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प्रस्तावित मार्च में लोगों के पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची से करीब 1,150 किलोमीटर और लाहौर से करीब 270 किलोमीटर की दूरी तय कर इस्लामाबाद पहुंचने की योजना है।
पड़ोसी देश पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक अजीब सा खौफ साया है। आलम ये है कि राजधानी को कम से कम 20,000 शिपिंग कंटेनरों से घेर दिया गया है। इतना ही नहीं, इन कंटेनरों को वेल्डिंग करके आपस में जोड़ा गया है और उन पर बाहर की तरफ नुकीले धातु के कांटे लगाए गए हैं। पाक मीडिया की खबरों के मुताबिक, शहबाज शरीफ सरकार और उनका प्रशासन घबराया हुआ है; अस्पतालों में जगह बनाई जा रही है और अतिरिक्त ब्लड बैग तैयार रखे जा रहे हैं।
दरअसल, जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए इंसाफ (PTI) के कार्यकर्ता और समर्थक 27 सितंबर को राजधानी में विरोध-प्रदर्शन और मार्च करने वाले हैं। इस मार्च को जमात-ए-इस्लामी और किसान संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है। लिहाजा, प्रशासन ने PTI के इस प्रस्तावित मार्च और विरोध प्रदर्शन से पहले राजधानी इस्लामाबाद में प्रवेश करने वाली प्रमुख सड़कों को बंद करना शुरू कर दिया है।
अस्पतालों को क्या-क्या निर्देश?
पाक मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इस्लामाबाद के अस्पतालों को संभावित मानवीय संकट और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने की घटना से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। अस्पतालों में गैर-जरूरी सर्जरी टाली जा रही हैं और स्थिर हालत वाले मरीजों को छुट्टी दी जा रही है ताकि घायलों के आने पर जगह मिल सके। पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ के अनुसार, इस्लामाबाद के अस्पतालों से कहा गया है कि वे कम से कम 100 बैग ब्लड रिजर्व रखें और सभी एम्बुलेंस और उनके ड्राइवरों को चालू हालत में और आपात स्थिति के लिए तैयार रखें।
दो प्रांतों से बुलाए गए 20,000 पुलिसकर्मी
राजधानी में सुरक्षा घेरा मजबूत करने के लिए 27 सितंबर के मार्च से पहले पंजाब और सिंध प्रांत से 20,000 से ज़्यादा पुलिसकर्मियों को इस्लामाबाद बुलाया जा रहा है। बीबीसी उर्दू की बुधवार की रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब सरकार ने रावलपिंडी, अटक, झेलम और मियांवाली में संघीय अर्धसैनिक बल ‘पाकिस्तान रेंजर्स’ को बुलाया है। यह लामबंदी ऐसे समय में हो रही है जब जमात-ए-इस्लामी ने ईंधन की बढ़ती कीमतों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू किया है और PTI के मार्च का समर्थन किया है। किसानों ने भी इमरान खान के समर्थकों के साथ मिलकर राजधानी की ओर मार्च करने की योजना की घोषणा की है। कम से कम दो ऐसे संगठन – ‘किसान इत्तेहाद पाकिस्तान’ और PTI का किसान विंग – विरोध प्रदर्शन की योजना बना रहे हैं।
ऐसा लग रहा कि किसी हमले की तैयारी हो रही है
अल जज़ीरा के पाकिस्तान संवाददाता कमाल हैदर के अनुसार, कई पाकिस्तानियों का मानना है कि शहबाज शरीफ सरकार इससे घबरा गई है क्योंकि उसे पक्का नहीं पता कि इस्लामाबाद में इकट्ठा होने वाले विरोध प्रदर्शन कितने बड़े हो सकते हैं। पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ ने 22 सितंबर के एक संपादकीय में कहा, “जिस रफ़्तार से कंटेनर लगाए जा रहे हैं, खाइयां खोदी जा रही हैं और अतिरिक्त सुरक्षा बल बुलाए जा रहे हैं, उसे देखकर लगता है कि सरकार किसी राजनीतिक कार्यक्रम की नहीं, बल्कि किसी हमले की तैयारी कर रही है।”
PTI का मार्च
बता दें कि PTI का 27 सितंबर का मार्च इमरान खान की जेल से रिहाई की मांग के लिए बुलाया गया है। खान अगस्त 2023 से जेल में हैं और अभी अल-कादिर ट्रस्ट जमीन भ्रष्टाचार मामले में 14 साल की सजा काट रहे हैं। यह उन 100 से ज्यादा मामलों में से एक है जो 2022 में सत्ता से हटाए जाने के बाद उन पर दर्ज किए गए थे। खान की रिहाई के अलावा, PTI ने पाकिस्तान में संवैधानिक अधिकारों और कानून के शासन को लेकर चिंता जताई है। वहां आसिम मुनीर ने बेमिसाल ताकतें हासिल कर ली हैं, जिसमें तीनों सशस्त्र बलों की कमान और जीवन भर के लिए कानूनी छूट शामिल है, जिससे वे असल में पाकिस्तान के शासक बन गए हैं।
इस बीच, इस्लामाबाद पुलिस ने बुधवार को बताया कि इस्लामाबाद-पेशावर मोटरवे, इस्लामाबाद-डेरा इस्माइल खान मोटरवे और ग्रैंड ट्रंक रोड को बुधवार शाम से कई स्थानों पर बंद किया जाएगा। पुलिस ने लोगों से यात्रा की योजना उसी के अनुरूप बनाने का आग्रह किया है। पाकिस्तान के स्थानीय मीडिया के अनुसार, सड़क बंदी अनिश्चितकालीन है और इसका उद्देश्य खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के समर्थकों को 27 सितंबर को राजधानी में मार्च करने से रोकना है। खान की सेहत, विशेषकर उनकी दायीं आंख की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। उनकी आंख के उपचार के लिए कई महीनों से विशेषज्ञ चिकित्सा की आवश्यकता बताई गई है। पीटीआई ने उनकी रिहाई के लिए अभियान तेज किया है।
दूर-दूर से आएंगे खान के समर्थक
प्रस्तावित मार्च में लोगों के पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची से करीब 1,150 किलोमीटर और लाहौर से करीब 270 किलोमीटर की दूरी तय कर इस्लामाबाद पहुंचने की योजना है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, अधिकारियों ने राजधानी और उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा से आने वाले प्रमुख मार्ग अटक पुल पर करीब 2,000 मालवाहक कंटेनर तैनात किए हैं। खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब के बीच एक अन्य महत्वपूर्ण मार्ग हारून पुल पर भी कंटेनर और रेत की बोरियां रखी गई हैं। अटक जिले में करीब 30,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।
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