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https://www.livehindustan.com/lh-img/smart/img/2026/07/08/1200x900/Leaked_1783357072478_1783357076411_9b96d38e-09e0-414c-835e-f49530a56b83_1783499552484_4f83dcfd-17a0-45ea-8607-a409bfd1ff46.jpgदिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज को बैन कर दिया गया है। अब ऐसे में दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमिटी फिल्म के समर्थन में सामने आई है। कमिटी की तरफ से कहा गया है कि वो स्कूल और कॉलेज में भी जसवंत सिंह खालड़ा के बारे में सेमिनार रखवाएंगे। फिल्म की रखेंगे स्क्रीनींग।
दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज इस समय खबरों में बाई हुई है। फिल्म लंबे समय से अटली हुई थी। हाल में OTT प्लेटफार्म जी 5 पर इसे स्ट्रीम किया गया था। लेकिन 48 घंटों के भीतर ही देश की सुरक्षा का हवाला देते हुए इसे प्लेटफार्म से हटा कर बैन कर दिया गया है। अब फिल्म के समर्थन में दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमिटी फिल्म सतुलज की स्क्रीनिंग करने का एलान किया है। जसवंत सिंह खालड़ा पर बनी ये फिल्म 80 और 90 के दशक के पंजाब में हो रहे । फिल्म का नाम पहले पंजाब 95 रखा गया था।
DSGMC रखेगी फिल्म सतलुज की स्क्रीनिंग
ANI की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमिटी जिसे DSGMC कहा जाता है ने फिल्म के बैन और OTT प्लेटफार्म से हटाए जाने को बताया है। कमिटी के अध्यक्ष ने कहा है कि फिल्म समाजसेवी जसवंत सिंह खालड़ा और उनकी इन्वेस्टिगेशन 1995 में पंजाब में कथित मानवाधिकार को तोड़ा गया और गैर-कानूनी अंतिम संस्कार की जांच पर बनी फिल्म को बैन करना सही नहीं है। वो जल्दी फिल्म की स्क्रीनिंग रखेंगे।
स्कूल और कॉलेज में होगा जसवंत सिंह खालड़ा का ज़िक्र
DSGMC के अध्यक्ष ने कहा, ‘हमने सभी गुरुद्वारा कमिटी सदस्यों से कहा है कि वे अपने-अपने इलाकों में फिल्म डाउनलोड करें और उसे दिखाएं ताकि यह आम लोगों तक पहुंच सके। इसके अलावा, हम जल्द ही अपने स्कूलों और कॉलेजों के चेयरमैन के साथ एक बैठक करेंगे। हर कॉलेज में जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनकी विरासत पर चर्चा करने के लिए सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। हम चाहते हैं कि लोग समझें कि समाज पर एक अकेला सामाजिक कार्यकर्ता कितना बड़ा असर डाल सकता है। अगर एक व्यक्ति इतना कुछ हासिल कर सकता है, तो ऐसा कोई कारण नहीं है कि हम सब मिलकर वैसा ही काम न कर सकें।’
जसवंत सिंह खालड़ा ने की थी जांच
बता दें, सतुलज का नाम पहले पंजाब 95 रहा गया था। ये फिल्म जसवंत सिंह खालड़ा पर है जिसमें पंजाब में 1984 से लेकर 1995 कई लोगों को फर्जी मुठभेड़ों में मारा गया। उन्हें लापता पता कर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस की हिरासत में ये हजारों लोग गायब हो गए। घर नहीं लौटे। इसी पर जब जसवंत सिंह खालड़ा ने जांच शुरू की तो कुछ ऐसा सामने आया जो हैरान करने वाला था। उन्होंने ये मुद्दा कनाडा की सरकार के सामने भी रखा। लेकिन फिर एक दिन जसवंत सिंह घर से ही किडनैप कर लिए गए। वो भी लापता हो गए और डेढ़ महीने बाद उनकी लाश सतलुज नदी में मिली।
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