Home rss business hindi Income Tax Refund: जुलाई में फाइल कर दिया था ITR, लेकिन अभी...

Income Tax Refund: जुलाई में फाइल कर दिया था ITR, लेकिन अभी तक नहीं मिला टैक्स रिफंड! तो तुरंत करें ये 6 काम

4
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

Income Tax Refund: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने और उसे ई-वेरिफाई करने के बाद टैक्सपेयर्स को रिफंड का इंतजार रहता है। आमतौर पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ई-वेरिफिकेशन के बाद करीब चार से पांच हफ्तों में रिफंड प्रोसेस कर देता है। हालांकि, रिटर्न में किसी तरह की गड़बड़ी, बैंक अकाउंट की जानकारी में गलत होना या जरूरी वैलिडेशन पूरा नहीं होने की वजह से रिफंड में देरी हो सकती है या आपका इनकटम टैक्स रिफंड अटक सकता है। अगर आपने 31 जुलाई से पहले अपना इनकम टैक्स रिफंड जमा कर दिया था और रिफंड प्रोसेस भी हो चुका है लेकिन बैंक अकाउंट में पैसा नहीं आया है, तो पहले ये 5 प्वाइंट जरूर चेक कर लें।

1. सबसे पहले चेक करें रिफंड का स्टेटस

इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें। इसके बाद ई-फाइल > इनकम टैक्स रिटर्न्स > व्यू फाइल्ड रिटर्न पर जाएं। असेसमेंट ईयर चुनकर व्यू डिटेल्स पर क्लिक करें। यहां रिटर्न और रिफंड का पूरा लाइफ साइकल देखा जा सकता है। रिफंड स्टेटस में रिफंड इशू, रिफंड पार्शियली एडजस्टेड, रिफंड एडजेस्ट्ड, Refund Fully Adjusted या रिफंड फेल जैसे अपडेट दिखाई दे सकते हैं। इसलिए केवल रिफंड प्रोसेस होने का मैसेज देखकर यह मान लेना सही नहीं है कि पैसा बैंक अकाउंट में पहुंच चुका है।

2. रिफंड इश्यू है, फिर भी पैसा नहीं आया?

अगर पोर्टल पर रिफंड जारी होने की जानकारी दिख रही है, लेकिन बैंक अकाउंट में रकम नहीं आई है तो सबसे पहले अपने बैंक अकाउंट की जानकारी जांचें। इनकम टैक्स रिफंड पाने के लिए बैंक अकाउंट का वैलिडेट होना जरूरी है। टैक्सपेयर्स पोर्टल के जरिए बैंक अकाउंट जोड़कर उसे वैलिडेट और रिफंड के लिए नॉमिनेट कर सकते हैं।

3. रिफंड फेल होने की वजह जानें

रिफंड फेल होने के कई कारण हो सकते हैं। इनमें बैंक अकाउंट का प्री-वैलिडेट न होना, बैंक अकाउंट में दर्ज नाम और पैन की जानकारी में अंतर, गलत आईएफएससी कोड या बंद बैंक अकाउंट शामिल हैं। इसके अलावा अगर पैन, आधार से लिंक नहीं होने के कारण इनऑपरेटिव है, तो भी रिफंड फेल हो सकता है।

4. बैंक अकाउंट को दोबारा वैलिडेट करें

पोर्टल के माई बैंक अकाउंट सेक्शन में जाकर बैंक अकाउंट का स्टेटस चेक किया जा सकता है। अगर पहले वैलिडेशन फेल हुआ है तो अकाउंट को दोबारा वैलिडेट किया जा सकता है। नाम, पैन-बैंक लिंकिंग, अकाउंट नंबर या बैंक अकाउंट के इनएक्टिव क्लोज्ड होने जैसी गलतियों को पहले ठीक करना जरूरी है।

5. रिफंड रीइश्यू रिक्वेस्ट करें

अगर रिफंड फेल हो गया है तो टैक्सपेयर्स रिफंड रीइश्यू सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए रिटर्न में रिफंड फेल होना और बैंक अकाउंट का वैलिडेट होना जरूरी है। लॉगिन करने के बाद सर्विस > रिफंड रीइश्यू पर जाएं, नया रिक्वेस्ट बनाएं, संबंधित रिफंड रिकॉर्ड चुनें और वैलिडेट बैंक अकाउंट सिलेक्ट करें। इसके बाद रिक्वेस्ट को ई-वेरिफाई करना होगा। सफल ई-वेरिफिकेशन के बाद ट्रांजैक्शन आईडी जनरेट होती है और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर व ईमेल पर इसकी पुष्टि मिलती है।

6. रिफंड एडजस्टेड तो नहीं हुआ?

कई बार रिफंड बैंक अकाउंट में आने के बजाय किसी बकाया टैक्स या अन्य देनदारी के खिलाफ थोड़ा या पूरा एडजस्ट हो सकता है। इसलिए रिफंड का वास्तविक स्टेटस देखना जरूरी है। अगर ई-वेरिफिकेशन के बाद चार-पांच सप्ताह से ज्यादा समय हो गया है और रिफंड नहीं मिला है, तो पहले ITR और रिफंड स्टेटस चेक करें। इसके बाद बैंक अकाउंट की वैलिडेशन और विभाग की ओर से आए किसी कम्युनिकेशन को देखें। अगर स्टेटस रिफंड फेल है, तो बैंक अकाउंट को वैलिडेट करने के बाद रिफंड इश्यू रिक्वेस्ट सबमिट की जा सकती है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN