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चीन की सेना में फिर चली जिनपिंग की ‘सफाई एक्सप्रेस’, 2 करीबी जनरल को PLA से निकाला

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Source :- LIVE HINDUSTAN

चीन ने सोमवार को दो सबसे बड़े सैन्य अधिकारियों को पार्टी और सेना से निकाल दिया है। इनमें राष्ट्रपति शी जिनपिंग के करीबी सहयोगी भी शामिल हैं।

चीन ने सोमवार को बड़ा ऐक्शन लिया है। अपनी सेना के दो सबसे बड़े जनरलों को कम्युनिस्ट पार्टी और आर्मी से निकाल दिया है। इनमें राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सबसे करीबी माने जाने वाले सैन्य सहयोगी भी शामिल हैं। सरकारी घोषणा में कहा गया है कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के दो टॉप अधिकारियों को पार्टी और सेना, दोनों से हटा दिया गया है। ये हैं सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के पूर्व उपाध्यक्ष झांग यूशिया ( 75 ) और कमीशन के जॉइंट स्टाफ विभाग के पूर्व चीफ ऑफ स्टाफ लियू जेनली ( 61 ) है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार. दोनों पर कथित बेवफाई, भ्रष्टाचार और अन्य गंभीर अनुशासन तोड़ने के आरोप लगाए गए हैं। यह फैसला सोमवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अध्यक्षता में हुई पोलित ब्यूरो की बैठक में लिया गया और उसे औपचारिक मंजूरी भी दे दी गई। जनवरी में इन दोनों जनरलों के खिलाफ जांच की घोषणा हुई थी। अगस्त के आखिर में इन्हें राज्य के सेंट्रल मिलिट्री कमीशन से हटा दिया गया था।

बताया जा रहा है कि उसी महीने सैन्य भ्रष्टाचार जांचकर्ताओं ने झांग को आधिकारिक तौर पर हिरासत में लिया गया था। चीनी नेतृत्व ने पुराने सैन्य नेताओं पर कई आरोप लगाए हैं। कहा गया कि वे पार्टी के प्रति वफादार नहीं थे। पार्टी के उसूल छोड़ दिए, पार्टी का सख्त अनुशासन लागू नहीं किया और अपने स्टाफ तथा परिवार के सदस्यों पर नजर रखने में नाकाम रहे।

चीनी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ ने आधिकारिक दस्तावेजों का हवाला देते हुए बताया कि झांग और लियू ने राजनीतिक अनुशासन और राजनीतिक नियमों का गंभीर उल्लंघन किया। उन्होंने गुट और ग्रुप बनाए तथा पार्टी के प्रति बेईमान और बेवफा रहे। दस्तावेजों में कहा गया कि दोनों ने रेड लाइन और बुनियादी सीमा पार कर ली। उनके राजनीतिक और आर्थिक गलत काम एक-दूसरे से जुड़े हुए थे। इनमें भ्रष्ट तरीके से खुद को अमीर बनाना, ड्यूटी में लापरवाही और पद का गलत इस्तेमाल शामिल था।

रिपोर्ट के अनुसार, झांग को लंबे समय से शी जिनपिंग का सबसे करीबी सैन्य सहयोगी माना जाता था। वे सात सदस्यीय सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के पहले उपाध्यक्ष थे। इस पद पर वे सेना के सबसे ऊंचे रैंक वाले अधिकारी थे। दोनों जनरलों को युद्ध नायक माना जाता था। 1970 के दशक के अंत में उन्होंने वियतनाम के खिलाफ अभियान में हिस्सा लिया था। कमीशन में युद्ध का अनुभव रखने वाले सिर्फ यही दो सदस्य थे।

बता दें कि शी जिनपिंग 2012 में सत्ता में आने के बाद से बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और अनुशासन के खिलाफ कार्रवाई चला रहे हैं। लाखों अधिकारियों की जांच हुई है। पार्टी, सरकार और सेना के कई बड़े अधिकारियों को हटाया गया है। निकाले जाने के बाद सात सदस्य वाले कमीशन में अब सिर्फ दो सक्रिय सदस्य बचे हैं। इनमें खुद शी जिनपिंग शामिल हैं, जो इसके अध्यक्ष हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN