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तुरंत खाली करो पश्चिम एशिया, US की अपने नागरिकों को सलाह; ईरान में कुछ बड़ा होने वाला है?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

क्या अमेरिका, ईरान में कुछ बड़ा करने वाला है? यह सवाल पश्चिम एशिया के कई देशों में अमेरिकी दूतावासों ने अमेरिका नागरिकों से किए गए आग्रह के बाद उठा है। इसमें अमेरिका ने कहा है कि पश्चिम एशिया में रह रहे उसके नागरिक, इस क्षेत्र से निकलने पर विचार करें।

क्या अमेरिका, ईरान में कुछ बड़ा करने वाला है? यह सवाल पश्चिम एशिया के कई देशों में अमेरिकी दूतावासों ने अमेरिका नागरिकों से किए गए आग्रह के बाद उठा है। इसमें अमेरिका ने कहा है कि पश्चिम एशिया में रह रहे उसके नागरिक, इस क्षेत्र से निकलने पर विचार करें। अमेरिकी द्वारा जारी यह सुरक्षा अलर्ट, अम्मान, यरुशलम और बगदाद में अमेरिकी दूतावासों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। इसमें कहा गया है कि अगर हालात बिगड़ते हैं तो अमेरिकी नागरिकों को इन क्षेत्रों से निकलने के लिए तैयार रहना चाहिए। इन संदेशों में अमेरिकी नागरिकों से उड़ान की जानकारी चेक करने और स्थानीय अधिकारियों की सुरक्षा सलाह का पालन करने का भी आग्रह किया गया है।

ट्रंप बोले-हम इतने हमले करेंगे कि…

अलर्ट में कहा गया कि मध्य पूर्व में वर्तमान में मौजूद अमेरिकियों को सतर्क और ज्यादा चौकस रहना चाहिए। उन्हें फ्लाइट रद्द होने, समय-समय पर हवाई क्षेत्र बंद होने और संभावित यात्रा में व्यवधान के लिए तैयार रहना चाहिए। यह अलर्ट ऐसे समय जारी हुआ है जब अमेरिका और ईरान ने हफ्ते भर के युद्ध विराम के बाद फिर से हमला शुरू कर दिया है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर और अधिक सैन्य हमले करने की चेतावनी दी है। वहीं, अमेरिका रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज को फिर से खुलवाने के लिए दबाव बना रहा है। मैरीलैंड स्थित कैंप डेविड के राष्ट्रपति आवास पर शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहाकि हम सिर्फ जीतना चाहते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई अभी कुछ समय तक जारी रह सकती है। उन्होंने कहाकि अमेरिका ईरान पर बहुत कड़ा प्रहार करेगा। एक समय ऐसा आएगा जब वे कहेंगे कि अब हम और नहीं झेल सकते।

ईरान पर युद्ध समझौते तोड़ने का आरोप

इसके बाद दिन में व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने ईरान पर अमेरिका के साथ हुए युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहाकि तेहरान ने पिछले महीने अमेरिका के साथ युद्धविराम संबंधी एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन इसके तुरंत बाद उसने उसे तोड़ दिया, वाणिज्यिक जहाजों पर हमला किया और अमेरिकी सैनिकों की हत्या की। लेविट ने शुक्रवार शाम एक बयान में कहाकि राष्ट्रपति ट्रंप इस तरह की आतंकवादी हरकत बर्दाश्त नहीं करेंगे। जब तक ईरान राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार सार्थक तरीके से बातचीत की मेज पर नहीं आता, तब तक उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।

कुवैत की सेना क्या बोली

इस बीच कुवैत की सेना ने शनिवार को कहाकि उसके बल उन ड्रोन हमलों का जवाब दे रहे हैं, जो देश पर ईरान के हमलों का ही हिस्सा थे। कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने एक बयान में कहाकि ड्रोन ने देश के उत्तरी हिस्से में एक सरकारी इमारत सहित कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया। उन्होंने बताया कि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ है। वहीं, ब्रिटेन की नौसेना ने शनिवार को बताया कि होर्मुज में ओमान के तट के पास एक टैंकर हमले का शिकार हो गया, जबकि एक अन्य जहाज के पास जोरदार विस्फोट हुआ।

दोनों घटनाओं में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। ‘यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस’ ने बताया कि शुक्रवार को ओमान के लीमा से 11 समुद्री मील उत्तर-पूर्व में एक अज्ञात प्रक्षेपास्त्र जहाज से टकराया, जिससे उसके इंजन रूम को नुकसान पहुंचा। उसने बताया कि शनिवार को खसाब शहर से 21 समुद्री मील उत्तर-पश्चिम में नौकायन कर रहे एक अन्य टैंकर के पास एक बड़ा धमाका हुआ और पानी का भारी फव्वारा देखा गया।

ईरान भी होर्मुज में जहाजों को बना रहा निशाना

ईरान ने अमेरिका के साथ जारी संघर्ष के बीच अपनी अनुमति के बिना होर्मुज से गुजरने की कोशिश करने वाले जहाजों पर बार-बार हमले किए हैं। पश्चिम एशिया में क्षेत्रीय तनाव की एक और घटना में हमास के हथियार डालने पर सहमत होने के बाद भी गाजा पर इजरायल के हमले जारी हैं। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार रात इजरायल द्वारा किए गए भीषण हमलों में मध्य गाजा में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए। ये हमले हमास द्वारा शुक्रवार को इस बात की पुष्टि करने के बाद हुए कि वह हथियार डाल देगा। गाजा युद्ध को समाप्त करने की दिशा में इसे एक बड़ी सफलता माना जा रहा था, हालांकि अब भी कई बड़ी रुकावटें बनी हुई हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN