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हूतियों का इस्लाम से लेना-देना नहीं, सारे आतंकवादी हैं; मुसलमानों को पाकिस्तानी मौलाना का संदेश

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Source :- LIVE HINDUSTAN

हाफिज मुहम्मद ताहिर महमूद अशरफी पाकिस्तान उलेमा काउंसिल के अध्यक्ष हैं। यह संगठन इस्लामी परंपराओं से जुड़े धार्मिक और कानूनी विद्वानों को साथ लाने और धार्मिक व अंतरधार्मिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया था।

पाकिस्तान के प्रमुख इस्लामी धर्मगुरु हाफिज मुहम्मद ताहिर महमूद अशरफी ने ईरान समर्थित यमनी संगठन अंसार अल्लाह यानी हूतियों को आतंकवादी बताया है। उन्होंने कहा कि उनका इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं है। अशरफी ने सभी मुसलमानों से सऊदी अरब के समर्थन में खड़े होने की अपील की। यह बयान सऊदी अरब के मदीना में आयोजित 2 दिवसीय सम्मेलन के समापन पर दिया गया। अशरफी ने कहा कि हूती सऊदी अरब के दुश्मनों के समर्थन से काम कर रहे हैं और उनके हमले इस्लामी मूल्यों के खिलाफ हैं।

हाफिज मुहम्मद ताहिर महमूद अशरफी पाकिस्तान उलेमा काउंसिल के अध्यक्ष हैं। यह संगठन अलग-अलग इस्लामी परंपराओं से जुड़े धार्मिक और कानूनी विद्वानों को साथ लाने और धार्मिक व अंतरधार्मिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया था। अशरफी हाल में एक ब्रिटिश सम्मान को लेकर भी चर्चा में रहे थे। उन्हें 11 सितंबर को कैंटरबरी के आर्कबिशप डेम सारा मुलाली की ओर से सुलह और अंतरधार्मिक सहयोग के लिए 2026 ह्यूबर्ट वाल्टर पुरस्कार दिया गया था। हालांकि, 17 सितंबर को यह सम्मान वापस ले लिया गया। इसकी वजह 2007 में ओसामा बिन लादेन को लेकर अशरफी की पुरानी टिप्पणी सामने आना बताया गया।

अशरफी ने की थी ओसामा बिन लादेन की तारीफ

रिपोर्ट के मुताबिक, उस समय अशरफी ने ओसामा बिन लादेन की रूस, अमेरिका और ब्रिटेन के खिलाफ लड़ाई की प्रशंसा की थी। ब्रिटेन के टेलीग्राफ ने 24 सितंबर को यह भी रिपोर्ट किया था कि अशरफी ने ऐसे गिरोह का बचाव किया था जिस पर ईशनिंदा के आरोप लगाकर लोगों को ब्लैकमेल करने का आरोप था। मदीना में अपने भाषण में अशरफी ने हूतियों को इस्लाम का असली दुश्मन बताया। उन्होंने 15 सितंबर को मक्का में संभावित खतरे को लेकर सऊदी अरब की ओर से जारी आपात चेतावनी का जिक्र किया और हूतियों पर पवित्र शहरों को निशाना बनाने का आरोप लगाया।

पाकिस्तानियों से अशरफी ने की क्या अपील

अशरफी ने कहा कि यह युद्ध दो देशों के बीच नहीं, बल्कि एक ऐसे आतंकवादी गुट के खिलाफ है जो यमन में बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं को निशाना बना रहा है। सऊदी अरब यमन के लोगों की सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए अरबों डॉलर की मदद करता है, लेकिन हूती इसे स्वीकार नहीं करते। उन्होंने हूतियों पर इस्लाम और फलस्तीन के नाम का इस्तेमाल करने और इसके बावजूद इजरायली जहाजों को रास्ता देने का आरोप भी लगाया। अशरफी ने कहा कि सऊदी अरब के साथ किसी भी टकराव में पाकिस्तान उसके साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। पाकिस्तान की सरकार, सेना, धार्मिक विद्वान और आम लोग सऊदी अरब के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN