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शीशे में सुंदर, फोटो में बदसूरत! क्या आपके साथ भी ऐसा होता है? जानें असल में कैसे दिखते हैं आप

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Source :- LIVE HINDUSTAN

कई लोग सवाल करते हैं कि वो शीशे में तो काफी सुंदर लग रहे होते हैं, लेकिन फोटो में उनका चेहरा अलग ही लगता है। कभी चेहरा बड़ा लगने लगता है या कभी गाल या आंख छोटे-बड़े लगने लगते हैं। आइए जानते हैं ऐसा क्यों होता है और आप असल में कैसे दिखते हैं।

क्या आपके साथ भी कभी ऐसा होता है कि शीशे में तो चेहरा काफी सुंदर लग रहा होता है, लेकिन जैसे ही कोई आपकी फोटो क्लिक करता है, उसमें चेहरा बहुत खराब आता है? कभी एक गाल बड़ा तो एक छोटा, आँखें छोटी-बड़ी और तो और नाक भी अजीब सी। ऐसा बहुत लोगों के साथ होता है और इस वजह से वो अपने लुक्स को ले कर काफी इनसिक्योर भी हो जाते हैं। ऐसे में अक्सर लोग सोच में पड़ जाते हैं कि वो आखिर आइना सच दिखाता है या शीशा? भला आप असल में दूसरे लोगों को कैसे दिखते हैं? तो आइए जानते हैं आखिर ऐसा होता क्यों हैं और आप वास्तव में आप अपनी किस इमेज के ज्यादा करीब दिखते हैं।

मिरर और फोटो में अलग क्यों दिखता है चेहरा?

इस पीछे बड़ी सिंपल सी वजह है। दरअसल आईने में हमें अपना चेहरा मिरर्ड वर्जन में दिखाई देता है। यानी दाईं तरफ की चीज बाईं तरह और बाईं तरफ की चीज दाईं तरफ। ठीक यही आपके चेहरे के साथ भी होता है और आप अपना फ्लिप वर्जन शीशे में देख रहे होते हैं। चूंकि हम अपने चेहरे को रोज इसी तरह देखते हैं इसलिए ये वाला वर्जन हमें ज्यादा जाना-पहचाना और नेचुरल लगता है। जबकि फोटो में हमारा चेहरा फ्लिप नहीं होता है। वो ठीक वैसा दिख रहा होता है, जैसा बाकी लोग देखते हैं। इसलिए औरों को आपका फोटो नॉर्मल लगता है लेकिन आपको वो पसंद नहीं आता।

तो क्या आप अपने फोटो जैसे ही दिखते हैं?

फोटो में कैमरा लेंस, दूरी, एंगल, लाइटिंग, एक्सप्रेशन और भी कई चीजों का रोल होता है। इसलिए आप दूसरे लोगों को अपने बिल्कुल फोटो जैसे दिखते हैं, ये कहना ठीक नहीं होगा। आमने-सामने कोई व्यक्ति आपको अलग-अलग एंगल्स और बदलते एक्सप्रेशंस के साथ देखता है। जबकि फोटो आपके चेहरे का सिर्फ एक मोमेंट दिखाती है। इसलिए जैसे आप फोटो में लग रहे हैं, लोगों को रीयल लाइफ में उससे ज्यादा गुड लुकिंग लग सकते हैं।

शीशे में क्यों ज्यादा सुंदर लगते हैं आप?

जैसा की आपने जाना कि शीशे में आपका फ्लिप वर्जन दिखाई देता है। बचपन से आप खुद को इसी तरह देख रहे होते हैं, इसलिए आपके ब्रेन को आपकी फ्लिप इमेज ज्यादा जानी-पहचानी लगती है। वहीं फोटो में ये बिल्कुल उल्टा हो जाता है, इसलिए आपका ब्रेन उसे फैमिलियर नहीं समझता और आपको अपने अंदर कमियां दिखने लगती हैं। चेहरे की छोटी-मोटी असिमेट्री जैसे एक गाल का हल्का बड़ा होना या एक आंख थोड़ी छोटी होना; जिसे शीशे में आप नोटिस भी नहीं करते, वो फोटो में अलग से दिखाई देने लगता है।

लेकिन यहां ये समझने की जरूरत है कि आपका चेहरा बदला नहीं है और बाकी लोगों को उसमें वो कमियां नहीं दिख रही हैं, जो शायद फोटो में नोटिस कर रहे हैं। ये सिर्फ आपके ब्रेन को अजीब लग रहा है क्योंकि उसे आपके फ्लिप वर्जन को देखने की आदत है।

तो फिर असली चेहरा कौन सा है, फोटो या मिरर?

सच कहें तो ना ही आईना और ना ही फोटो, आपके चेहरे की पूरी और सटीक रिप्रेजेंटेशन है। जहां शीशा आपके चेहरे को फ्लिप कर देता है, वहीं फोटो में लाइटिंग, एंगल, लेंस, दूरी और बहुत सारी चीजों का रोल होता है। इसलिए एक खराब फोटो देखकर ये तय ना करें कि आप भी खराब दिखते हैं। अलग-अलग एंगल्स और एक्सप्रेशंस में कई तस्वीरें लेने पर आपको अपने चेहरे की ज्यादा रियलिस्टिक रेंज देखने को मिल सकती है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN