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5 दिन बैंकिंग सेवाओं पर संकट? ग्राहकों का बिगड़ सकता है पूरा शेड्यूल

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Source :- LIVE HINDUSTAN

Bank strike news: अगर आपका बैंक ब्रांच से जुड़ा कोई काम हो तो उसे अगले तीन दिन में निपटा लेना बेहतर होगा। ये हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि अगले आठ में 5 दिन ऐसे होंगे जब बैंकिंग से जुड़े कामकाज प्रभावित रह सकते हैं।

दरअसल, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने कहा है कि वे 28 सितंबर से शुरू होने वाली तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल पर कायम हैं। यूएफबीयू ने ये ऐलान ऐसे समय में किया है जब मंगलवार को उप-मुख्य श्रम आयुक्त के सामने हुई सुलह बैठक बेनतीजा रही। यह सुलह बैठक वित्त मंत्रालय द्वारा बैंक कर्मचारियों से हड़ताल न करने और बातचीत के जरिये अपनी बाकी मुद्दों को सुलझाने की अपील करने के एक दिन बाद हुई। बता दें कि यूएफबीयू बैंकिंग कर्मचारियों के 90 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करने का दावा करता है।

5 दिन तक डिस्टर्ब रहेगा कामकाज

अगर यह हड़ताल होती है, तो बैंकिंग सेवाओं पर पांच दिन तक असर पड़ सकता है। हड़ताल की वजह से अगले सप्ताह में 28 सितंबर से 30 सितंबर यानी सोमवार, मंगलवार और बुधवार को कामकाज प्रभावित रहेगा। इससे पहले चालू सप्ताह में शनिवार और रविवार को वीकेंड की वजह से बैंक बंद रहेंगे। यह बैंकिंग क्षेत्र की छमाही ‘क्लोजिंग’ का समय भी होगा। कई सरकारी बैंकों ने अपने ग्राहकों को बैंकिंग जरूरतों के लिए मोबाइल बैंकिंग, एटीएम, इंटरनेट बैंकिंग, बीसी पॉइंट और यूपीआई जैसे डिजिटल चैनल का इस्तेमाल करने के बारे में मोबाइल एसएमएस भेजना शुरू कर दिया है। इस तरह की रुकावट और उससे ठीक पहले पड़ने वाले वीकेंड की वजह से, वित्तीय कैलेंडर के एक बहुत अहम समय पर बैंकिंग सेवाएं असल में पांच दिन के लिए बंद रहेंगी – जिससे ग्राहकों, व्यवसाय, सरकारी लेन-देन और अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग परिचालन को काफी परेशानी होगी।

क्या कहा यूएफबीयू ने ?

उप-मुख्य श्रम आयुक्त के साथ बैठक के बाद यूएफबीयू ने एक बयान में कहा, ”वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस), इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) और बैंक प्रबंधन की हड़ताल टालने की अपील का जवाब देते हुए, हमने उन्हें बताया कि अगर पांच-दिन के कामकाज की हमारी मांग को लागू करने की दिशा में कोई ठोस और सकारात्मक प्रगति होती है, तो यूएफबीयू उस पर विचार करेगा।” बयान में कहा गया कि ऐसा न होने पर यूएफबीयू 28, 29 और 30 सितंबर को प्रस्तावित हड़ताल पर आगे बढ़ने के लिए मजबूर होगा।

डीएफएस और वित्त मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने बताया कि सरकार बैंक कर्मचारियों के कल्याण के लिए कई पहल कर रही है और सप्ताह में पांच दिन कार्य का मुद्दा भी विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि कोई भी फैसला लेने से पहले उन्हें कई अन्य हितधारकों की राय पर भी विचार करना होता है। इसलिए, उन्होंने यूएफबीयू से हड़ताल टालने और बातचीत जारी रखने का अनुरोध किया।

ये भी हैं मांग?

यूएफबीयू की अन्य मांगों में पेंशन को अपग्रेड और बेहतर बनाना, सभी पेंशनभोगियों के लिए एक समान महंगाई भत्ता फॉर्मूला और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत आने वाले कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) में जाने का विकल्प शामिल है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN