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कश्मीरी कौन? मुद्दे पर POK बनाम PAK, शहबाज शरीफ के मंत्री के खिलाफ खुला मोर्चा

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Source :- LIVE HINDUSTAN

पाकिस्तान रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के एक बयान को लेकर पीओके में बवाल मचा हुआ है। वहां के तथाकथित पीएम फैसल मुमताज राठौर ने शहबाज शरीफ के मंत्री की आलोचना करते हुए कहा कि कश्मीरियों को किसी के प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है।

कश्मीर के एक हिस्से पर कब्जा करके बैठे पाकिस्तान के खिलाफ आवाजें उठने लगी हैं। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के तथाकथित प्रधानमंत्री फैसल मुमताज राठौर ने भी शुक्रवार को शहबाज शरीफ के मंत्री ख्वाजा आसिफ के ऊपर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कश्मीरियों को अपनी पहचान के लिए पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ या किसी दूसरे नेता की मान्यता की आवश्यकता नहीं है। ऐसी टिप्पणियां समाज को एक करने के बजाय विभाजन पैदा करती हैं।

शहबाज शरीफ के बड़बोले मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में एक संबोधन के दौरान कहा था कि रावलकोट और मीरपुर के रहने वाले लोग असली कश्मीरी नहीं है। उनके इस बयान को लेकर पीओके में जमकर विरोध देखने को मिला था। ख्वाजा आसिफ के इसी बयान को लेकर शुक्रवार को पीओके के कथित पीएम राठौर ने भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “जम्मू-कश्मीर के लोगों को अपनी पहचान के लिए पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ या किसी और से मान्यता की जरूरत नहीं है। उनके जैसे पुराने दौर के नेता (बूमर्स) और उनकी हरकतें लोगों को करीब लाने की बजाय समाज में विभाजन पैदा करती हैं।”

माफी मांगे ख्वाजा आसिफ: POK कथित पीएम

कश्मीरियत वाले बयान पर विरोध का सामना करने के बाद ख्वाजा आसिफ अपनी सफाई भी पेश की। उन्होंने कहा कि कश्मीरी की पहचान जन्म प्रमाण पत्र से नहीं बल्कि वर्षों के संघर्ष से तय होती है। इतना ही नहीं उन्होंने पीओके में कथित पीएम के अंदर रहे शासन में होने वाली गड़बड़ियों का भी जिक्र किया।

आसिफ की इस सफाई का जवाब देते हुए राठौर ने उनसे माफी मांगने की अपील की। उन्होंने कहा, “आसिफ, अपने वरिष्ठ अधिकारियों से पूछिए, वह आपको बताएंगे की हमने कितना अच्छा शासन किया है। अधिक सम्मानजनक कदम यह होगा कि आप अपने असली बयान को लेकर माफी मांगे। हमारे शासन को बली का बकरा बनाने की कोशिश न करें।”

बता दें, पीओके को पाकिस्तान ने प्रशासनिक तौर पर दो हिस्सों में बांटकर रखा है। एक हिस्से को वह आजाद कश्मीर कहता है, जबकि दूसरे हिस्से को गिलगित बालटिस्तान कहा जाता है। आजाद कश्मीर का वास्तविक शासन पाकिस्तानी फौज ही कंट्रोल करती है, लेकिन दुनिया को दिखाने के लिए उन्होंने वहां पर एक कठपुतली सरकार बैठाई हुई है। इस कठपुतली सरकार का प्रमुख ही यहाँ का प्रधानमंत्री होता है। आम तौर पर यह चुनाव के जरिए तय होता है, लेकिन विशेषज्ञों की मानें, तो इस्लामाबाद ही यह तय करता है कि इस गद्दी पर कौन बैठेगा।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN