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H-1B वीजा फर्जीवाड़े पर अमेरिका की बड़ी स्ट्राइक, भारत की दिग्गज IT कंपनी पर लटकी तलवार

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Source :- LIVE HINDUSTAN

अमेरिका में H-1B और PERM वीजा फर्जीवाड़े पर बड़ा एक्शन हुआ है। जेडी वेंस के नेतृत्व में हो रही इस जांच के दायरे में कॉग्निजेंट समेत कई बड़ी आईटी कंपनियां हैं। पढ़ें, क्या है वीजा फ्रॉड का पूरा मामला।

अमेरिका ने H-1B और पर्म (PERM) वर्क वीजा में चल रही कथित धोखाधड़ी के खिलाफ एक बड़ा जांच अभियान छेड़ दिया है। अमेरिकी श्रम विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि इस बड़े फर्जीवाड़े की जांच के रडार पर दिग्गज भारतीय आईटी कंपनी ‘कॉग्निजेंट’ समेत कई बड़ी कंपनियां शामिल हैं।

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में हुआ एक्शन

वीजा से जुड़े इस बड़े गोरखधंधे के खिलाफ यह सख्त कदम अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व वाली ‘टास्क फोर्स टू एलिमिनेट फ्रॉड’ के तहत उठाया गया है।

कैसे खुला फर्जीवाड़े का राज?

श्रम विभाग के तहत काम करने वाले ‘ऑफिस ऑफ द इंस्पेक्टर जनरल’ (OIG) ने बड़े स्तर पर चल रहे इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। OIG के आधिकारिक बयान में जांच से जुड़ी कई अहम बातें सामने आई हैं।

  • कई नियोक्ताओं और लेबर ब्रोकर्स ने मिलकर वीजा के लिए फर्जी आवेदन जमा किए।
  • विदेशी कामगारों का शोषण किया गया, उनसे जबरन कम वेतन पर काम कराया गया और उनके पैसों में अवैध कटौती की गई।
  • कम मजदूरी वाले विदेशी कर्मचारियों से बाजार को भर दिया गया, जिसका सीधा नुकसान अमेरिकी कामगारों को हुआ और उनकी नौकरियां छिन गईं।

‘दर्जनों कंपनियों को जारी किए गए समन’

बुधवार को फॉक्स बिजनेस से बातचीत के दौरान श्रम विभाग के इंस्पेक्टर जनरल एंथोनी डी एस्पोसिटो ने इस कार्रवाई को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा, “हमने इस मामले में पहले ही दर्जनों समन जारी कर दिए हैं। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हम जांच में मिले हर एक सुराग की तह तक जाएं।”

आईटी दिग्गज कॉग्निजेंट का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया, “हमारे पास ऐसे व्हिसलब्लोअर्स मौजूद हैं जो ‘कॉग्निजेंट’ जैसी कुछ सबसे बड़ी कंपनियों के बारे में जानकारी दे रहे हैं। ये कंपनियां पर्म और H-1B वीजा से जुड़े मुद्दों में पहले से ही काफी चर्चा में रही हैं।”

अमेरिकी नागरिकों की नौकरियों से समझौता नहीं

OIG ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि ऐसे जालसाज उन श्रम कार्यक्रमों की साख को नुकसान पहुंचाते हैं, जिन्हें देश में श्रमिकों की वास्तविक कमी को दूर करने के लिए बनाया गया है। इन कार्यक्रमों का मकसद अमेरिकी नागरिकों की नौकरियों की कीमत पर भ्रष्ट लोगों की जेब भरना बिल्कुल नहीं है।

जांच एजेंसी ने कहा कि वह विदेशी गेस्ट वर्कर वीजा सिस्टम का गलत इस्तेमाल करने वाले मानव तस्करी और जबरन मजदूरी कराने वाले पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। संस्था का साफ कहना है कि वह उन सभी साजिशों को जड़ से खत्म करेगी जो मजबूर मजदूरों का शोषण करते हैं और अमेरिकी नागरिकों के हक की नौकरियां छीनते हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN