Source :- LIVE HINDUSTAN
मूडीज ने जीडीपी ग्रोथ अनुमान जहां पूरे 1 प्रतिशत बढ़ाकर 7 प्रतिशत किया था, वहीं एसएंडपी ने अपना अनुमान 0.4 प्रतिशत बढ़ाया है।
दुनिया भर में चल रहे उथल-पुथल के बीच आर्थिक मोर्चे पर भारत के लिए गुड न्यूज है। एक हफ्ते में यह जीडीपी के लिए दूसरी अच्छी खबर है। मूडीज रेटिंग्स के बाद अब एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने भी भारत की अर्थव्यवस्था के लिए अपना अनुमान बढ़ाकर 7% कर दिया है। मूडीज ने जीडीपी ग्रोथ अनुमान जहां पूरे 1 प्रतिशत बढ़ाकर 7 प्रतिशत किया था, वहीं एसएंडपी ने अपना अनुमान 0.4 प्रतिशत बढ़ाया है। यह सभी G20 अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज ग्रोथ रेट है। बता दें यह अनुमान RBI के 6.7 प्रतिशत और फिच रेटिंग्स के 6.4 प्रतिशत से काफी अधिक है।
6.6% से बढ़ाकर 7% कर दिया: एसएंडपी ने भारत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान वित्त वर्ष 2027 के लिए 6.6% से बढ़ाकर 7% कर दिया है। एजेंसी का कहना है कि जून तिमाही में उद्योग, खपत, निर्यात और सरकारी निवेश ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया। इससे पहले 18 सितंबर को मूडीज ने 2026-27 में 6% ग्रोथ के अनुमान को बढ़ाकर 7% कर दिया था।
जून तिमाही में 7.8% की बढ़त: एसएंडपी की रिपोर्ट के मुताबिक, जून तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था 7.8% बढ़ी। पिछली तिमाही में यह 8.6% थी। हालांकि रफ्तार थोड़ी कम हुई, फिर भी वृद्धि मजबूत रही। इससे उभरते एशिया की अर्थव्यवस्था को सहारा मिला। इसी वजह से एसएंडपी ने अपना अनुमान 0.4 प्रतिशत अंक बढ़ाया।
आगे भी मजबूत ग्रोथ की उम्मीद
एसएंडपी को लगता है कि भारत की ग्रोथ आगे भी अच्छी रहेगी। उसने वित्त वर्ष 2028 में 7.2% और वित्त वर्ष 2029 में 7% ग्रोथ का अनुमान लगाया है। वित्त वर्ष 2027 का अनुमान 0.4 प्रतिशत अंक बढ़ा है, जबकि अगले दो साल के अनुमान पहले जैसे ही हैं।
महंगाई का अनुमान: एसएंडपी के मुताबिक, महंगाई वित्त वर्ष 2027 में औसतन 5.1% रह सकती है। वित्त वर्ष 2028 में यह 4.7% और वित्त वर्ष 2029 में 4.3% हो सकती है।
दूसरी छमाही में घट सकती है रफ्तार: इस ग्लोबल एजेंसी का मानना है कि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में वृद्धि थोड़ी धीमी हो सकती है। इसकी वजह यह है कि जीएसटी दरों में बदलाव और आयकर में कटौती का फायदा कम हो जाएगा।
मौसम और महंगाई पर नजर
मौसम भी बड़ा जोखिम बना हुआ है। 9 सितंबर तक बारिश सामान्य से 15% कम रही है। इसलिए आने वाले महीनों में कृषि उत्पादन और खाने-पीने की चीजों की महंगाई पर नजर रखनी जरूरी है।
ब्याज दर बढ़ा सकता है RBI
वृद्धि का अनुमान बढ़ने के बावजूद एसएंडपी को महंगाई बढ़ने की आशंका है। उसे लगता है कि भारतीय रिजर्व बैंक वित्त वर्ष 2027 में अपनी नीतिगत ब्याज दर 25 आधार अंक यानी 0.25 प्रतिशत अंक बढ़ाएगा। एजेंसी के मुताबिक, इस वित्त वर्ष में औसत उपभोक्ता महंगाई 5.1% रह सकती है।
नीतिगत दर वित्त वर्ष 2026 के 5.25% से बढ़कर वित्त वर्ष 2027 के अंत तक 5.5% हो सकती है। यह वित्त वर्ष 2029 तक 5.5% बनी रह सकती है और वित्त वर्ष 2030 में घटकर 5.25% हो सकती है।
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