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अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच सोने और चांदी की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। दूसरी ओर युद्ध के दौरान जोरदार तेजी के बाद कच्चे तेल की कीमतों में कुछ नरमी आई है। ऐसे में निवेशकों के सामने बड़ा सवाल है कि मौजूदा परिस्थितियों में गोल्ड या सिल्वर में से किसमें निवेश का अवसर बेहतर हो सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका की सैन्य गतिविधियों में कमी और अपने बंदरगाहों पर लगी पाबंदियां हटाने की स्थिति में स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) को दोबारा खोलने की पेशकश की है। इससे आगे कमोडिटी मार्केट की दिशा पर भी असर पड़ सकता है।
लाइव मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, संघर्ष शुरू होने के बाद स्पॉट गोल्ड और सिल्वर दोनों अपने ऊंचे स्तरों से नीचे आए हैं। स्पॉट गोल्ड करीब $5,500 प्रति ट्रॉय औंस के पीक से लगभग 10–20% तक नीचे आया है, जबकि सिल्वर में करीब 12–15% का करेक्शन देखा गया। घरेलू बाजार में भी यही तस्वीर रही। MCX गोल्ड अपने ₹1.75 लाख प्रति 10 ग्राम से ऊपर के युद्धकालीन पीक से लगभग 12–15% नीचे आया है। वहीं, MCX सिल्वर करीब ₹2.75 लाख प्रति किलोग्राम के हाई लेवल से लगभग 10–14% फिसला है।
तेल की कीमतों ने बढ़ाई महंगाई की चिंता
कीमती धातुओं में कमजोरी के पीछे कई वैश्विक कारण हैं। तेल की कीमतों में तेज उछाल ने महंगाई की चिंता बढ़ाई, जिसके कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व समेत प्रमुख केंद्रीय बैंकों के ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने की आशंका बनी। साथ ही मजबूत US डॉलर इंडेक्स ने डॉलर में कीमत वाले गोल्ड और सिल्वर को विदेशी निवेशकों के लिए महंगा कर दिया। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) में तनाव के शुरुआती दौर में ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) 60% से ज्यादा चढ़कर करीब $118–120 प्रति बैरल तक पहुंच गया था। सितंबर में ब्रेंट करीब $98–101 और WTI करीब $90–94 प्रति बैरल के दायरे में रहा।
गोल्ड के लिए संभावित रेंज
गोल्ड (Gold) के आउटलुक पर LKP सिक्योरिटीज के VP रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण सोने में अस्थिरता बनी रह सकती है। उन्होंने गोल्ड के लिए ₹1,51,000–₹1,54,500 की रेंज बताई है। उनके अनुसार क्रूड में नरमी से सोने को कुछ सपोर्ट मिल रहा है, जबकि डॉलर इंडेक्स के 100 के ऊपर रहने से दबाव बना हुआ है।
सिल्वर के लिए संभावित रेंज
दूसरी ओर वेंचुरा (Ventura) के हेड ऑफ कमोडिटी & CRM N S रामास्वामी ने सिल्वर के लिए $63–75 प्रति औंस की संभावित रेंज बताई है। उनके अनुसार ब्याज दरों, डॉलर और इंडस्ट्रियल डिमांड में बदलाव से सिल्वर में तेज उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
गोल्ड और सिल्वर की तुलना
गोल्ड और सिल्वर की तुलना करें तो दोनों की कीमतों को प्रभावित करने वाले कारक अलग-अलग हैं। SEBI रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट अनुज गुप्ता के अनुसार, जियोपॉलिटिकल तनाव के समय गोल्ड को सेफ-हेवन असेट के रूप में फायदा मिलता है। वहीं, सिल्वर की कीमत पर इंडस्ट्रियल डिमांड और इकोनॉमिक एक्टिविटी का भी बड़ा असर पड़ता है।
शॉर्ट-टर्म-मूवमेंट से बचें
Giottus.com के CEO विक्रम सुब्बुराज ने कहा कि दोनों धातुओं में मौजूदा अस्थिरता को देखते हुए निवेशकों को हर शॉर्ट-टर्म-मूवमेंट पर प्रतिक्रिया देने से बचना चाहिए। लॉन्ग-टर्म निवेश के लिए अलग-अलग समय पर खरीदारी पर विचार किया जा सकता है, जबकि लीवरेज्ड ट्रेडिंग में पोजिशन साइज और स्टॉप-लॉस को लेकर अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।
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