Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- कोरोना महामारी के दौरान रोके गए 18 महीने के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) के बकाये को लेकर एक बार फिर हलचल है
- एक बार फिर से इसके भुगतान की मांग की गई है
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए गठित आठवें वेतन आयोग के सामने अलग-अलग संगठन अपनी डिमांड रख रहे हैं। इनमें से कुछ ऐसे डिमांड हैं जो लंबे समय से चर्चा के केंद्र में रहे हैं। ऐसी ही एक डिमांड कोरोना काल के 18 महीने के महंगाई भत्ते/महंगाई राहत (DA/DR) एरियर की है। आइए जानते हैं इसके बारे में।
क्या है मामला?
दरअसल, कोविड-19 महामारी के दौरान साल 2020 की दोनों छमाही यानी जनवरी से जून और जुलाई से दिसंबर तक के डीए बढ़ोतरी को सरकार ने होल्ड कर दिया था। इसके अलावा साल 2021 की पहली छमाही में भी केंद्रीय कर्मचारियों को डीए नहीं बढ़ाया गया था। इस तरह, केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के भत्ते में 18 महीने तक किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं की गई। कोरोना के दौरान रोके गए 18 महीने के महंगाई भत्ते/महंगाई राहत (DA/DR) के बकाये के भुगतान की केंद्रीय कर्मचारी लंबे समय से मांग कर रहे हैं।
हालांकि, केंद्र सरकार ने अलग-अलग समय पर संसद में दिए गए जवाबों में स्पष्ट किया है कि कोविड-19 महामारी के दौरान सरकार की वित्तीय स्थिति पर पड़े दबाव को देखते हुए जनवरी 2020, जुलाई 2020 और जनवरी 2021 की DA/DR की तीन किस्तों को फ्रीज किया गया था। सरकार ने यह भी कहा है कि महामारी के दौरान पैदा हुई असाधारण वित्तीय परिस्थितियों और सरकार की वित्तीय स्थिति को देखते हुए उस अवधि के DA/DR एरियर का भुगतान करना व्यावहारिक नहीं माना गया।
आठवें वेतन आयोग से मांग
हाल ही में उत्तर प्रदेश में रिटायर हो चुके कर्मचारियों और पेंशनभोगियों ने विरोध प्रदर्शन किया और 12 सूत्रीय मांगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाया है। प्रमुख मांग थी कि 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर होने वाले सरकारी कर्मचारियों को भी 8वें वेतन आयोग के दायरे में शामिल किया जाए। संगठन ने मांग की कि रिटायरमेंट की तारीख के आधार पर कोई भेदभाव न किया जाए और पुराने रिटायर लोगों की पेंशन में भी संशोधन किया जाए। उन्होंने पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करने और पेंशन से होने वाली आय को टैक्स से छूट देने की भी मांग की।
अन्य प्रमुख मांगों में 65 साल की उम्र के बाद हर 5 साल में पेंशन में 5% की बढ़ोतरी और 10 साल बाद पेंशन कम्यूटेशन से जुड़ी कटौती को खत्म करना शामिल था। पेंशनभोगियों ने कोविड-19 महामारी के दौरान रोके गए 18 महीने के महंगाई भत्ते/महंगाई राहत (DA/DR) के बकाये के भुगतान की भी मांग की है।
यह भी मांग की गई कि 50% से अधिक महंगाई भत्ते को मूल पेंशन में मिला दिया जाए। संगठन ने वेतन आयोग की प्रक्रिया में देरी का हवाला देते हुए कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनभोगियों के लिए अंतरिम राहत की भी मांग की।
क्या 8वें वेतन आयोग का पैनल इन मांगों पर विचार करेगा?
यह तब पता चलेगा जब 8वां वेतन आयोग केंद्र सरकार को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप देगा। बता दें कि यह 3 सदस्यों वाला आयोग है। यह एक अस्थायी निकाय है। इसकी अध्यक्षता जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था और उम्मीद है कि यह गठन के 18 महीनों के भीतर अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप देगा। ऐसे में 8वें वेतन आयोग की अंतिम रिपोर्ट मई-जून 2027 में पेश किए जाने की उम्मीद है।
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