Home BUSINESS NEWS HINDI Swiggy इंस्टामार्ट के मैनेजमेंट में हलचल, दो बड़े अधिकारियों ने दिया इस्तीफा

Swiggy इंस्टामार्ट के मैनेजमेंट में हलचल, दो बड़े अधिकारियों ने दिया इस्तीफा

3
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

स्विगी के क्विक कॉमर्स वाले बिजनेस के मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव हुआ है। स्विगी इंस्टामार्ट के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) अंकित जैन और चीफ बिजनेस ऑफिसर (CBO) हरि कुमार ने स्विगी के क्विक कॉमर्स डिवीजन से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों ने यह भी बताया कि कंपनी ने इनमें से एक पद के लिए पहले ही रिप्लेसमेंट ढूंढ लिया है और वह व्यक्ति आने वाले हफ्तों में यह जिम्मेदारी संभाल लेगा। बता दें कि अंकित जैन और हरि कुमार वॉलमार्ट की ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट में कई साल बिताने के बाद स्विगी में शामिल हुए थे। स्विगी इंस्टामार्ट ने इस घटनाक्रम पर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया।

अप्रैल में को-फाउंडर को लेकर आई खबर

अप्रैल में स्विगी ने घोषणा की थी कि उसके को-फाउंडर और इनोवेशन हेड, नंदन रेड्डी अपने पद से हटेंगे और बोर्ड से अपनी सीट छोड़ देंगे। कंपनी के मुताबिक को-फाउंडर और चीफ ग्रोथ ऑफिसर फणी किशन अड्डेपल्ली, चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर राहुल बोथरा इसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल होंगे। ऑर्डर वॉल्यूम के आधार पर इंस्टामार्ट अभी क्विक कॉमर्स सेक्टर में ब्लिंकिट और जेप्टो के बाद तीसरे नंबर पर है।

तेजी से बढ़ रहा क्विक कॉमर्स मार्केट

बता दें कि भारत का क्विक कॉमर्स बाजार देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था के सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक बन गया है, जहां तेज आपूर्ति की बढ़ती मांग और उपभोक्ता व्यवहार में बदलाव प्रमुख कारण हैं। यह सर्विस शुरुआत में मुख्य रूप से किराना और जरूरी वस्तुओं तक सीमित थी। हालांकि, अब यह इलेक्ट्रॉनिक्स, ब्यूटी प्रोडक्ट, घरेलू सामान और फैशन एक्सेसरीज तक फैल चुकी है। इस क्षेत्र में ब्लिंकिट, जेप्टो, स्विगी इंस्टामार्ट, फ्लिपकार्ट और अमेजन जैसे बड़े खिलाड़ी आक्रामक निवेश कर रहे हैं और अपनी सप्लाई चेन और प्रोडक्ट कैटेगरी का विस्तार कर रहे हैं।

कैसे रहे तिमाही नतीजे

वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में स्विगी को एक बार फिर से घाटा हुआ। हालांकि, यह घाटा कम होकर 800 करोड़ रुपये रहा। कंपनी को 2024-25 की इसी तिमाही में 1,081 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

तिमाही में कंपनी की परिचालन आय करीब 45 प्रतिशत बढ़कर 6,383 करोड़ रुपये हो गई, जो 2024-25 की समान तिमाही में 4,410 करोड़ रुपये थी। वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंपनी का कुल खर्च भी बढ़कर 7,448 करोड़ रुपये हो गया, जो 2024-25 की समान तिमाही में 5,610 करोड़ रुपये था।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN