Source :- LIVE HINDUSTAN
सेबी के नए सर्कुलर के बाद ब्रोकरेज कंपनियों और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE के शेयरों में शुक्रवार को तूफानी तेजी आई। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को NSE पर एंजेल वन (Angel One) के शेयरों में लगभग 8% उछाल आया जबकि BSE के शेयरों में 5% की बढ़त हुई। इसके अलावा, बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स (ग्रो/Groww) के शेयर की कीमत में लगभग 3% की बढ़ोतरी हुई। वहीं, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयरों में भी करीब 3% की बढ़त देखी गई जबकि नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट के शेयर भी डिमांड में रहे।
सेबी का सर्कुलर क्या है?
दरअसल, सेबी ने एक नए सर्कुलर में कहा है कि वह क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) शुरू होने के एक महीने बाद फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए सेटलमेंट प्राइस तय करने के तरीके की समीक्षा करेगा। सेबी ने सिक्योरिटीज की क्लोजिंग कीमत तय करने के लिए 3 अगस्त से इक्विटी कैश सेगमेंट में क्लोजिंग ऑक्शन सेशन शुरू किया था।
इसे लागू करने के बाद से मार्केट रेगुलेटर ने स्टॉक एक्सचेंज, ब्रोकर, सॉफ्टवेयर वेंडर, म्यूचुअल फंड, इंडस्ट्री एसोसिएशन और FPI जैसे अलग-अलग स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर काम किया है ताकि इसे आसानी से लागू किया जा सके। इसका मकसद है कि शुरुआती दौर में आने वाली ऑपरेशनल और दूसरी दिक्कतों को दूर किया जा सके। सेबी ने इस बात पर भी जोर दिया कि स्टेकहोल्डर्स ने जो अहम मुद्दे उठाए थे, उनमें से एक मुद्दा CAS से तय क्लोजिंग कीमत के आधार पर एक्सपायरी के समय डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स के सेटलमेंट की कीमतें तय करने से जुड़ा था।
मार्केट रेगुलेटर ने कहा कि सेबी डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स के सेटलमेंट की कीमतें तय करने के तरीके में कुछ बदलाव का प्रस्ताव दे सकता है, जिसके लिए लगभग एक हफ्ते में एक कंसल्टेशन पेपर जारी किया जाएगा। बता दें कि CAS फ्रेमवर्क के तहत ट्रेडिंग डे के आखिरी पंद्रह मिनटों में सबसे ज्यादा खरीद और बिक्री के ऑर्डर का मिलान करके क्लोजिंग कीमत तय की जाती है। ऑक्शन सेशन से तय हुई क्लोजिंग प्राइस का इस्तेमाल एक्सपायरी पर डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए सेटलमेंट प्राइस तय करने के आधार के तौर पर भी किया जाता है।
सेबी चेयरमैन ने क्या कहा?
बीते अगस्त महीने में सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने कहा था कि बाजार नियामक हाल में लागू CAS व्यवस्था में फिलहाल कोई बदलाव नहीं करेगा। बाजार नियामक सेबी के प्रमुख ने एनएसई क्लियरिंग की 30वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित कार्यक्रम से कहा, ”फिलहाल हम CAS व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं देख रहे हैं और यह उसी तरह चल रही है। इसमें भागीदारी बढ़ेगी और सभी ब्रोकर अपने ऐप में इसे उपलब्ध कराएंगे।”
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