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सिर्फ एक पोस्ट और 7 साल की सजा, रूस में विपक्षी नेता पर बड़ी कार्रवाई; जानें मामला

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Source :- LIVE HINDUSTAN

Russia Ukraine War: रूस की प्रमुख विपक्षी पार्टी याब्लोको के उप नेता और यूक्रेन युद्ध के मुखर विरोधी मैक्सिम क्रुग्लोव को बुधवार को रूसी सेना के बारे में झूठ फैलाने के आरोप में दोषी ठहराया गया और सात साल की जेल की सजा सुनाई गई।

रूस में यूक्रेन युद्ध का विरोध करने वाली प्रमुख विपक्षी पार्टी याब्लोको के उप नेता मैक्सिम क्रुग्लोव को बुधवार को रूसी सेना के बारे में ‘झूठ फैलाने’ के आरोप में दोषी ठहराया गया और सात साल की जेल की सजा सुनाई गई। 39 वर्षीय क्रुग्लोव ( मॉस्को की नगर विधानसभा के पूर्व सदस्य) को अक्टूबर 2025 में गिरफ्तार किया गया था। उन पर 2022 में टेलीग्राम पर दो पोस्ट करने का आरोप था, जिस वर्ष रूस ने यूक्रेन पर सैन्य अभियान शुरू किया था।

अदालत में खुद को निर्दोष बताते हुए क्रुग्लोव ने कहा कि यह फैसला स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि रूस में सार्वजनिक असहमति अब अवैध हो गई है। संक्षेप में कहा जाए तो यह असहमति पर प्रतिबंध है। उन्होंने अभियोजन पक्ष के इस दावे को खारिज कर दिया कि उनके पोस्ट राजनीतिक नफरत से प्रेरित थे। क्रुग्लोव ने कहा कि उनका पूरा राजनीतिक करियर रूस में लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने अदालत को बताया कि यह साबित हो गया है कि राजनीतिक असहमति को अब नफरत के समान माना जा रहा है।

क्रुग्लोव ने अदालत में अंतिम बयान देते हुए कहा कि वे युद्ध के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि रूस एक दिन शांतिपूर्ण देश बनेगा। उन्होंने आगे कहा कि एक ऐसा देश जिसका पड़ोसी सम्मान करें, न कि डरें, और जहां असहमति व्यक्त करना संभव हो।

पोस्ट में क्या था?

अदालत में पेश किए गए एक पोस्ट में यूक्रेन संघर्ष में हुई मौतों पर संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों का जिक्र था, जबकि दूसरे पोस्ट में मार्च 2022 में कीव के पास बुचा में हुई घटनाओं का उल्लेख किया गया था। यूक्रेन और पश्चिमी देशों का आरोप है कि वहां रूसी सैनिकों ने नागरिकों की हत्या की थी, जिसे मॉस्को ‘मनगढ़ंत’ बताता है। क्रेमलिन का कहना है कि पश्चिम के साथ ‘टकराव’ के दौरान रूस को एकजुट रखने के लिए सख्त सेंसरशिप कानून जरूरी हैं।

विरोध को कुचलने की कोशिश

याब्लोको पार्टी के नेता निकोलाई रयबाकोव ने फैसले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अन्यायपूर्ण बताया। अदालत के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अगर लोगों को लगता है कि ऐसी सजाएं स्वीकार्य और सामान्य हैं, तो उन्हें वोट देने या याब्लोको के अलावा किसी अन्य पार्टी का समर्थन करने की जहमत नहीं उठानी चाहिए।

रयबाकोव ने आगे कहा कि हमारे पास अभी सिर्फ एक विकल्प है- याब्लोको को वोट देकर जो हो रहा है उसे ‘ना’ कहना, या किसी अन्य पार्टी को वोट देकर ‘जो हो रहा है, उसे जारी रखो’ कहना। इसके अलावा और कोई विकल्प नहीं है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN