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बच्चो ं मे ं तेज बुखार स े ह ो सकत ा ह ै दौर े पड़न े क ा रिस्क! डॉक्टर न े बताय ा क्य ा करे ं पैरेंट्स

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मौसम बदलन े क े साथ ह ी बच्चो ं मे ं बुखार क ी समस्य ा भ ी बढ ़ रह ी है । ऐस े मे ं 1 स े 5 साल क े बच्चो ं मे ं कई बार दौर े पड़न े क ा रिस्क भ ी ह ो सकत ा है । ऐस ी स्थित ि मे ं पैरेंट्स क ो क्य ा करन ा चाहिए, आइए डॉक्टर स े जानत े हैं।

मौसम बदलन े पर सबस े पहल े बच्चो ं पर ह ी इसक ा असर पड़त ा है । आजकल भ ी यह ी ह ो रह ा है । बच्च े काफ ी बीमार पड ़ रह े हैं । ऐस े मे ं 1 स े 5 साल क ी उम्र क े बच्चो ं मे ं तेज बुखार क े दौरान कभी-कभ ी दौर े पड़न े क ी भ ी समस्य ा देखन े क ो मिल जात ी है । इस सिचुएशन मे ं अधिकतर पैरेंट्स घबर ा जात े है ं और उन्हे ं समझ नही ं आत ा ह ै क ि क्य ा किय ा जाए । ड ॉ हनीश बजाज न े एक इंस्टाग्राम पोस्ट क े जरिए इस समस्य ा स े बचन े क ा तरीक ा बताय ा है । बच्चो ं क ो बुखार क े दौरान दौर े न ा पड़ें, इसक े लिए डॉक्टर न े कुछ उपाय बताए ं हैं । आइए जानत े हैं।

1 स े 5 साल क े बच्चो ं मे ं ह ो सकत े है ं दौर े

ड ॉ हनीश बजाज बतात े है ं क ि 1 स े 5 साल क ी उम्र क े बच्चो ं मे ं बुखार क े दौरान कभी-कभ ी फीवर स े जुड़ े दौर े पड ़ सकत े हैं । बुखार क े साथ शरीर क े टेंपरेचर मे ं बदलाव होन े पर ऐस ी सिचुएशन ह ो सकत ी है । हालांकि, आमतौर पर ऐस े दौर े बच्च े क े दिमाग क ो नुकसान नही ं पहुंचाते । लेकिन कुछ बच्चो ं मे ं दोबार ा दौर ा पड़न े क ी संभावन ा ह ो सकत ी है । इसलिए तेज बुखार क ो नजरअंदाज न ा करे ं और बच्च े क ा खास ध्यान रखें।

तेज बुखार होन े पर तुरंत क्य ा करे ं

ड ॉ हनीश कहत े है ं क ि अगर बच्च े क ो तेज बुखार चढ ़ रह ा ह ै त ो सबस े पहल े नॉर्मल पान ी लेकर उसक े पूर े शरीर क ो स्पंज करे ं और उसक ी बॉड ी क े टेंपरेचर क ो कम करें । इसक े साथ ह ी बच्च े क ो तुरंत घर मे ं ज ो भ ी फीवर क ी मेडिसिन ह ो खान े क े लिए दें । फर्स्ट एड देन े क े बाद बच्च े क ो बच्चो ं क े डॉक्टर क ो दिखाएं, ताक ि बुखार क ी वजह पत ा चल सक े और आग े क ा इलाज सह ी तरीक े स े ह ो सके।

अगर बुखार क े साथ दौर ा पड ़ जाए त ो घबराए ं नही ं

डॉक्टर सलाह देत े है ं क ि फीवर क े दौरान अगर बच्च े क ो दौर ा पड़ े त ो ऐस ी सिचुएशन मे ं घबराए ं नहीं । बच्च े क ो किस ी सुरक्षित जगह पर सीध ा और सुरक्षित रखें, ताक ि उस े चोट न ा लगे । बच्च े क े मुंह मे ं उंगली, चम्मच, पान ी य ा कोई दूसर ी चीज बिल्कुल न ा डालें । दौर ा कितन ी देर तक चला, इसक ा समय जरूर नोट करें । इसस े डॉक्टर क ो बच्च े क ी कंडीशन समझन े मे ं मदद मिलेगी । दौर े क े दौरान बच्च े क ो जबरदस्त ी पकड़कर रोकन े क ी कोशिश भ ी न करें।

5 मिनट स े ज्याद ा दौर ा पड़ े त ो तुरंत मेडिकल मदद ले ं

एक्सपर्ट सलाह देत े है ं क ि अगर बच्च े क ा दौर ा 5 मिनट स े ज्याद ा समय तक रहत ा है, बार-बार दौर ा पड़त ा है, सांस लेन े मे ं परेशान ी होत ी ह ै य ा दौर े क े बाद बच्च ा ठीक तरह स े सामान्य नही ं ह ो रह ा है, त ो तुरंत मेडिकल मदद लें । ऐस ी सिचुएशन मे ं इंतजार करन ा ठीक नही ं है । तेज बुखार और दौर े क ो लेकर पेरेंट्स क ो अलर्ट रहन ा चाहिए । हालांक ि फीवर क े कारण आन े वाल े दौर े आमतौर पर दिमाग क ो नुकसान नही ं पहुंचाते, लेकिन उस दौरान बच्च े क ो सह ी तरीक े स े संभालन ा और जरूरत पड़न े पर समय पर डॉक्टर तक पहुंचन ा बहुत जरूर ी है।

बुखार क ो नजरअंदाज न ा करे ं

बच्च े क ो तेज बुखार होन े पर केवल यह सोचकर इंतजार न करे ं क ि बुखार अपन े आप ठीक ह ो जाएगा । तापमान पर नजर रखें, बच्च े क ो आराम दें, डॉक्टर क ी सलाह क े अनुसार बुखार क ी दव ा दे ं और जरूरत होन े पर बच्चो ं क े डॉक्टर स े संपर्क करें।

नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकार ी क े उद्देश्य स े लिख ा गय ा है । इस े किस ी भ ी तरह स े पेशेवर मेडिकल सलाह क ा विकल्प न मानें । किस ी भ ी स्वास्थ्य समस्य ा य ा मेडिकल कंडीशन स े जुड़ े सवालो ं क े लिए हमेश ा अपन े डॉक्टर क ी सलाह जरूर लें।

यह रिपोर्ट सोशल मीडिय ा पर मौजूद यूजर-जनरेटेड कंटेंट पर आधारित है । लाइव हिन्दुस्तान न े इन दावो ं क ी स्वतंत्र रूप स े पुष्ट ि नही ं क ी ह ै और न ह ी इनक ा समर्थन करत ा है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN