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घर की खुदाई में मज़दूरों को मिला सोने का एक बड़ा ख़ज़ाना

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Source :- BBC INDIA

सोने के बिस्किट और सिक्कों की तस्वीरें

इमेज स्रोत, Lokale Politie Dendermonde

यूरोपीय देश बेल्जियम के ईस्ट फ़्लैंडर्स में एक घर की मरम्मत के दौरान मज़दूरों को दीवार में सोने का बड़ा ख़ज़ाना मिला है, जो क़रीब 90 लाख यूरो यानी लगभग 98 करोड़ रुपये का है.

दीवार के अंदर सोने की ईंटें और सिक्के शामिल हैं.

स्थानीय मीडिया के मुताबिक़, मज़दूर इसी सप्ताह सीवेज पाइप बिछाने के लिए ड्रिलिंग कर रहे थे, इस दौरान उन्हें यह ख़ज़ाना मिला.

ख़ज़ाना मिलने के बाद यह सवाल उठने लगा है कि इस सोने को कौन रख सकता है. इसे पाने का मौक़ा मज़दूरों के साथ-साथ उस स्थानीय संस्था के पास भी है, जिसके पास इस जगह का मालिकाना हक़ है.

जांच शुरू करने के बाद पुलिस ने लोगों को वहां जाकर और ख़ज़ाना खोजने से मना किया. पुलिस ने बताया कि घर को पूरी तरह से खंगाला जा चुका है और सारा सोना सुरक्षित जगह पर रख दिया गया है.

मज़दूरों को सोने का ये ख़ज़ाना तब मिला, जब वे इमारत की नींव पर काम कर रहे थे. इनमें 18 साल का एक छात्र भी था, जो गर्मियों की छुट्टी में कुछ अतिरिक्त कमाई के लिए काम कर रहा था.

कोबे नाम के इस छात्र ने बेल्जियम के सरकारी प्रसारक वीआरटी से कहा, “हम पहले तो इस बात पर यकीन ही नहीं कर पाए और बहुत हैरान थे.”

उसने कहा, “पहले मुझे लगा कि ये यूरो के सिक्के हैं. लेकिन फिर हमने वहां सोने का एक टुकड़ा भी देखा. तभी हमें समझ आया कि मामला कुछ बड़ा है.”

सोने के सिक्के

इमेज स्रोत, Lokale Politie Dendermonde

इसके कुछ ही समय बाद उन्होंने पुलिस को इसकी जानकारी दी और बताया कि इसे अपने पास रखना संभव नहीं था.

साइट मैनेजर मारियो ने वीआरटी को बताया, “सोने के इतने सारे सिक्के और ईंटें हैं कि ऐसा करना लगभग नामुमकिन होगा. इसके अलावा, ऐसा करना चोरी होती.”

कोबे ने भी सहमति जताई और कहा, “90 लाख यूरो, आप इसे छिपाकर नहीं रख सकते.”

जिस जगह सोना मिला, वह फ़िलहाल ‘सीएडब्ल्यू ओस्ट-व्लैंडरेन’ की है. यह संस्था डेंडरमोंडे क्षेत्र में लोगों को सामाजिक और कल्याणकारी सहायता उपलब्ध कराती है.

इसके डायरेक्टर गीर्ट हिलर्ट ने कहा कि उनकी पहली प्रतिक्रिया ‘हैरानी और आश्चर्य’ की थी.

उन्होंने उम्मीद जताई कि इस ख़ज़ाने का इस्तेमाल आगे चलकर संस्था के काम में मदद करने और ‘हर दिन सामने आने वाली बड़ी ज़रूरत’ को पूरा करने में किया जा सकता है.

स्थानीय पुलिस ने लोगों से कहा है कि वे ख़ज़ाना खोजने के लिए चल रहे निर्माण वाले स्थान पर न जाएं.

पुलिस ने अपने फ़ेसबुक प्रोफ़ाइल की तस्वीर भी सोने के सिक्के की तस्वीर से बदल दी है.

पुलिस ने कहा कि उसे उम्मीद है कि इस खोज से मिला सोना ‘सही जगह’ पहुंचेगा और लोगों की ज़िंदगी बदल देगा.

किसे मिलेगा सोना

बेल्जियम के क़ानून के तहत असली मालिक के पास इस ख़ज़ाने पर अपना दावा करने के लिए पांच साल हैं.

हालांकि, इस मामले में जांच कर रहे स्थानीय सरकारी वकील ने कहा कि अभी यह पता नहीं है कि मालिक कौन है.

अगर कोई सामने नहीं आता है, तो सिविल क़ानून के मुताबिक़ किसी और की ज़मीन पर छिपा ख़ज़ाना उसे खोजने वाले और उस जगह के मालिक के बीच बांटा जाएगा.

हालांकि, यह तभी होगा जब तक यह साबित न हो कि यह ख़ज़ाना किसी अपराध से जुड़ा हुआ है.

अब बिल्डरों और चैरिटी संस्था, दोनों को किसी मालिक के सामने आने के लिए 1,823 दिनों तक इंतजार करना पड़ सकता है.

अगर इस दौरान कोई सामने आकर इसे अपना साबित नहीं करता है, तो आगे की क़ानूनी कार्यवाही की जाएगी.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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SOURCE : BBC NEWS