Home rss business hindi Core Sector Growth: अगस्त मे ं 4.8 % रह ी कोर सेक्टर...

Core Sector Growth: अगस्त मे ं 4.8 % रह ी कोर सेक्टर क ी ग्रोथ, कोयला, तेल-गैस क े उत्पादन न े बढ़ाई चिंता

4
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

भारत के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों की रफ्तार अगस्त 2026 में थोड़ी धीमी हुई है। 8 प्रमुख उद्योगों के ICI (Index of Core Industries) में सालाना आधार पर 4.8% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। जुलाई में यह वृद्धि संशोधित आंकड़ों के अनुसार 5% रही थी, यानी एक महीने में कोर सेक्टर की ग्रोथ में मामूली कमी आई है। इन आंकड़ों से देश के औद्योगिक प्रदर्शन की दिशा का एक अहम संकेत मिलता है। आइए जरा विस्तार से ICI की डिटेल्स जानते हैं।

8 में से 5 सेक्टर्स ने किया बढ़िया प्रदर्शन

अगस्त में 8 में से 5 प्रमुख सेक्टर्स ने पॉजिटिव प्रदर्शन किया है। इनमें सीमेंट और बिजली उत्पादन सबसे आगे रहे। सीमेंट उत्पादन में सालाना आधार पर 12.5% की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि बिजली उत्पादन 11.6% बढ़ा। इसके अलावा लौह अयस्क उत्पादन में 5.5%, स्टील उत्पादन में 3.4% और रिफाइनरी उत्पादों के उत्पादन में 2.6% की बढ़ोतरी हुई। इन सेक्टर्स की मजबूत ग्रोथ ने कुल कोर सेक्टर के आंकड़े को सहारा दिया।

4 सेक्टर्स में उत्पादन घटा

दूसरी ओर 4 सेक्टर्स में उत्पादन घटा, जिससे कुल वृद्धि की रफ्तार पर असर पड़ा। अगस्त में कोयला उत्पादन 3.8%, कच्चे तेल का उत्पादन 3.6% और प्राकृतिक गैस का उत्पादन 4.9% घटा। सबसे बड़ी गिरावट उर्वरक उत्पादन में देखने को मिली, जो 12.4% कम रहा। ऊर्जा से जुड़े प्रमुख क्षेत्रों में उत्पादन में कमी का असर आने वाले समय में औद्योगिक गतिविधियों और संबंधित क्षेत्रों के प्रदर्शन पर भी देखा जा सकता है।

8 कोर सेक्टर की संचयी वृद्धि 4.3%

हालांकि, चालू वित्त वर्ष के पहले 5 महीनों का आंकड़ा अगस्त की मासिक तस्वीर से बेहतर रहा है। अप्रैल से अगस्त 2026 के दौरान 8 कोर सेक्टर की संचयी वृद्धि 4.3% रही। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह आंकड़ा 2.4% था, यानी सालाना आधार पर इस अवधि में कोर सेक्टर की वृद्धि दर में सुधार हुआ है। सीमेंट, बिजली और लौह अयस्क जैसे क्षेत्रों को हाल के महीनों में इस प्रदर्शन के प्रमुख आधारों में गिना जा रहा है।

जुलाई के आंकड़ों में भी संशोधन

जुलाई के आंकड़ों में भी संशोधन किया गया है। जुलाई 2026 की कोर सेक्टर ग्रोथ का शुरुआती अनुमान 5.4% था, जिसे संशोधित करके 5% कर दिया गया। इसी तरह जुलाई का इंडेक्स 121.2 से घटाकर 120.8 किया गया है। अगस्त के 4.8% आंकड़े ऐसे समय आए हैं, जब कुछ क्षेत्रों में मजबूत उत्पादन देखने को मिला, जबकि कोयला, तेल, गैस और उर्वरक जैसे क्षेत्रों में कमजोरी रही।

8 कोर इंडस्ट्रीज में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, स्टील, सीमेंट और बिजली शामिल हैं। इनका औद्योगिक उत्पादन सूचकांक यानी IIP में कुल 40.27% भार है। इसलिए कोर सेक्टर के आंकड़ों को देश की औद्योगिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। अगस्त में 4.8% की वृद्धि बताती है कि औद्योगिक क्षेत्र में विस्तार जारी है, लेकिन अलग-अलग सेक्टर के प्रदर्शन में बड़ा अंतर बना हुआ है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN