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मेरी सामने वाली खिड़की में…जानिए किसने लिखा था ये अमर गीत, प्रोड्यूसर ने निभाया ये छोटा रोल

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Source :- LIVE HINDUSTAN

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आज सोशल मीडिया पर वायरल करीब 58 साल पुराना गाना ‘मेरी सामने वाली खिड़की में एक चांद का टुकड़ा रहता है’ इस गीतकार की कलम से निकला था। इस गाने ने दशकों से ऑडियंस को एंटरटेन क्या हुआ है। गाने के अंतरे आपके दिल में उतर जाएंगे। 

1968 में उस साल की दूसरी सबसे शानदार फिल्म पड़ोसन रिलीज हुई थी। फिल्म में सुनील दत्त, सायरा बानो, महमूद और किशोर कुमार जैसे एक्टर्स ने अपनी जबरदस्त कॉमिक टाइमिंग से हिंदी सिनेमा को कल्ट क्लासिक फिल्म थी। फिल्म की कहानी भोला और उसके घर के सामने रहने वाली पड़ोसन बिंदु की लव स्टोरी पर बेस्ड थी। लेकिन इस फिल्म के गानों ने ऑडियंस के बीच एक अलग तरह की जगह बनाई। इसी फिल्म का वो गाना था ‘मेरी सामने वाली खिड़की में एक चांद का टुकड़ा रहता है’। इस गाने के अंतरे और भी खूबसूरत है जिसपर आज दशकों बाद भी रील बनाई जा रही हैं। क्या आप जानते हैं इस गाने को किस महान गीतकार ने लिखा था।

इस गीतकार ने लिखा ये खूबसूरत गाना

फिल्म पड़ोसन में सुनील दत्त का किरदार अपनी पड़ोसन के लिए गाना गाता है ‘मेरी सामने वाली खिड़की में एक चांद का टुकड़ा रहता है’। इस गाने का अंतरा है ‘बरसात भी आ कर चली गई बादल भी गरज कर बरस गए’ इस गाने को किशोर कुमार ने गाकर अमर कर दिया था। गाने का खूबसूरत म्यूजिक RD बर्मन ने तैयार किया और गीत लिखे थे राजेंद्र कृष्णन ने। फिल्म में गाना एक सिचुएशन पर फिल्माया गया था जब भोला अपनी पड़ोसन बिंदु को इम्प्रेस करने के लिए अपने गुरु से ये गाना गवाता है और खुद लिप्सिंक करता है।

लिखे ये खूबसूरत गाने

फिल्म में कुल 7 गाने थे जिन्हें किशोर कुमार, मन्ना डे, लता मंगेशकर और आशा भोसले में गाया था। इन सभी गानों को राजेंद्र कृष्णन ने अपने शब्दों से सजाया था। फिल्म का गाना ‘मैं चली मैं चली देखो प्यार की गली’, ‘एक चतुर नार’, ‘कहना है आज तुमसे ये पहली बार’, ये सभी गाने राजेंद्र कृष्णा की कलम से निकले थे। उन्होंने अपने फिल्मी करियर में ऐसे ही कई शानदार गाने लिखे। वो राजेंद्र कृष्णन ही थे जिन्होंने 1965 की फिल्म खानदान का गाना ‘तुम्ही मेरे मंदिर तुम्ही मेरी पूजा’ के लिए बेस्ट लिरिसिस्ट का फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता था। इन्होंने ही ‘पल पल दिल के पास तुम रहती हो’, ‘इतना न तू मुझसे प्यार बढ़ा’, ‘सैयां दिल में आना रे’ जैसे अमर गाने लिखे।

साल की दूसरी सबसे बड़ी फिल्म थी पड़ोसन

फिल्म पड़ोसन ने उस साल जबरदस्त कमाई की थी। उस साल की टॉप फिल्मों में दूसरे नंबर पर थी। इस लिस्ट में पहले नंबर पर माला सिन्हा और धर्मेंद्र की फिल्म आंखें पहले नंबर पर थी। राज कुमार की नील कमल तीसरे, शशि कपूर की कन्यादान चौथे और धर्मेंद्र की शिकार पांचवे नंबर पर थी। वैसे आपको बता दें, पड़ोसन में सबसे छोटा किरदार निभाने वाले एक्टर महमूद ही फिल्म के प्रोड्यूसर थे। उन्होंने अपने लिए सबसे छोटा रोल लिया लेकिन बिंदु के गुरु के किरदार में वो कमाल कर गए।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN