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एयरोस्पेस में नया स्टार: शेयर में 91% उछाल की संभावना, Aequs पर क्यों फिदा है नुवामा

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Source :- LIVE HINDUSTAN

नुवामा ब्रोकरेज ने एयरोस्पेस कंपनी Aequs को ‘Buy’ की सलाह दी है और इसका टार्गेट प्राइस 444 रुपये प्रति शेयर तय किया है। यह शेयर के पिछले बंद भाव 232 रुपये से 91% की बढ़त दिखाता है। नुवामा का कहना है कि Aequs को फार्मा CDMOs से ऊपर प्रीमियम मिलना चाहिए, क्योंकि एयरोक्राफ्ट प्रोग्राम कभी खत्म नहीं होते, जबकि दवाओं के मॉलिक्यूल्स की उम्र सीमित होती है। इस रिपोर्ट के बाद मंगलवार सुबह कंपनी के शेयरों में 4% की तेजी आई।

शेयर प्राइस हिस्ट्री

Aequs के शेयर दिसंबर 2025 में 140 रुपये पर लिस्ट हुए। यह IPO मूल्य 124 रुपये से 13% अधिक था। IPO को सभी कैटेगरी में जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। QIB में 122.93 गुना, NII में 83.61 गुना और रिटेल में 81.03 गुना सब्सक्रिप्शन हुआ। लिस्टिंग के बाद मार्च 2026 में शेयर 113.3 रुपये (लगभग 19% नीचे) तक गिरा, फिर अगले तीन महीनों में 118% की तेज उछाल के साथ 246.90 रुपये के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंचा। अब यह 241 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है यानी लगभग 2% नीचे है। कंपनी का मार्केट कैप लगभग 16,000 करोड़ रुपये है।

क्यों है Aequs खास

ब्रोकरेज के अनुसार, Aequs भारत का इकलौता वर्टिकली इंटीग्रेटेड एयरोस्पेस स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) है। यहां एयरोस्ट्रक्चर, लैंडिंग गियर और इंजन पार्ट्स बनते हैं, जो सीधे एयरबस और बोइंग जैसी बड़ी कंपनियों को सप्लाई होते हैं। साथ ही, यह भारत की पहली शुद्ध एयरोस्पेस प्रेसिजन मैन्युफैक्चरर है, जिसे सिर्फ पूंजी नहीं, बल्कि समय और मेहनत से बनाया गया है।

15 साल के धैर्यपूर्ण निवेश ने यह दुर्लभ उत्पादन क्षमता तैयार की है। बेलगावी में एक ही कैंपस से सभी सप्लाई, और एयरबस, बोइंग, साफ्रान, कॉलिन्स तथा बॉम्बार्डियर जैसे ग्राहक इसे मार्केट लीडर बनाते हैं।

889 मिलियन डॉलर का मजबूत ऑर्डर बुक

कंपनी के पास 889 मिलियन डॉलर (लगभग 7.4 गुना वार्षिक राजस्व) का पक्का ऑर्डर बुक है, जो OEM प्रोडक्शन शेड्यूल से जुड़ा है। हर पार्ट के लिए पूरा FAI और 18-36 महीने का रिक्वॉलिफिकेशन पीरियड होता है, जिससे कंपटीटर के लिए एंट्री मुश्किल हो जाती है। 5,654 SKUs (अलग-अलग पार्ट्स) इस मजबूती को और बढ़ाते हैं।

खास बात यह है कि कंपनी इंजन कंपोनेंट्स की तरफ बढ़ रही है, और तमिलनाडु में 19,000 करोड़ रुपये के समझौते (MoU) के तहत भारत का पहला इंटीग्रेटेड एयरो-इंजन इकोसिस्टम बनाने की योजना है। नुवामा को उम्मीद है कि FY26-29 के बीच बिक्री में 42% और EBITDA में 84% की सालाना वृद्धि दर (CAGR) आएगी।

कंज्यूमर सेगमेंट में अभी नुकसान, लेकिन संभावनाएं

कंपनी का कंज्यूमर सेगमेंट फिलहाल घाटे में है। नुवामा कहता है कि यह ब्रेकईवन वॉल्यूम की समस्या है, मार्जिन की नहीं। प्लास्टिक पार्ट्स में समय लग सकता है, लेकिन कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स सेगमेंट बाकी हिस्सों से तेज बढ़ सकता है।

हालांकि, ब्रोकरेज ने मार्जिन को लेकर सतर्क रुख अपनाया है। ग्लोबल पीयर्स (जैसे कैचर टेक्नोलाजी और Everwin Precision 8-15% ऑपरेटिंग मार्जिन कमाते हैं, जबकि प्रबंधन 20% EBITDA मार्जिन का लक्ष्य देता है। नुवामा ने 15-18% EBITDA CAGR और 75% की तीन साल की बिक्री वृद्धि दर का अनुमान लगाया है।

लंबी अवधि का नजरिया

नुवामा ने Aequs का मूल्यांकन 30-साल की डिस्काउंटेड कैश फ्लो विधि से 16% WACC पर किया है, क्योंकि एयरोक्राफ्ट प्रोग्राम जैसे बोइंग 737 (58 साल) और A320 (38 साल) बहुत लंबी उम्र वाले हैं। ब्रोकरेज का मानना है कि मौजूदा वैल्यूएशन में कंज्यूमर सेगमेंट का कोई योगदान नहीं है, और ऑर्डर बुक अपनी भविष्य की आय के मुकाबले काफी कम कीमत पर ट्रेड कर रहा है, इसलिए वे इन जोखिमों को खरीदने को तैयार हैं।

(डिस्‍क्‍लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

SOURCE : LIVE HINDUSTAN