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Shayari in Hindi: जिंदगी की जंग जिगर से जीती जाती है…सोशल मीडिया पर शेयर करें ये 25 एटीट्यूड शायरियां

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Source :- LIVE HINDUSTAN

सोशल मीडिया पर हर कोई अपनी फोटो पोस्ट करता है और कभी-कभी स्वैग दिखाने के लिए कुछ दमदार कैप्शन हम खोजते हैं। अगर आप भी फोटो के लिए एटीट्यूड शायरी वाली कैप्शन ढूढ़ रहे हैं, तो हम आपके लिए कुछ शायरियां लेकर आए हैं।

हम दुखी हो, खुश हो, किसी से नाराज हो या फिर प्यार में अपनी हर फीलिंग्स को सोशल मीडिया पर शेयर कर देते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो हम आपके लिए पर्सनैलिटी के हिसाब से एटीट्यूड शायरी लेकर आए हैं। आप अपनी फोटो के साथ कोई भी लाइन कैप्शन में लिखकर पोस्ट कर सकते हैं। इससे आपकी फोटो पर लाइक्स भी ज्यादा आएंगे और लोग कैप्शन भी पसंद करेंगे, तो चलिए कुछ दमदार एटीट्यूड शायरियां आपको पढ़ाते हैं।

1. शिकारी तो हम आपसे भी बहुत बड़े हैं, लेकिन हमने कभी कुत्तों का शिकार नहीं किया

2. हम बात खत्म नहीं जनाब, हम तो सीधा कहानी ही खत्म कर देते हैं

कुछ लोग केवल बातें को नहीं बल्कि किस्से को खत्म करने में विश्वास करते हैं।

3. ये जो जिंदगी की जंग है ना भीड़ से नहीं, जिगर से जीती जाती है

4. सुनो सबकी लेकिन, करो केवल अपने मन की

5. मैं वो हूं जो आप सोच भी नहीं सकते, लेकिन मैं वो बिल्कुल भी नहीं हूं जो आप मुझे सोचते हैं

6. मुंह बनाने से पहले, मेरी जिंदगी से बिल्कुल दफा हो जाना।

7. जो हमें जहर समझते हैं, वो कौन सा हमें शहद लगते हैं।

8. खुद को शरीफ बस इतना रखो, जितना आपके साथ दुनिया रहे।

9. जो हमें जहर समझते हैं, वो कौन सा हमें शहद लगते हैं।

10. तू चाहे उड़ ले आसमान तक, मेरे सामने रहियो अपनी औकात तक।

11. बोलता कम हूं मैं, क्योंकि लोगों को चुप कराने का हुनर है मुझमें।

12. जो उसूल हैं तुम्हारे उन्हें कभी तोड़ना मत, जो कर दे हदें पार उसे छोड़ना मत।

13. तुम चाहे रहो खुश या खफा, बस हमसे रहो दूर और हो जाओ दफा।

14. जिसे तुम कहते हो ना खौफ, बेटा वही हैं हमारे शौक।

15. तुम मुझे दिखा रहे हो नीचा, तुम्हारी खुद की भी तो कोई औकात होनी चाहिए

16. अरे! आप तो हमें भूल ही गए बिल्कुल, अपनी औकात की तरहय़

17. मैं तो भूलता नहीं हूं , बस हां याद करना छोड़ देता हूं।

18. शराफत की दुनिया का किस्सा ही खत्म, अब जैसी दुनिया वैसे हम।

19. हवाओं, बादलों में न जाने क्या साजिशाना बात हुई,

मेरा ही घर मिट्टी का था, वहीं सारी बरसात हुई।

20. बस मेरे दहाड़ने की देर है

वापस आ गए है अब भोकाल मचाएंगे।

21. ऐसी-वैसी बातों पर नहीं देते हैं हम ध्यान, हम बाप हैं तुम्हारे मत बांटों कोई ज्ञान।

22. नफरत है मुझे उन दोगुले लोगों से, जो केवल मेरे मुंह पर मेरे हैं।

23. मैं किसी की समझ में आ जाऊं, इतना समझदार अभी कोई पैदा हुआ नहीं।

24. जिस दिन खुला मेरा मुंह, उस दिन उठ जाएंगे तुम्हारी शराफत के जनाजे।

25. हम वहां से शुरुआत करते हैं, जहां पे आप छोड़ देते हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN