Source :- LIVE HINDUSTAN
सीरिया की राजधानी दमिश्क में गुरुवार दोपहर एक व्यस्त कैफे में हुए भीषण बम विस्फोट में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई और 16 अन्य घायल हो गए। विस्फोट पैलेस ऑफ जस्टिस के निकट हुआ, जिससे आसपास के इलाके में भगदड़ मच गई।
सीरिया की राजधानी दमिश्क से बड़ी खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि एक लोकप्रिय कैफे में हुए शक्तिशाली बम विस्फोट में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई और 16 अन्य घायल हो गए। विस्फोट इतना जोरदार था कि आसपास की इमारतों के शीशे टूट गए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई। फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है।
सीरियाई आंतरिक मंत्रालय और सुरक्षा अधिकारियों ने घटना पुष्टि की है। उनके अनुसार, विस्फोट पैलेस ऑफ जस्टिस (न्याय भवन) के बेहद निकट स्थित एक कैफे में हुआ। यह इलाका सरकारी कार्यालयों, अदालतों और आम नागरिकों की भीड़भाड़ वाला क्षेत्र है। विस्फोट के समय कैफे में काफी संख्या में लोग मौजूद थे, जिससे जान-माल का नुकसान हुआ है।
किसने किया विस्फोट?
वहीं, सरकारी टेलीविजन चैनल ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती जांच में यह विस्फोट एक लगाए गए विस्फोटक उपकरण (IED) के कारण हुआ प्रतीत होता है। अधिकारियों ने बताया कि फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंचकर सबूत जुटा रही है और विस्फोट की प्रकृति तथा इसके पीछे के मकसद का पता लगाने का प्रयास कर रही है। अभी तक किसी भी संगठन या गुट ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
न्यूज एजेंसी एएफपी के अनुसार, मौके पर विस्फोट के कुछ ही मिनटों बाद एम्बुलेंस की तेज सायरन गूंज रही थीं। यातायात के बीच से रास्ता बनाते हुए एंबुलेंस घटनास्थल की ओर बढ़ रही थीं। सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया और आम लोगों को दूर हटाने के लिए माइक का इस्तेमाल किया। रिपोर्ट में आगे बताया गया कि घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पतालों में पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
दोपहर तीन बजे हुआ धमाका
घटना स्थल के ठीक बगल में एक दुकान मालिक नूर खय्यात ने बताया कि मैं अपनी दुकान में बैठी थी। ठीक दोपहर 3:00 बजे (1200 GMT) एक भयानक धमाका हुआ। पूरा फर्श हिल गया, दुकान के सामने के शीशे चूर-चूर हो गए। पहले तो कुछ समझ नहीं आया, फिर देखा कि लोग कैफे की तरफ भाग रहे हैं। इसके बाद हमने तुरंत एम्बुलेंस और पुलिस को फोन किया। उसके बाद स्थानीय पुलिस-प्रशासन की के लोग मेडिकल टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किए।
वहीं, पास ही स्थित चश्मे की दुकान के मालिक मोहम्मद अल-जहाबी ने बताया कि विस्फोट की आवाज सुनते ही ऐसा लगा जैसे कोई भारी दबाव मेरे सीने पर पड़ा हो। पूरी दुकान हिल गई। मैं बाहर निकला तो जो नजारा देखा, वह भूल नहीं सकता। लोग फर्श पर लहूलुहान पड़े थे, चारों तरफ खून फैला हुआ था। कुछ लोग चीख रहे थे, कुछ बेहोश थे। उन्होंने आगे कहा कि यह मंजर 14 साल के गृहयुद्ध की याद दिलाता है, जब दमिश्क अक्सर ऐसे हमलों का शिकार होता था।
आये दिन होते रहते हैं ब्लास्ट
यहां आपको बता दें कि दिसंबर 2024 में लंबे समय तक सत्ता में रहे राष्ट्रपति बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद सीरिया में नई सरकार का गठन हुआ था। हालांकि, नई व्यवस्था के बावजूद राजधानी दमिश्क और अन्य प्रमुख शहरों में सुरक्षा स्थिति पूरी तरह स्थिर नहीं हो पाई है। लगातार छोटे-बड़े हमले और विस्फोट हो रहे हैं, जो नई सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं।
सबसे घातक हमला जून 2025 में हुआ, जब दमिश्क के एक चर्च पर आत्मघाती हमला किया गया था। उस हमले में 25 लोग मारे गए थे। बाद में एक सुन्नी इस्लामी समूह ने इसकी जिम्मेदारी ली थी, जबकि सरकारी अधिकारियों ने इसे इस्लामिक स्टेट (ISIS) से जोड़ा था।
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