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80 टारगेट, पहले से 5 गुना बड़ा अटैक… ईरान पर US का अब तक का सबसे घातक हमला!

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Source :- LIVE HINDUSTAN

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए लाखों लोग सड़कों पर हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह ऑपरेशन अभी कई घंटों तक जारी रह सकता है।

सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ के इलाके में अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई की है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी लड़ाकू विमानों और मिसाइलों ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर जो हमले किए हैं, वे दस दिन पहले हुए हमलों की तुलना में ‘चार से पांच गुना ज्यादा बड़े और शक्तिशाली’ हैं।

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए लाखों लोग सड़कों पर हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह ऑपरेशन अभी कई घंटों तक जारी रह सकता है।

अमेरिका ने क्यों उठाया यह कदम?

पिछले दिनों अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर ईरान की तरफ से हुए नए हमलों के जवाब में अमेरिका ने यह जवाबी कार्रवाई की है। इसके साथ ही, अमेरिका ने ईरानी तेल पर दी गई प्रतिबंधों की अस्थायी छूट को भी तुरंत रद्द कर दिया है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने वाले तीन तेल टैंकरों पर हमले के बाद अमेरिका ने तेहरान पर दबाव काफी बढ़ा दिया है।

अमेरिकी सेंटकॉम ने “अमेरिकी सेना ने ईरान के हवाई रक्षा तंत्र, कमांड एंड कंट्रोल नेटवर्क, तटीय रडार साइटों, एंटी-शिप मिसाइल ठिकानों और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की 60 से अधिक छोटी नावों को निशाना बनाया है। इस कार्रवाई का मकसद अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग पर हमला करने की ईरान की क्षमता को खत्म करना है।”

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्की में चल रहे नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के दौरान ही इस हमले की योजना को मंजूरी दी थी।

कहां-कहां गूंजे धमाके?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के बंदरगाह शहरों और द्वीपों पर भारी बमबारी की गई है।

  • केश्म द्वीप: कम से कम 6 बार बड़े धमाकों की आवाज सुनी गई।
  • सिरिक: 7 से 9 मिसाइलें गिरने की खबर है।
  • बंदर अब्बास: इस प्रमुख बंदरगाह शहर में करीब 10 धमाके सुने गए।

एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ईरान चेतावनियों को नहीं सुन रहा था, इसलिए अमेरिका ने इस बार “हमलों का वॉल्यूम बढ़ा दिया है।”

अधर में लटकी शांति वार्ता

इस भीषण हमले के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ अंतरिम समझौता ज्ञापन (MoU) खत्म हो गया है, लेकिन वे बातचीत जारी रखने की अनुमति देंगे। इसके अलावा वाशिंगटन ने ईरानी तेल की बिक्री को अधिकृत करने वाला लाइसेंस भी रद्द कर दिया है।

दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत फिलहाल रुक गई है। माना जा रहा है कि अब यह बातचीत 9 जुलाई को होने वाले अली खामेनेई के दफन के बाद ही आगे बढ़ सकेगी। ज्ञात हो कि खामेनेई इसी साल 28 फरवरी को हुए अमेरिकी-ईरानी हवाई हमलों में मारे गए थे।

ईरान की तीखी प्रतिक्रिया: “करारा जवाब मिलेगा”

ईरान के सैन्य मुख्यालय ‘खातम-अल-अंबिया’ ने इस अमेरिकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे ‘खुली आक्रामकता’ करार दिया है। ईरानी सेना ने चेतावनी दी है कि वे इसका “करारा जवाब” देंगे और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के प्रबंधन में किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेंगे। सेना ने साफ कहा कि इस रूट से गुजरने वाले जहाजों के लिए केवल ईरान द्वारा तय किया गया रास्ता ही सुरक्षित है।

ईरानी संसद के अध्यक्ष और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बगेर गालिबफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “यह अमेरिका द्वारा किया गया MoU का बड़ा उल्लंघन है। दक्षिणी ईरान पर हमले और तेल प्रतिबंधों को दोबारा थोपकर डराने-धमकाने का दौर अब खत्म हो चुका है। हम झुकने वाले नहीं हैं।”

बीच में दौरा छोड़ वतन लौटे ईरानी राष्ट्रपति

इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन जो पूर्व सर्वोच्च नेता खामेनेई के अंतिम संस्कार के सिलसिले में इराक के नजफ शहर में थे, वे अपना दौरा बीच में ही छोड़कर तेहरान के लिए रवाना हो गए हैं।

दूसरी तरफ, ईरान के नए सर्वोच्च नेता और खामेनेई के बेटे, आयतुल्ला मोजतबा खामेनेई अभी तक इन रस्मों में कहीं नजर नहीं आए हैं। माना जा रहा है कि वे किसी गुप्त स्थान पर छिपे हुए हैं, क्योंकि अपने पिता की मौत वाले हवाई हमले में वे भी घायल हो गए थे।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN