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दिवाली तक सोना सस्ता होगा या महंगा? ‘साल के अंत तक ₹1.80 लाख पर पहुंचने की उम्मीद, ये हैं कारण’

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • Gold Silver Price Outlook: सोने को सेंट्रल बैंकों की खरीदारी, ETF में पैसा आने, रिजर्व में विविधता और रुपये के कमजोर होने की संभावना से सपोर्ट मिल रहा है
  • दिवाली या इस साल के अंत तक सोना 180000 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 300000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है

Gold Silver Price Outlook: सोने और चांदी के भाव में आजकल तेज उतार-चढ़ाव के बीच एक्सपर्ट्स का मानना है कि दिवाली या इस साल के अंत तक भाव आसमान छूएंगे। सोना 180000 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 300000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है। इस लेवल तक पहुंचने के पीछे फाइनेंशियल सपोर्ट, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और सीमित सप्लाई बड़ी वजह बताई जा रही है।

बता दें आज सोने-चांदी के भाव में बड़ी तेजी है। घरेलू कमोडिटी मार्केट में आज 10 ग्राम सोने का भाव करीब 1 प्रतिशत उछलकर 150503 रुपये पर पहुंच गया है। जबकि, चांदी भी 226375 रुपये प्रति किलो पर है। इसमें 1.19 प्रतिशत की उछाल है।

Gold Silver Price को लेकर एक्सपर्ट्स ने क्या बताया

केडिया कमोडिटीज के प्रेसीडेंट अजय केडिया ने हिन्दुस्तान को बताया, ‘सोने को सेंट्रल बैंकों की खरीदारी, ETF में पैसा आने, रिजर्व में विविधता और रुपये के कमजोर होने की संभावना से सपोर्ट मिल रहा है। हमें उम्मीद है कि सोना दिवाली या 2026 के आखिर तक ₹1,80,000 प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है, यानी रेफरेंस कीमत से करीब 18% ऊपर की संभावना है।”

उन्होंने कहा कि चांदी में ज्यादा संभावना है, लेकिन उतार-चढ़ाव भी काफी ज्यादा है। लगातार सप्लाई घाटा, खदानों से सप्लाई बढ़ाने की सीमित गुंजाइश, और इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन, पावर इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लीन एनर्जी से आने वाली मांग इसके मुख्य ड्राइवर बने हुए हैं। चांदी दिवाली या साल के आखिर तक करीब ₹3,00,000 प्रति किलोग्राम तक जा सकती है, जो करीब 28% ऊपर जाने की संभावना दिखाता है।

सोने-चांदी के भाव बढ़ने के फैक्टर्स

सेंट्रल बैंकों की खरीद रिकॉर्ड स्तर पर

सोने की कीमतों को सपोर्ट देने वाले कई बड़े संकेत एक साथ सामने आए हैं। केडिया एडवाइजरी के कमोडिटी और करेंसी इनसाइट्स के मुताबिक, दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों ने 2026 की दूसरी तिमाही में करीब 289 टन सोना खरीदा, जबकि भारत में गोल्ड ETF में निवेश भी अगस्त में तेज रहा। इससे सोने को पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन के लिहाज से निवेशकों की पसंद बने रहने का संकेत मिलता है।

केंद्रीय बैंकों की सोने की खरीद 289 टन पर पहुंची

केडिया के अनुसार, 2026 की दूसरी तिमाही में केंद्रीय बैंकों की शुद्ध सोने की खरीद 289 टन रही। यह पहली तिमाही के मुकाबले करीब पांच गुना और पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 62 फीसदी अधिक बताई गई है। 2026 की पहली छमाही में केंद्रीय बैंकों की कुल खरीद करीब 345 टन रही।

रिपोर्ट के मुताबिक, चीन और पोलैंड की ओर से लगातार सोने की खरीद इस ट्रेंड में महत्वपूर्ण रही। भारत के रिजर्व में भी सोने की मात्रा बढ़ी है और ग्राफिक के अनुसार मई 2026 तक RBI का गोल्ड रिजर्व करीब 880.5 टन था।

गोल्ड ETF में अगस्त में 67% की छलांग

भारत में गोल्ड ETF के प्रति निवेशकों की रुचि भी मजबूत बनी हुई है। केडिया एडवाइजरी के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में भारतीय गोल्ड ETF में नेट इनफ्लो 67 फीसदी बढ़कर 2,597 करोड़ रुपये हो गया।

इस दौरान गोल्ड ETF की कुल होल्डिंग करीब 1.6 टन बढ़कर 121.3 टन हो गई। वहीं, गोल्ड ETF का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट यानी AUM बढ़कर करीब 1.91 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि नई एंट्री की रफ्तार कुछ धीमी हुई है। अगस्त में करीब 4,000 नए फोलियो जुड़े, जबकि अगस्त से पहले के महीनों में यह आंकड़ा औसतन करीब 3.3 लाख नए फोलियो प्रतिमाह था। इसके बावजूद मौजूदा निवेशकों की ओर से गोल्ड ETF में निवेश जारी रहा।

(डिस्‍क्‍लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। कमोडिटी मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

SOURCE : LIVE HINDUSTAN