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लोग बचाने दौड़े… तभी हुआ दूसरा हमला! अफगानिस्तान में पाकिस्तान के एयरस्ट्राइक की डरावनी कहानी

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Source :- LIVE HINDUSTAN

पाकिस्तानी सेना के मुताबिक, अफगानिस्तान के पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में मौजूद आतंकियों के तीन बड़े ठिकानों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया गया, जिसमें 25 आतंकवादी हवाई हमलों में और 4 जमीनी लड़ाई में मारे गए।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रहा सीमा विवाद अब एक भयंकर युद्ध का रूप ले चुका है। सोमवार (29 जून 2026) को पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान सीमा पर एक बड़ा सैन्य अभियान चलाते हुए भीषण हवाई हमले और जमीनी कार्रवाई की है। पाकिस्तान सरकार का दावा है कि इस सटीक कार्रवाई में प्रतिबंधित संगठन ‘पाकिस्तानी तालिबान’ (TTP) और ‘जमात-उल-अहरार’ के 29 आतंकवादी मारे गए हैं। वहीं दूसरी ओर, अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने इस हमले को ‘कायरतापूर्ण’ बताते हुए दावा किया है कि इसमें महिलाओं और बच्चों समेत 36 आम नागरिक मारे गए हैं।

पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर सीमावर्ती इलाकों, जैसे बाजोड़ जिले में पहले जमीनी ऑपरेशन चलाया गया, जिसके बाद अफगानिस्तान के अंदर बने आतंकी ठिकानों पर ‘सटीक हवाई हमले’ किए गए।

पाकिस्तानी सेना के मुताबिक, अफगानिस्तान के पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में मौजूद आतंकियों के तीन बड़े ठिकानों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया गया, जिसमें 25 आतंकवादी हवाई हमलों में और 4 जमीनी लड़ाई में मारे गए।

हमले की मुख्य वजह

यह जवाबी कार्रवाई कराची में हुए एक बड़े हमले के ठीक 24 घंटे बाद की गई है। शनिवार की रात कराची में ‘पाकिस्तान रेंजर्स’ के क्षेत्रीय मुख्यालय पर बंदूकधारियों और आत्मघाती हमलावरों ने धावा बोल दिया था, जिसमें पाकिस्तान के 3 सैनिक मारे गए थे। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने 3 हमलावरों को मार गिराया और एक घायल अफगान नागरिक को गिरफ्तार किया था, जिसने कबूला कि इस हमले की साजिश अफगानिस्तान में रची गई थी। इस हमले की जिम्मेदारी ‘जमात-उल-अहरार’ ने ली थी।

‘आतंकी नहीं, 36 आम नागरिक और बच्चे मरे’

अफगानिस्तान के मुख्य तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद और उप-प्रवक्ता हमदुल्ला फितरत ने पाकिस्तान के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। तालिबान सरकार ने सोशल मीडिया पर मारे गए लोगों का ब्योरा जारी करते हुए कहा:

मंदोलखैल गांव (पक्तिया): पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने पहले एक आम नागरिक के घर पर बमबारी की, जिसमें एक बुजुर्ग और एक बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद जब स्थानीय ग्रामीण वहां राहत और बचाव कार्य के लिए इकट्ठा हुए, तो पाकिस्तान ने वहां दोबारा बमबारी कर दी। इस दूसरी बमबारी में 28 ग्रामीणों की मौत हो गई और 158 लोग घायल हो गए।

वलुस्त गांव (पक्तिका): यहां किए गए हमले में 6 लोग मारे गए, जिनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे शामिल थे।

बारोलो गांव (कुनार): तीसरे हमले में एक रिहायशी मकान पूरी तरह तबाह हो गया, हालांकि यहां कोई हताहत नहीं हुआ।

तालिबान ने कहा कि पाकिस्तान का यह कदम उसकी संप्रभुता का उल्लंघन है और वे इसका माकूल जवाब देंगे।

ऑपरेशन गजब लिल-हक: 4 महीने से जारी है जंग

पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से होने वाली सीमा पार घुसपैठ और आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए 26 फरवरी 2026 को ‘ऑपरेशन गजब लिल-हक’ (यानी खुदा का कहर) शुरू किया था। पाकिस्तान का दावा है कि इन चार महीनों में उन्होंने:

800 से ज्यादा आतंकवादियों को मार गिराया है।

अफगानिस्तान के अंदर बने 80 से ज्यादा ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की है।

कुनार और नूरिस्तान जैसे इलाकों में बमबारी कर रास्ते बंद कर दिए हैं, जिससे संयुक्त राष्ट्र (UN) के अनुसार करीब 1 लाख लोग भोजन और दवाओं की किल्लत से जूझ रहे हैं।

पक्तिका प्रांत में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान सीमा के 12 किलोमीटर अंदर घुसकर करीब 32 वर्ग किलोमीटर इलाके में कटीले तारों की बाड़ लगा दी है।

हालांकि, इतनी बड़ी कार्रवाई के बावजूद आतंकवादी लगातार पाकिस्तान के अंदर (जैसे कराची) बड़े हमलों को अंजाम दे रहे हैं। वहीं, जवाब में अफगानिस्तान भी पाकिस्तान के अंदर ड्रोन हमले और ISIS-K के ठिकानों को निशाना बनाने के दावे कर रहा है।

क्यों फेल हो रही हैं शांति वार्ताएं?

सऊदी अरब, कतर, तुर्की, चीन और उजबेकिस्तान जैसे देशों ने दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच युद्धविराम कराने के लिए कई दौर की बैठकें कीं, लेकिन सब बेनतीजा रहीं। इसका मुख्य कारण पाकिस्तान की तीन अडिग शर्तें हैं:

1. अफगानिस्तान औपचारिक रूप से TTP को आतंकवादी संगठन घोषित करे।

2. अफगान धरती पर चल रहे उनके सभी कैंपों और बुनियादी ढांचे को नष्ट किया जाए।

3. तालिबान सरकार इस कार्रवाई का पुख्ता और सही सबूत दे।

क्योंकि तालिबान सरकार इन शर्तों को मानने से लगातार इनकार कर रही है, इसलिए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने साफ कर दिया है कि यह सैन्य ऑपरेशन पूरी ताकत के साथ आगे भी जारी रहेगा।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN