Home rss world hindi आतंकवाद को पालने वाला, पाकिस्तान पर जमकर बरसे जयशंकर; UN में दुनिया...

आतंकवाद को पालने वाला, पाकिस्तान पर जमकर बरसे जयशंकर; UN में दुनिया के सामने खूब सुनाया

3
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने पाकिस्तान को एक बार फिर लताड़ लगाई। उन्होंने पाकिस्तान को आतंकवाद का पालक बताया।

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने पाकिस्तान को एक बार फिर लताड़ लगाई। उन्होंने पाकिस्तान को आतंकवाद का पालक बताया। जयशंकर ने यूएन के मंच से कहा कि कल, आतंकवाद के एक सीरियल प्रैक्टिशनर ने इस मंच पर गलत तथ्य पेश किए। वहां पर बातें ऐसे पेश की गईं, जैसे आतंकवाद कोई साधारण बात है। जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ खुद को सुरक्षित रखने की हमारी नीति जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि दोस्ती और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते।

जयशंकर ने आगे कहा कि आतंकवाद शांति के लिए एक लगातार खतरा बना हुआ है। यह खतरा राज्य-प्रायोजित हो सकता है और इसका मकसद सीमा-पार की गतिविधियों को अंजाम देना हो सकता है, जो इसे वैश्विक व्यवस्था के लिए सीधी चुनौती बनाता है। पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियों में शामिल सरकारों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। आतंकवाद के प्रति हमारी ‘जीरो-टॉलरेंस’ नीति में कोई ढील नहीं होनी चाहिए। खासकर इसके वित्तीय पहलुओं को उजागर किया जाना चाहिए और उनसे निपटा जाना चाहिए।

दुनिया में चल रहे युद्धों को लेकर डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि भारत इस स्थिति को बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने को तैयार है, खासकर खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा के मामले में। दुर्भाग्य से, पश्चिम एशिया या मध्य पूर्व में तनाव और हिंसा भी जारी है। हमारा दृढ़ विश्वास है कि स्थायी शांति के लिए दो-राष्ट्र समाधान की जरूरत है। इस बीच, भारत फिलिस्तीनी लोगों के लिए मानवीय सहायता और राहत कार्यों में योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि हमें यह समझना चाहिए कि शांति का अर्थ केवल युद्ध का न होना नहीं है। यदि दुनिया लगातार खतरों और दबावों का सामना कर रही है, तो हम वास्तव में एक गहरी खाई के किनारे पर जी रहे हैं। हमें उस खाई में धकेलने के लिए बस एक और कदम की जरूरत है। इसलिए, स्थिरता, सुरक्षा और पूर्वानुमान-योग्यता को मजबूत करना अनिवार्य है। ये शांति के लिए अनुकूल माहौल बनाने वाले महत्वपूर्ण तत्व हैं।

यूक्रेन युद्ध पर रखी बात

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि यूक्रेन में चल रहा संघर्ष, जो अब अपने पांचवें साल में है, उतनी ही चिंता की बात है। जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है, अंतहीन युद्ध की जगह अब युद्ध को खत्म करने की कोशिश होनी चाहिए। भारत शांति लाने के लिए चल रही पहलों का समर्थन करता है। साथ ही, समुद्री यात्रियों की सुरक्षा और भोजन, अनाज व ऊर्जा की आपूर्ति पर ध्यान देने की भी तत्काल जरूरत है।

खाड़ी क्षेत्र में तनाव पर चिंता

जयशंकर ने कहा कि संघर्षों से दूर रहने वाले देशों को बिना किसी गलती के सज़ा भुगतनी पड़ रही है। जिन पर सबसे ज़्यादा असर पड़ता है, अक्सर उनकी बात सबसे कम सुनी जाती है। इस सभा को हालात की असलियत का सामना करना होगा। इस साल हम खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष देख रहे हैं, जो पहले से ही मुश्किल हालात को और बिगाड़ रहा है। हम लगातार जारी तनाव को लेकर बहुत चिंतित हैं। अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से गुज़रने वाले कमर्शियल जहाजों और नाविकों को निशाना बनाना बिल्कुल भी मंज़ूर नहीं है। भारत सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने, आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ऊर्जा व व्यापार का निर्बाध प्रवाह बनाए रखने की अपील करता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN