Source :- LIVE HINDUSTAN
वीडियो में कैप्टन स्मित कहते हैं कि सिर बहुत दुख रहा है, दर्द हो रहा है। इस दौरान एक यात्री वहां कहते हुए सुना जा सकता है कि तकिया लाकर दो, तकिया दो, जिस पर स्मित कहते हैं कि नहीं मुझे सोना नहीं है।
हमलावर को पायलट ने स्मित मच्छार पर हमला कर दिया, जिसमें वे गंभीर रूप से जख्मी हो गए
भारतीय पायलट स्मित मच्छार ने दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट को क्रैश होने से बचा लिया। दरअसल, जब विमान आसमान में था तब हिंसक घटना हो गई। हमलावर को पायलट ने स्मित मच्छार पर हमला कर दिया, जिसमें वे गंभीर रूप से जख्मी हो गए। इस घटना का पहला वीडियो सामने आया है। इसमें वह हमले में घायल होने की वजह से कह रहे हैं कि उनका सिर बहुत दुख रहा है। दर्द हो रहा है।
वीडियो में कैप्टन स्मित कहते हैं कि सिर बहुत दुख रहा है, दर्द हो रहा है। इस दौरान एक यात्री वहां कहते हुए सुना जा सकता है कि तकिया लाकर दो, तकिया दो, जिस पर स्मित कहते हैं कि नहीं मुझे सोना नहीं है। मेरा हाथ दुख रहा है। पैसेंजर को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि क्या उन्हें पैनाडॉल या फिर पैरासिटामोल मिल सकती है। वीडियो के अनुसार, पैसेंजर कहता है कि आपने प्लेन बचा लिया। उन्होंने हमे किडनैप किया था। हम पायलट की रक्षा की कोशिश कर रहे हैं। उसने (हमलावर) ने पायलट को मारने की कोशिश की थी।
हवाई जहाज हमला मामले में यूएई ने दिए जांच के आदेश
वहीं, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने दुबई से तेल अवीव जा रही ‘फ्लाईदुबई’ की उड़ान में कॉकपिट के भीतर एक पायलट पर हुए चाकू से हमले की घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिये हैं। यूएई के अधिकारी इस बात की गहनता से जांच कर रहे हैं कि क्या यह घटना किसी ‘आतंकवादी गतिविधि’ से जुड़ी है या इसे पहले से नियोजित साजिश के तहत अंजाम दिया गया था।
यूएई के अटॉर्नी-जनरल हमद सैफ अल शम्सी ने बुधवार को फ्लाइट एफजेड 1073 में हुई इस वारदात की जांच के निर्देश दिए हैं। कॉकपिट में हुई इस हिंसक झड़प के बाद विमान को सऊदी अरब के तबूक शहर की ओर मोड़ना पड़ा था। यूएई की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, जांच एजेंसी घटना की परिस्थितियों और इसके पीछे के वास्तविक कारणों की पड़ताल करेगी। यूएई सरकार ने स्पष्ट किया है कि चूंकि यह विमान उनके देश में पंजीकृत है और उसके ध्वज तले इसका संचालन होता है, इसलिए यूएई के कानून के तहत उसके न्यायिक अधिकारियों को इस मामले की सुनवाई और जांच का पूर्ण अधिकार है, भले ही अपराध देश की सीमा से बाहर हुआ हो।
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