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अमेरिका के दबाव में हुई बोइंग डील? बांग्लादेशी वकील ने सरकार को भेजा नेटिस, मांगा पूरा हिसाब

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Source :- LIVE HINDUSTAN

बांग्लादेश के वरिष्ठ वकील बैरिस्टर एमएमजी सरवर ने 3.7 अरब डॉलर के बोइंग विमान खरीद सौदे को लेकर सरकार और बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस को कानूनी नोटिस भेजा है। दो मंत्रियों के परस्पर विरोधी बयानों के बाद उन्होंने पूछा है कि इस सौदे पर अमेरिका का कोई दबाव था या नहीं?

बांग्लादेश के सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ वकील बैरिस्टर एमएमजी सरवर ने 3.7 अरब डॉलर ( 34961 करोड़ भारतीय रुपये) के बोइंग विमान खरीद सौदे को लेकर सरकार और बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस को कानूनी नोटिस भेजा है। उन्होंने साफ पूछा है कि इस सौदे पर हस्ताक्षर किसने किए और जनता को अपनी राय देने का मौका क्यों नहीं दिया गया। यह नोटिस तब आया है जब तारिक रहमान के मंत्रिमंडल के दो मंत्रियों ने अमेरिकी दबाव को लेकर अलग-अलग बातें कही हैं।

दरअसल, नागरिक उड्डयन मंत्री राशिदुज्जमान मिल्लत ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान से बोइंग विमान खरीदने का आग्रह किया था। वहीं विदेश मामलों के राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने किसी भी तरह के अमेरिकी दबाव से इनकार किया। बैरिस्टर सरवर फिलहाल सौदा रद्द कराने की मांग नहीं कर रहे। वे केवल यह सबूत चाहते हैं कि सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी हुई हैं।

सोमवार को भेजे गए नोटिस में उन्होंने कैबिनेट सचिव, नागरिक उड्डयन सचिव, वित्त सचिव तथा बिमान के अध्यक्ष और सीईओ को लिखा है कि 14 नए विमानों पर अरबों रुपये के सार्वजनिक धन खर्च करने के लिए केवल समझौते पर हस्ताक्षर और प्रेस विज्ञप्ति काफी नहीं है। नोटिस में एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई है। 5 सितंबर को यूरोपीय संघ के राजदूत माइकल मिलर ने सरकार से एयरबस के प्रस्ताव पर भी गंभीरता से विचार करने और समान अवसर सुनिश्चित करने का आग्रह किया था। इससे यह सवाल उठता है कि क्या बोइंग के प्रस्ताव की तुलना एयरबस से की गई या सौदा पहले से तय था।

30 अप्रैल को हुआ था विमान खरीदने का मौका?

30 अप्रैल को बिमान ने बोइंग के साथ 14 विमान खरीदने का समझौता किया था। इसमें आठ 787-10 ड्रीमलिनर, दो 787-9 और चार 737 मैक्स विमान शामिल हैं। कुल कीमत 3.7 अरब डॉलर बताई गई है। मीडिया में इसे विमान का अब तक का सबसे बड़ा बेड़ा विस्तार बताया गया। दूसरी ओर सरवर का कहना है कि इस बीच जनता को पूरी जानकारी नहीं दी गई।

नागरिक उड्डयन मंत्री राशिदुज्जमान ने बांग्लादेश के दैनिक समाचार पत्र ‘समाकाल’ में कहा था कि अगर हम शेख हसीना के देश छोड़ने के तरीके से सबक नहीं लेते तो परिणाम सभी के लिए बुरे होंगे। हम अतीत की पुनरावृत्ति नहीं चाहते। उन्होंने आगे कहा कि ट्रंप ने प्रधानमंत्री से बोइंग विमान खरीदने का अनुरोध किया था और देश 14 बोइंग विमान खरीद रहा है तथा कुछ और विमान पट्टे पर भी लिए जाएंगे। इसके विपरीत हुमायूं कबीर ने स्पष्ट कहा कि यह सौदा किसी दबाव में नहीं किया जा रहा।

सरवर का तर्क है कि करदाताओं के पैसे खर्च करते समय कानूनी प्रावधानों की अनदेखी नहीं की जा सकती। बांग्लादेश के संविधान, सार्वजनिक खरीद अधिनियम 2006 और सार्वजनिक खरीद नियम 2008 के अनुसार सार्वजनिक धन खर्च करने पर प्रतिस्पर्धी बोली, स्पष्ट दस्तावेज, स्वतंत्र व्यवहार्यता अध्ययन और जरूरत का प्रमाण अनिवार्य है। नोटिस में कहा गया है कि इनमें से कुछ भी जनता के सामने नहीं रखा गया।

सरवर ने अधिकारियों से सात दिन के अंदर सौदे से संबंधित सभी स्वीकृतियां, व्यवहार्यता अध्ययन, वित्तपोषण योजनाएं और अन्य प्रतिबद्धताएं पेश करने को कहा है। अगर जवाब नहीं मिला तो वे हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर कर न्यायिक समीक्षा की मांग करेंगे।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN