Source :- LIVE HINDUSTAN
बलूचिस्तान के एक अलगाववादी ने सोमवार को अपनी आजादी का ऐलान कर दिया। साथ ही उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अपील भी की कि उन्हें ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ के तौर पर पहचान दी जाए।
बलूचिस्तान के एक अलगाववादी ने सोमवार को अपनी आजादी का ऐलान कर दिया। साथ ही उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अपील भी की कि उन्हें ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ के तौर पर पहचान दी जाए। एक्स पर लिखी पोस्ट में बलोच नेता, मीर यार बलोच ने दावा किया कि अब वह एक आजाद देश हैं। साथ ही अन्य देशों और अंतर्राष्ट्रीय समुदायों से भी कहाकि उन्हें पाकिस्तानी प्रांत के तौर संबोधित न किया जाए। बयान में कहा गया है कि बलूचिस्तान के लोगों के लिए नैतिक समर्थन जारी रहना चाहिए ताकि हम अपनी जमीन से कैंसर जैसे पाकिस्तान को हटा सकें। इन दावों को पाकिस्तान या अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने मान्यता नहीं दी है। बलूचिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान के एक प्रांत के रूप में मान्यता प्राप्त है। हालांकि, पिछले महीने विद्रोही समूह ने क्षेत्र के अधिकांश हिस्से पर नियंत्रण कर लिया और स्वतंत्रता की घोषणा की।
भारतीय मीडिया को धन्यवाद
‘बलूचिस्तान गणराज्य की स्वतंत्रता संदेश’ में, इस समूह ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठनों, विशेषकर भारत में मौजूद मीडिया, के साथ-साथ उन शोधकर्ताओं और थिंक टैंक्स का धन्यवाद किया, जिन्होंने बलूचिस्तान के मुद्दे को वैश्विक स्तर पर उजागर किया। संदेश में बलूचिस्तान के लोगों के लिए लगातार अंतरराष्ट्रीय नैतिक समर्थन की अपील की गई और देशों से आग्रह किया गया कि वे उस क्षेत्र की स्वतंत्रता को मान्यता दें। इसके मुताबिक रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान पूरी दुनिया से मांग करता है कि आज से, बलूचिस्तान को पाकिस्तान का प्रांत कहने, लिखने या संदर्भित करने के बजाय, इसे स्वतंत्र देश के रूप में लिखा, पढ़ा और बुलाया जाए।
ग्रुप ने यह भी दावा किया कि बलूचिस्तान विदेशी नीति, रक्षा, आर्थिक मामलों, राजनीति और कूटनीति की जिम्मेदारी लेगा। उन्होंने कहाकि पासपोर्ट, मुद्रा, मीडिया संगठन, व्यापार और वाणिज्य संस्थान और कूटनीतिक मिशनों के परिचय के लिए तैयारियाां चल रही हैं। बयान में आगे यह भी दावा किया गया कि बलूच राजनीतिक नेतृत्व की विभिन्न धाराओं को एकजुट करने के प्रयास जारी हैं।
11 अगस्त पर ऐतिहासिक दावा
मीर यार बलोच ने कहाकि स्वतंत्रता का दावा ब्रिटिश शासन के अंत के आसपास की घटनाओं से जुड़ा हुआ था। बयान के मुताबिक, बलूचिस्तान ने 11 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता घोषित की, ठीक ब्रिटिश भारत के विभाजन से पहले। इस समूह ने कहाकि उनका वर्तमान अभियान अब आजादी घोषित करने से आगे बढ़ चुका है। अब इसका ध्यान अंतरराष्ट्रीय मान्यता हासिल करने पर है। उन्होंने राष्ट्रों के सदस्य देशों से, जैसे संयुक्त राष्ट्र, आसियान, अफ्रीकी संघ, इस्लामिक सहयोग संगठन और यूरोपीय देशों से, अपने देश का समर्थन करने की अपील की। बयान में बलूचिस्तान को संसाधनों से समृद्ध क्षेत्र के रूप में भी बताया गया, जो विश्व स्वास्थ्य, शिक्षा और मानवीय पहलों में योगदान दे सकता है।
पाकिस्तान पर आरोप
बलोच समूह ने ये भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान के अधिकारी क्षेत्र में स्वतंत्रता दिवस के समारोहों को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि बलूचिस्तान के कुछ हिस्सों में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थीं। साथ ही यह भी कहाकि कालात, क्वेटा और खुजदार सहित क्षेत्रों में सैन्य छावनियों और पुलिस स्टेशनों के चारों ओर खाइयां खोदी गई थीं। बयान में आगे कहा गया कि पाकिस्तानी सैन्य हवाई जहाज, ड्रोन और हेलीकॉप्टर पूरे क्षेत्र में निगरानी अभियान चला रहे थे। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी।
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