Home rss world hindi फ्लाईदुबई कांड के पीछे कौन? UAE खंगालेगा आतंकी साजिश, शुरू की जांच

फ्लाईदुबई कांड के पीछे कौन? UAE खंगालेगा आतंकी साजिश, शुरू की जांच

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Source :- LIVE HINDUSTAN

संयुक्त अरब अमीरातके प्रॉसिक्यूटर जनरल ने बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हुई घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में कॉकपिट के अंदर चाकू से हमले की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यूएई ने इसकी जांच शुरू कर दी है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह सिर्फ कॉकपिट की झड़प थी, या इसके पीछे कोई आतंकी साजिश और पहले से बनी योजना थी। आरोप है कि 30 सितंबर को फ्लाइट FZ1073 के को-पायलट ने विमान को क्रैश करने की कोशिश में पायलट पर चाकू से हमला किया। ऊंचाई अचानक गिरने के बाद बोइंग 737 मैक्स ने पहले आपात कोड 7700 और फिर अवैध हस्तक्षेप का कोड 7500 भेजा। विमान सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतरा गया। फिलहाल दोनों पायलट घायल हैं और अस्पताल में इलाज चल रहा है।

विदेश मंत्रालय के बयान में बताया गया है कि यूएई के अटॉर्नी-जनरल काउंसलर डॉ हमद अल शामसी ने सार्वजनिक अभियोजन के विशेषज्ञ सदस्यों की एक विशेष टीम बनाने का आदेश दिया है। यह टीम घटना की सभी परिस्थितियों, कारणों और पीछे के इरादों की गहराई से जांच करेगी। जांच में खास तौर पर यह देखा जाएगा कि घटना का किसी आतंकवादी गतिविधि या इरादे से कोई संबंध था या नहीं। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि इसमें पहले से कोई योजना बनाई गई थी या किसी ने निर्देश दिए थे।

कानूनी अधिकार क्षेत्र को स्पष्ट करते हुए मंत्रालय ने कहा कि यूएई के न्यायिक अधिकारियों के पास इस मामले की जांच का पूरा अधिकार है। इसकी वजह यह है कि संबंधित विमान यूएई में रजिस्टर्ड है और यूएई के झंडे के नीचे उड़ान भरता है। राष्ट्रीय कानून के तहत, विमान के अंदर किए गए अपराध पर यूएई का कानून लागू होता है, भले ही घटना देश की सीमा से बाहर हुई हो। बयान में जोर दिया गया कि विमान का पंजीकरण और झंडा ही इस मामले में यूएई को जांच का आधार देता है।

दरअसल, यह आदेश फ्लाईदुबई की आधिकारिक घोषणा के बाद आया है। एयरलाइन ने पहले बताया था कि फ्लाइट डेक में झड़प हुई थी और विमान में मौजूद क्रू सदस्यों ने समय पर हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला। उनके हस्तक्षेप से विमान को सुरक्षित लैंडिंग तक पहुंचाया जा सका। मंत्रालय ने कहा कि जांच पूरी होने और अंतिम निष्कर्ष आने तक लोग केवल आधिकारिक स्रोतों की जानकारी और बयानों पर भरोसा करें। अटकलों, अफवाहों या असत्यापित खबरों को फैलाने से बचा जाए, ताकि जांच पर कोई असर न पड़े। यूएई ने सऊदी अरब के अधिकारियों के सहयोग और घटना के दौरान दिए गए सहयोग के लिए आभार भी जताया है। मंत्रालय के अनुसार, सऊदी पक्ष ने विमान की इमरजेंसी लैंडिंग और बाद की कार्रवाई में मदद की, जिससे स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सका।

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बता दें कि 30 सितंबर को बोइंग 737 मैक्स विमान ने उड़ान के दौरान पहले सामान्य आपात कोड 7700 भेजा और उसके बाद अवैध हस्तक्षेप का कोड 7500 प्रसारित किया। ऊंचाई में अचानक गिरावट दर्ज होने के बाद विमान सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतर सका। एयरलाइन का कहना है कि घटना का असली मकसद अभी तक पता नहीं चल सका है और जांच जारी है। जांच पूरी होने तक फ्लाईदुबई ने इजरायल की उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN