Source :- LIVE HINDUSTAN
Fibe IPO News: आईपीओ मार्केट में एक और फिनटेक कंपनी की एंट्री होने वाली है। इस कंपनी का नाम सोशल वर्थ टेक्नोलॉजीज है, जो फिनटेक ऐप चलाने वाले फाइब की पैरेंट कंपनी है। बता दें कि TPG, फिडेलिटी और नॉर्वेस्ट कैपिटल ने सोशल वर्थ टेक्नोलॉजीज में निवेश किया है।
₹750 करोड़ जुटाने का प्लान
सोशल वर्थ टेक्नोलॉजीज ने आईपीओ के जरिए फंड जुटाने के लिए सेबी के पास शुरुआती कागजात जमा किए हैं। यह कंपनी नए शेयर जारी करके ₹750 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है जबकि इन्वेस्टर्स ‘ऑफर-फॉर-सेल’ के जरिए 4 करोड़ इक्विटी शेयर बेचेंगे। जानकारी के मुताबिक कंपनी प्री-IPO राउंड में ₹150 करोड़ तक फंड जुटाने पर विचार कर सकती है। कंपनी फ्रेश इश्यू से मिलने वाले 562.6 करोड़ रुपये का इस्तेमाल अपनी मुख्य सब्सिडियरी ESPL में निवेश करने और बाकी फंड का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट कामों के लिए करेगी। वहीं, ऑफर-फॉर-सेल से मिलने वाला पैसा शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिलेगा।
किसकी कितनी हिस्सेदारी
सोशल वर्थ टेक्नोलॉजीज में ‘द राइज फंड III SF’ 23.26 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ा शेयरहोल्डर है। इसके बाद नॉरवेस्ट कैपिटल (13.38 प्रतिशत हिस्सेदारी), एट रोड्स वेंचर्स (13.02 प्रतिशत), पीरामल फाइनेंस (7.06 प्रतिशत), करिबा होल्डिंग्स (5.92 प्रतिशत) और इंटरनेशनल फाइनेंस कॉर्पोरेशन (5.31 प्रतिशत) का नंबर आता है। ऑफर-फॉर-सेल में शेयर बेचने वाले इन्वेस्टर्स में TPG सपोर्टेड द राइज फंड III SF शामिल हैं। फाइल आईपीओ के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, एक्सिस कैपिटल, DAM कैपिटल एडवाइजर्स और JM फाइनेंशियल को मर्चेंट बैंकर के तौर पर नियुक्त किया गया है।
कंपनी के बारे में
पुणे की कंपनी फाइब की बात करें तो अक्षय मेहरोत्रा और आशीष गोयल ने मिलकर शुरू किया था। वहीं, फाउंडर अक्षय मेहरोत्रा और आशीष सोहन गोयल के पास क्रमशः 2.1 प्रतिशत और 1.75 प्रतिशत शेयर हैं।
पर्सनल लोन से लेकर खास मकसद के लिए फाइनेंसिंग तक का प्रोडक्ट पोर्टफोलियो चलाने वाली कंपनी फाइब की कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) मार्च 2026 को खत्म हुए साल में 8,602.7 करोड़ रुपये रही। यह पिछले साल के 4,064.1 करोड़ रुपये से 45.49 प्रतिशत की CAGR से बढ़ी है।
FY26 में कंपनी का मुनाफा 126.4 प्रतिशत बढ़कर 257.5 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में 113.7 करोड़ रुपये था। इसी दौरान नेट इंटरेस्ट इनकम 28.1 प्रतिशत बढ़कर 573.5 करोड़ रुपये से 734.9 करोड़ रुपये हो गई।
कई बड़े आईपीओ रेस में
फाइब का आईपीओ ऐसे समय में आ रहा है जब नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई और रिलायंस जियो के अलावा ओयो की पैरेंट कंपनी प्रिज्म का आईपीओ भी लॉन्च होने वाला है। ऐसे में कई बड़ी कंपनियों के आईपीओ के साथ सेबी की ओर से फाइब को भी हरी झंडी मिल सकती है।
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