Source :- LIVE HINDUSTAN
क्या आप जानते हैं कि ऐसी कई चीजें हैं, जो आप और हम मजे से खा रहे हैं लेकिन विदेशों में इनपर बैन लगा हुआ है। ये चीजें सेहत के लिए काफी नुकसानदायक होती हैं, इसलिए हर किसी को इनका सेवन सोच-समझकर करना चाहिए।
हम भारतीयों को अच्छा खाने का बड़ा शौक है। अच्छे से मतलब हेल्दी बिल्कुल भी नहीं है, बस खाने का स्वाद अच्छा होना चाहिए। इसी चक्कर में आज भारत में डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल, बीपी, हार्ट अटैक और कैंसर जैसी बीमारियों के मरीज तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। आपको जान कर हैरानी होगी कि ऐसी कई चीजें हम कंज्यूम कर रहे हैं, जो बाहर के कई देशों में बैन हैं लेकिन इंडिया में लोग मजे से इन्हें खाते हैं। जबकि ज्यादातर लोग जानते हैं कि ये सेहत के लिए अच्छी नहीं हैं, लेकिन स्वाद को सेहत से ऊपर रखने वाली हमारी आदत आड़े आ जाती है। जानी-मानी न्यूट्रीशनिस्ट सुमन अग्रवाल की इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए ऐसी ही 5 चीजों की लिस्ट हम आपके साथ शेयर कर रहे हैं।
कैंसर की बड़ी वजह हैं पान मसाला और गुटखा
पान मसाला और गुटखा कई देशों में बैन हैं, जिनमें अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और यूके भी शामिल हैं। लेकिन भारत में आज भी लोग बड़ी मात्रा में गुटखा या पान मसाला खाते हुए दिख जाएंगे। पान मसाला और गुटखा में तंबाकू और सुपारी होते हैं, जो जाने-माने कार्सिनोजेन हैं। यानी इन्हें कंज्यूम करने से ओरल कैंसर (मुंह और गले का कैंसर) का रिस्क काफी ज्यादा होता है। लेकिन फिर भी भारत में लोग बड़ी मात्रा में इन्हें खाते हैं।
मिलावटी डेयरी प्रोडक्ट्स
अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूके और न्यूजीलैंड समेत कई देशों में दूध और दूध से जुड़े प्रोडक्ट्स में मिलावट को ले कर काफी सख्त कानून हैं। लेकिन भारत में आज भी ये धड़ल्ले से होता है। दूध में मिलावट तो इतनी आम है कि आय दिन मामले सामने आते ही रहते हैं। ऐसा दूध या दूध से बने प्रोडक्ट्स अगर लंबे समय तक कंज्यूम किए जाएं, तो लिवर और किडनी पर बुरा असर पड़ सकता है।
वनस्पति तेल
वनस्पति तेल या घी का इस्तेमाल भी भारत में काफी होता है। ये हाइड्रोजनेटेड ऑयल होता है जिसमें भारी मात्रा में ट्रांस फैट मौजूद होता है। साल 2018 के बाद से ये यूएस में बैन है, लेकिन इंडिया में आज भी लोग वनस्पति तेल कंज्यूम करते हैं। स्ट्रीट फूड और पैकेज्ड फूड आइटम में ये भर भर के इस्तेमाल होता है।
कई देशों में बैन हैं फूड डाई (कलर) का इस्तेमाल
जलेबी, गुलाब जामुन, कॉटन कैंडी और गोबी मंचूरियन जैसी कई डिशेज में फूड डाई यानी कलर का इस्तेमाल किया जाता है। जबकि कई देशों में इनपर या तो प्रतिबंध है या फिर बेहद सख्त नियमों के दायरे में रखा गया है। लंबे समय तक इनके इस्तेमाल को ले कर कई स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं सामने आती रही हैं।
अजीनोमोटो यानी MSG
स्ट्रीट फूड खासकर चाइनीज फूड और पैकेज्ड फूड को टेस्टी बनाने के लिए अजीनोमोटो यानी मोनोसोडियम ग्लूटामेट (MSG) का इस्तेमाल किया जाता है। ये दुनियाभर के कई देशों में पूरी तरह बैन है लेकिन भारत में इसका इस्तेमाल बहुत भारी मात्रा में होता है।
नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या मेडिकल कंडीशन से जुड़े सवालों के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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