Source :- LIVE HINDUSTAN
झोंगशिंग-4B एक कम्युनिकेशन सैटेलाइट था। ऐसे उपग्रहों का इस्तेमाल दूरसंचार और प्रसारण जैसी सेवाओं के लिए किया जाता है। रॉकेट को उपग्रह को ऊंची कक्षा तक पहुंचाना था, लेकिन उड़ान के शुरुआती चरण में ही मिशन खत्म हो गया।
चीन को अंतरिक्ष अभियान में बड़ा झटका लगा है। बीजिंग का लॉन्ग मार्च-7A रॉकेट एक सैटेलाइट को अंतरिक्ष में पहुंचाने के दौरान असफल हो गया। यह प्रक्षेपण दक्षिणी चीन के हैनान प्रांत स्थित वेनचांग अंतरिक्ष प्रक्षेपण केंद्र से किया गया था। रॉकेट उड़ान भरने के करीब डेढ़ मिनट बाद ही अचानक टूट गया और उसमें जोरदार विस्फोट हुआ। रॉकेट के साथ चीन का झोंगशिंग-4B कम्युनिकेशन सैटेलाइट भी नष्ट हो गया। इस मिशन में कोई इंसान सवार नहीं था, इसलिए किसी व्यक्ति के घायल होने की खबर नहीं है। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने भी मिशन के असफल होने की पुष्टि की है। अधिकारियों ने कहा है कि घटना की वजह का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।
यह घटना चीन के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए इसलिए बड़ा झटका है क्योंकि लॉन्ग मार्च-7A कोई नया रॉकेट नहीं है। इस रॉकेट ने पहली उड़ान साल 2020 में की थी और शुरुआती असफलता के बाद इसने 12 से ज्यादा मिशनों को सफलतापूर्वक पूरा किया था। सोमवार शाम की घटना इस रॉकेट की दूसरी बड़ी विफलता मानी जा रही है। इससे पहले इसी साल जनवरी में लॉन्ग मार्च फैमिली के दूसरे रॉकेट लॉन्ग मार्च-3B का लॉन्च भी असफल हुआ था।
रॉकेट और उपग्रह कक्षा तक नहीं पहुंचे
हालिया मिशन में भेजा जा रहा झोंगशिंग-4B एक कम्युनिकेशन सैटेलाइट था। ऐसे उपग्रहों का इस्तेमाल दूरसंचार और प्रसारण जैसी सेवाओं के लिए किया जाता है। रॉकेट को उपग्रह को ऊंची कक्षा तक पहुंचाना था, लेकिन उड़ान के शुरुआती चरण में ही मिशन खत्म हो गया। उपलब्ध वीडियो में रॉकेट को सामान्य तरीके से ऊपर जाते हुए देखा गया, लेकिन करीब 85 से 90 सेकंड बाद उसमें गंभीर गड़बड़ी दिखाई दी और वह टूट गया। रॉकेट और उपग्रह दोनों कक्षा तक नहीं पहुंच सके। अभी यह साफ नहीं है कि खराबी रॉकेट के किस हिस्से में हुई और इसकी तकनीकी वजह क्या थी। चीन की जांच पूरी होने के बाद ही इसके बारे में ज्यादा जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
इस घटना का असर चीन के आने वाले चंद्र मिशनों पर भी चर्चा का विषय बन गया है। चीन आने वाले हफ्तों में लॉन्ग मार्च-5 रॉकेट के जरिए चांग E-7 मिशन भेजने की तैयारी कर रहा है। इस मिशन का लक्ष्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास रोबोटिक यान उतारना है। लॉन्ग मार्च-5 और लॉन्ग मार्च-7A में कुछ तकनीकी समानताएं हैं, इसलिए ताजा विफलता के बाद यह सवाल उठ रहा था कि कहीं चांग E-7 अभियान में देरी तो नहीं होगी। हालांकि, अभी तक इस विफलता से चांग E-7 मिशन के प्रभावित होने की पुष्टि नहीं हुई है।
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