। यह तेजी सरकार के एक फैसले की वजह से आई है। बता दें कि शेयर के 52 हफ्ते का हाई 208 रुपये है।

सरकार का क्या है फैसला?

सरकार ने चीन समेत कुछ अन्य देशों से आयातित या वहां बने सल्फेनामाइड्स एक्सेलरेटर्स पर डंपिंग रोधी शुल्क लगाया है। वित्त मंत्रालय के नोटिफिकेशन के मुताबिक चीन समेत कई देशों से आयातित और रबड़ उद्योग में इस्तेमाल होने वाले सल्फेनामाइड्स एक्सेलरेटर्स पर डंपिंग रोधी शुल्क लगाया गया है। मूलतः चीन में उत्पादित या चीन से आयातित सल्फेनामाइड्स एक्सेलरेटर्स पर 974 डॉलर प्रति टन डंपिंग रोधी शुल्क लगाया गया है। इसके साथ ही यूरोपीय संघ और अमेरिका में उत्पादित या वहां से आयातित होने वाले सल्फेनामाइड्स एक्सेलरेटर्स पर भी 1,748 डॉलर प्रति टन तक डंपिंग रोधी शुल्क लगाये गए हैं। इन मामलों में उत्पादन करने वाले देश और निर्यात करने वाले देश और उत्पादक कंपनी पर संयोजन के अनुसार अलग-अगल शुल्क लगाने की घोषणा की गई है।

NOCIL के शेयर में तेजी क्यों?

सरकार के इस फैसले से घरेलू निवेशक उत्साहित नजर आए। बता दें कि NOCIL भारत की सबसे बड़ी रबर केमिकल्स निर्माता कंपनी है। कंपनी अपने Pilcure ब्रांड के तहत सल्फेनामाइड एक्सेलरेटर का उत्पादन करती है, जिसका उपयोग टायर और रबर उद्योग में वल्कनाइजेशन प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर किया जाता है। यह केमिकल टायर निर्माण के लिए बेहद अहम कच्चा माल माना जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि एंटी-डंपिंग ड्यूटी लागू होने से विदेशी उत्पादों की प्रतिस्पर्धा कम होगी, जिससे NOCIL जैसी घरेलू कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी और प्राइसिंग पावर मजबूत हो सकती है।

कंपनी का शेयरहोल्डिंग पैटर्न

कंपनी के मार्च तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार, प्रमोटरों के पास NOCIL में 33.76 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। वहीं, घरेलू म्यूचुअल फंड की हिस्सेदारी की बात करें तो 7.1 प्रतिशत थी जबकि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के पास 4.5 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। कंपनी की शेयरहोल्डिंग में रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी 26.2 प्रतिशत थी। NOCIL के शेयर को लेकर ब्रोकरेज की राय मिली-जुली है। NOCIL को कवर करने वाले सात एनालिस्ट में से तीन ने खरीदने की सलाह दी है। वहीं, तीन ने होल्ड करने जबकि एक ने बेचने की सलाह दी है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN