Home World News hindi पिता के जनाजे पर ईरानी सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के सामने 2...

पिता के जनाजे पर ईरानी सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के सामने 2 रास्ते, कौन सी राह चुनेंगे?

3
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

मोजतबा खामेनेई अमेरिकी और इजरायली हमलों में बुरी तरह घायल हुए हैं। कई रिपोर्ट्स में इसकी पुष्टि की गई है। 28 फरवरी को हुए हमलों के बाद से वह सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं और सिर्फ बयान ही जारी किए हैं।

बीते फरवरी महीने में अमेरिका और इजरायल के हमलों में मारे गए ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई का अगले महीने अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस अंतिम संस्कार के लिए ईरान में एक भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें हिस्सा लेने के लिए भारत से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत दुनिया के कई राष्ट्र प्रमुखों को आमंत्रण भेजा गया है। 4 जुलाई को शुरू हो रहे इस कार्यक्रम से पहले एक सबसे बड़ा सवाल यह है कि ईरान के मौजूदा सुप्रीम लीडर और अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई इसमें हिस्सा लेंगे या नहीं। अगर मोजतबा इस कार्यक्रम में नजर आते हैं तो यह युद्ध में घायल होने की खबरें सामने आने के बाद उनकी पहली सार्वजनिक उपस्थिति होगी।

गौरतलब है कि फरवरी में अपने पिता की मौत के बाद मोजतबा को देश का नया सुप्रीम लीडर बनाया गया था। तब से ईरानी हुकूमत का नेतृत्व वही कर रहे हैं। हालांकि इस दौरान बीते 4 महीनों में वे एक बार भी सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक 28 फरवरी को जिस हमले में अली खामेनेई मारे गए, उसमें 56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई भी बुरी तरह घायल हो गए थे। कई रिपोर्ट्स में यह दावा भी किया गया कि उनका एक पैर इतना जख्मी हो गया कि उसे हटवाना पड़ा है। वहीं चेहरा खराब होने और प्लास्टिक सर्जरी जैसी चर्चाएं भी थीं। कुछ रिपोर्ट्स में उनकी मौत का दावा तक कर दिया गया।

अब जनता का भी भरोसा डगमगाया?

ईरानी सुप्रीम लीडर द्वारा समय समय पर बयान जरूर जारी किए हैं। हालांकि कमान संभालने के बाद से मोजतबा के जितने भी बयान आए हैं, उन्हें केवल सरकारी टीवी के न्यूज एंकरों द्वारा पढ़कर सुनाया गया है। हाल ही में ‘नेशनल ज्यूडिशियरी वीक’ पर भी उनका लिखित बयान पढ़ा गया, जिसमें उन्होंने अमेरिका-इजरायल के अधिकारियों द्वारा ‘खामेनेई की हत्या की जिम्मेदारी लेने’ पर अदालत को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। एक तरफ जहां ईरानी अधिकारी दावा कर रहे हैं कि मोजतबा पूरी तरह मानसिक रूप से स्वस्थ हैं और सारे फैसले वही ले रहे हैं। लेकिन इस तरह के बहाने जनता को पूरी तरह पचा नहीं पा रही है। ईरान के ‘करज’ जैसे शहरों में लोगों ने सड़कों पर नए सुप्रीम लीडर के ‘लापता’ होने तक के पर्चे तक लगा दिए गए हैं।

पिता के जनाजे में आएंगे नजर?

ईरान के इतिहास को देखें, तो ऐसे बड़े राजकीय अंतिम संस्कार सिर्फ शोक के लिए नहीं, बल्कि नए नेतृत्व द्वारा अपनी ताकत और एकजुटता दिखाने का सबसे बड़ा मंच होते हैं। खुद दिवंगत अली खामेनेई ने अपने पूर्ववर्ती अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी के अंतिम संस्कार में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। ऐसे में मुजतबा खामेनेई के सामने दो ही रास्ते हैं और दोनों के अपने बड़े मायने होंगे।

अगर 4 से 9 जुलाई के बीच अंतिम संस्कार के दौरान मोजतबा दुनिया के सामने आते हैं, तो उनके स्वास्थ्य को लेकर चल रही सभी अफवाहों पर पूर्णविराम लग जाएगा। यह उनके कट्टर समर्थक धड़े और ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ के मनोबल को बढ़ाएगा और अमेरिका-इजरायल को यह संदेश जाएगा कि ईरान का नया नेतृत्व पूरी तरह सक्रिय है। हालांकि अगर इस ऐतिहासिक और भावुक मौके पर भी मोजतबा परदा हटाने से कतराते हैं, तो ईरान के भीतर और बाहर यह संदेश जाएगा कि नए सुप्रीम लीडर या तो शारीरिक रूप से बेहद लाचार हो चुके हैं या फिर सुरक्षा के मोर्चे पर शासन इस कदर डरा हुआ है कि वह अपने सर्वोच्च नेता को खुली हवा में लाने का रिस्क नहीं ले सकता। इससे ईरान के भीतर अस्थिरता और गहरी हो सकती है।

पीएम मोदी को भी न्योता

ईरान ने अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी औपचारिक निमंत्रण भेजा है। सूत्रों के अनुसार पीएम मोदी को यह निमंत्रण ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की ओर से भेजा गया है। हालाकि यहां सरकार की ओर से अभी तक इस निमंत्रण की पुष्टि नहीं की गई है। जानकारी के मुताबिक अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्म चार जुलाई को शुरू होगी और 9 जुलाई को पूर्वोत्तर ईरान के पवित्र शहर मशहद में उन्हें दफनाए जाने के साथ खत्म होगी। मशहद उनका गृहनगर भी था।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN