Home LIFESTYLE NEWS HINDI घर की सफाई पर सास-बहू की मजेदार जुगलबंदी, पढ़ें 30 हंसाने वाले...

घर की सफाई पर सास-बहू की मजेदार जुगलबंदी, पढ़ें 30 हंसाने वाले जोक्स

8
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

घर की सफाई हो और सास-बहू की नोकझोंक न हो, ऐसा कैसे हो सकता है! झाड़ू, पोछे और धूल को लेकर होने वाली इन मजेदार बातों पर पढ़िए 30 ऐसे जोक्स, जो आपको खूब हंसाएंगे।

घर की सफाई का नाम सुनते ही किसी को धूल नजर आती है, किसी को बिखरा सामान और किसी को काम की लंबी लिस्ट। लेकिन जब इसी सफाई के बीच सास और बहू आमने-सामने हों, तो छोटी-सी बात भी मजेदार बहस बन जाती है। झाड़ू किसने लगाई, सामान किसने फैलाया, पोछा कब हुआ और धूल फिर कहां से आ गई, इन बातों पर घर में खूब नोकझोंक होती है। कभी सास को लगता है कि बहू ने ठीक से सफाई नहीं की, तो कभी बहू सोचती है कि आखिर धूल इतनी जल्दी वापस कैसे आ जाती है। इसी रोजमर्रा की मस्ती को ध्यान में रखकर हम लाए हैं सास-बहू के कुछ मजेदार जोक्स, जिन्हें पढ़कर आपका मूड भी हल्का हो जाएगा।

सास: बहू, आज घर में झाड़ू लगी थी या नहीं?

बहू: लगी थी मम्मी जी।

सास: फिर फर्श पर धूल क्यों है?

बहू: वो झाड़ू के बाद आई होगी। उसे भी घर पसंद है।

बहू: मम्मी जी, मैं रोज सफाई करती हूं।

सास: फिर रोज धूल कैसे आ जाती है?

बहू: लगता है पड़ोस में धूल की फैक्ट्री खुल गई है।

सास: बहू, सुबह-सुबह सफाई क्यों नहीं करती?

बहू: करती हूं मम्मी जी।

सास: कब?

बहू: जब आप सो रही होती हैं, ताकि काम देखकर आपकी नींद न खराब हो।

सास: बहू, ये सामान यहां किसने फैलाया?

बहू: बच्चों ने।

सास: और बच्चों को किसने खिलौने दिए?

बहू: अब इसकी जांच भी मैं ही करूं?

सास: बहू, फर्श चमक क्यों नहीं रहा?

बहू: मम्मी जी, पोछा लगाया है, शादी का मंडप नहीं सजाया।

बहू: मम्मी जी, आज मेरी सफाई से छुट्टी है।

सास: क्यों?

बहू: आज घर को भी थोड़ा आराम चाहिए, रोज इतना साफ रहकर थक जाता होगा।

सास: बहू, झाड़ू कहां है?

बहू: वहीं है मम्मी जी।

सास: दिखाई क्यों नहीं दे रही?

बहू: शायद उसे भी आज छुट्टी चाहिए।

बहू: मम्मी जी, अभी तो सफाई की थी।

सास: फिर धूल कहां से आ गई?

बहू: शायद उसे हमारा घर बहुत पसंद है।

सास: बहू, सफाई की है तो दिख क्यों नहीं रही?

बहू: मम्मी जी, सफाई का काम ऐसा ही है।

सास: मतलब?

बहू: जो दिखेगा, वो गंदगी होगी।

सास: घर का सबसे मुश्किल काम क्या है?

बहू: सफाई करना नहीं, सफाई के बाद घरवालों को दोबारा गंदा करने से रोकना।

सास: बहू, सोफा साफ किया?

बहू: हां।

सास: फिर कुशन उलटे क्यों हैं?

बहू: सफाई के बाद उन्हें भी अपनी जगह याद नहीं रही।

बहू: मम्मी जी, घर की धूल कभी खत्म क्यों नहीं होती?

सास: क्योंकि तुम सफाई ठीक से नहीं करती।

बहू: फिर धूल को भी बोलिए, वो मेरे काम में दखल न दे।

सास: आज रविवार है, पूरा घर साफ कर लेते हैं।

बहू: मम्मी जी, रविवार है इसलिए तो घर को भी आराम करने देते हैं।

सास: बहू, अलमारी कब साफ की थी?

बहू: कल।

सास: फिर इतनी गड़बड़ कैसे?

बहू: कपड़े भी परिवार के सदस्य हैं, अकेले नहीं रह सकते।

सास: बहू, आज सफाई करने का मन है?

बहू: बिल्कुल।

सास: सच में?

बहू: हां, मन कर रहा है कि कोई और सफाई करे और मैं देखूं।

सास: बहू, तुम झाड़ू बहुत धीरे लगाती हो।

बहू: मम्मी जी, धूल भाग नहीं रही है, आराम से पकड़ रही हूं।

सास: रसोई इतनी गंदी कैसे हो गई?

बहू: खाना बनाया था।

सास: लेकिन इतना गंदा?

बहू: खाना बना है, फोटो नहीं खींची थी।

बहू: मम्मी जी, आज मैंने पूरा घर साफ किया।

सास: अच्छा, अब किचन भी कर लो।

बहू: इनाम में एक दिन की छुट्टी मिलेगी?

सास: नहीं।

बहू: फिर मैंने पूछा ही क्यों?

सास: ये धूल फिर आ गई!

बहू: मम्मी जी, लगता है उससे हमारा रिश्ता गहरा हो गया है।

सास: बहू, मैं सफाई चेक करूंगी।

बहू: ठीक है मम्मी जी।

सास: कहां से शुरू करूं?

बहू: जहां आपको गलती मिले, वहीं से।

सास: बेड के नीचे सफाई की?

बहू: हां।

सास: कुछ मिला?

बहू: हां, तीन मोजे और पिछले महीने की उम्मीदें।

सास: बहू, घर चमकना चाहिए।

बहू: मम्मी जी, घर है या दांत?

सास: आज बहुत काम है। झाड़ू, पोछा, धूल और सफाई।

बहू: मम्मी जी, घर साफ करना है या घर बनाना है दोबारा?

सास: जल्दी सफाई करो, मेहमान आने वाले हैं।

बहू: रोज क्यों नहीं कहतीं?

सास: रोज कौन आता है?

बहू: धूल तो रोज आती है।

बहू: मम्मी जी, पूरा घर साफ कर दिया।

सास: अच्छा, अब चाय बना दो।

बहू: सफाई के बाद चाय भी?

सास: हां।

बहू: धूल को बुला लूं? वो भी बैठकर पी लेगी।

सास: घर इतना गंदा किसने किया?

बहू: सबने थोड़ा-थोड़ा।

सास: और सफाई कौन करेगा?

बहू: जिसने सवाल पूछा है, वही फैसला भी कर ले।

सास: नई झाड़ू कैसी है?

बहू: बहुत अच्छी।

सास: पुरानी क्यों खराब थी?

बहू: वो भी अच्छी थी, बस उसे आराम की जरूरत थी।

सास: मैंने सुबह सफाई की थी, फिर गंदगी कैसे हो गई?

बहू: मम्मी जी, घर में लोग भी रहते हैं, म्यूजियम थोड़ी है।

सास: बहू, बस आखिरी कमरा साफ करना बाकी है।

बहू: ये ‘आखिरी/ कमरा रोज नया क्यों निकल आता है?

सास: बहू, घर साफ रखना बहुत जरूरी है।

बहू: बिल्कुल मम्मी जी।

सास: तो आज से रोज सफाई होगी।

बहू: ठीक है, लेकिन घर में रहने वालों को भी नियमों में शामिल करिए!

SOURCE : LIVE HINDUSTAN