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जीरो बजट में बनी फिल्म जिसने जीता नेशनल अवॉर्ड, प्रोफेशनल एक्टर्स नहीं गांव के बच्चों ने किया था काम

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Source :- LIVE HINDUSTAN

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Zero Budget Movie: डायरेक्टर रीमा दास ने यह फिल्म अपने ही गांव में बच्चों के साथ शूट की थी। फिल्म के लिए ना कोई लाइट टीम थी, ना ही कोई प्रोफेशनल क्रू, लेकिन फिर भी इसने नेशनल अवॉर्ड जीता था।

आज हम आपको एक ऐसी फिल्म के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने बिना किसी प्रोफेशनल एक्टर्स या प्रोफेशनल क्रू के नेशनल अवॉर्ड जीत लिया था। इसे भारतीय सिनेमा की एक ऐसी फिल्म कहा जाता है, जो ना के बराबर संसाधनों का इस्तेमाल करके बनी थी। इस फिल्म का बजट बहुत छोटा था, इतना छोटा कि जितने में शायद कोई शॉर्ट फिल्म भी बनाना मुमकिन नहीं होता है। कोई एक्टर्स हायर नहीं किए गए और ना ही लोकेशन से लेकर लाइटिंग तक के लिए नैचुरल चीजों का इस्तेमाल किया गया। इस पूरी फिल्म की शूटिंग एक गांव में की गई थी। ऐसा गांव, जिससे डायरेक्टर अच्छी तरह वाकिफ थीं।

डायरेक्टर के गांव में हुई पूरी शूटिंग

हम बात कर रहे हैं फिल्म ‘विलेज रॉकस्टार्स’ की। इस फिल्म को डायरेक्टर रीमा दास ने अपने ही गांव में शूट किया था। डायरेक्टर रीमा दास ने एक सस्ता सा DSLR कैमरा उठाया और इसे लेकर अपने गांव चली गईं। फिल्म के लिए इस छोटे से कैमरा का सबसे बड़ा फायदा यह था कि गांव के लोग इसे लेकर असहज नहीं हो रहे थे। फिल्म की शूटिंग के लिए रीमा ने सुबह और शाम की कुदरती रोशनी का इस्तेमाल किया और लाइटिंग और लाइटमैन क्रू का पूरा पैसा बच गया। जहां मदद की जरूरत होती, गांव वाले आगे आ जाते।

गांव के बच्चों ने ही किया लीड रोल

फिल्म के लिए एक्टर्स को कास्ट करना मुश्किल था, क्योंकि शूटिंग बहुत दूर-दराज इलाके में हो रही थी। लेकिन इससे भी ज्यादा मुश्किल था इस फिल्म के लिए उन एक्टर्स का बजट निकालना। क्योंकि इस मूवी को कोई बड़ा प्रोड्यूसर या बैनर फंड नहीं कर रहा था। रीमा खुद ही कहानी बुन रही थीं और खुद ही इसे शूट करती जा रही थीं। लिहाजा रीमा ने गजब का दिमाग लगाया, उन्होंने गांव के ही बच्चों को धीरे-धीरे ट्रेनिंग दी और फिर उन्हें ही अपनी इस फिल्म में कास्ट कर लिया। यह इन बच्चों की डेब्यू फिल्म थी, लेकिन सबने कमाल काम किया।

पहले साल में जीता नेशनल अवॉर्ड

डायरेक्शन से लेकर सिनेमैटोग्राफी, एडिटिंग और कॉस्ट्यूम तक का जिम्मा डायरेक्टर रीमा के हाथ में था। लेकिन असली कमाल तो तब हुआ जब यह फिल्म रिलीज हुई। इस आसान सी फिल्म ने नेशनल अवॉर्ड जीत लिया था। साल 2024 में इस फिल्म का सीक्वल भी आया था और रीमा को फिर एक बार उन्हीं गांव वालों और बच्चों से मदद मिली, जिन्होंने पिछली बार उन्हें नेशनल अवॉर्ड दिलाया था। अगर आपने यह फिल्म अभी तक नहीं देखी है तो एक बार इसे जरूर देखिए। आपको यह मूवी ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर मिल जाएगी।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN